हरिभूमि-आईएनएच का जिला संवाद : डॉ.महंत का दावा- 2029 में केंद्र और छत्तीसगढ़ में बनेगी कांग्रेस सरकार  - Haribhoomi

हरिभूमि और आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने डॉ. चरणदास महंत से विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

Dr. Himanshu Dwivedi- Dr. Charandas Mahant

हरिभूमि और आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने डॉ. चरणदास महंत से चर्चा की।

  • Published: 07 Aug 2026, 10:44 AM IST
  • Last Updated: 07 Aug 2026, 10:44 AM IST

सक्ती। हरिभूमि और आईएनएच के जिला संवाद कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि राज्यसभा देश का उच्च सदन है और वहां जाने की उनकी इच्छा है। हालांकि, अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान का होगा। उन्होंने कहा कि, वे सांसद, विधायक और मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी और छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस सत्ता में वापसी करेगी। कार्यक्रम के दौरान हरिभूमि और आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने उनसे विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

सवाल: 2024 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा की लहर चल रही थी, तब आपके लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस कैसे जीत गई?
जवाबः जब से मेरे पिता इस क्षेत्र में सक्रिय थे, तभी से हमारा और परिवार का यहां के लोगों से व्यक्तिगत रिश्ता रहा है। यहां न भाजपा है, न कांग्रेस और न बसपा, बल्कि सभी लोगों से हमारे आत्मीय संबंध हैं। जहां तक विधानसभा चुनाव का सवाल है, यदि सरगुजा की सभी सीटें कांग्रेस जीत जाती तो हमारी सरकार बनती।

सवाल: अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को क्या उम्मीदें हैं?
जवाबः कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है। हमें सिर्फ उम्मीद ही नहीं, पूरा विश्वास है कि अगली बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

सवाल: आपका क्षेत्र तो चांपा रहा है, फिर सक्ती कैसे पहुंच गए?
जवाबः  2023 के विधानसभा चुनाव में हाईकमान का निर्देश था कि सभी वरिष्ठ नेताओं को चुनाव लड़ना है। उस समय चांपा, जैजैपुर, चंद्रपुर और सक्ती सीटों पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने चांपा से चुनाव लड़ने का सुझाव दिया। हमने उनकी बात मानी और क्षेत्र की जनता ने हमें अपना आशीर्वाद दिया।

सवाल: क्या सोचकर सक्ती को जिला बनाया गया?
जवाबः सक्ती विधानसभा से चुनाव लड़ने के दौरान ही यहां के लोगों की प्रमुख मांग जिला बनाने की थी। करीब 20 वर्षों से इस दिशा में प्रयास हो रहे थे। चुनाव जीतने के बाद उस वादे को पूरा करना हमारा दायित्व था। अब पूरा प्रयास है कि जिले को विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाए।

सवाल: सरकार बदलने के बाद जिले के विकास पर क्या असर पड़ा?
जवाबः कांग्रेस सरकार ने जिला बनने के साथ ही यहां सभी जरूरी सुविधाओं पर काम शुरू कर दिया था। करीब 800 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत होकर शुरू हो चुके थे। लेकिन पिछले ढाई वर्षों में भाजपा सरकार ने सक्ती जिले को केवल 1 करोड़ 38 लाख रुपये दिए हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत लगभग 100 करोड़ रुपये के कार्य भी निरस्त कर दिए गए। इसका असर विकास पर साफ दिखाई दे रहा है।

सवाल: सक्ती जिला तो बन गया, अब इसके लिए आपके क्या सपने हैं?
जवाबः मैं व्यक्तिगत रूप से कोई सपना नहीं देखता। कार्यकर्ता और जनता जो मांग करते हैं, उन्हें पूरा करने की कोशिश करता हूं। जिले में सड़कों का काम तेजी से चल रहा है। जिला मुख्यालय भवन का निर्माण हो रहा है। मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जहां तक प्रशासनिक भवनों के शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर बनने का सवाल है, वहां आसपास पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं थी, इसलिए ऐसा करना पड़ा।

सवाल: कांग्रेस के पांच साल और भाजपा के ढाई साल के कार्यकाल को किस रूप में देखते हैं?
जवाबः नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद मैंने स्वयं 136 बिंदुओं का प्रस्ताव भाजपा सरकार को दिया था। इस पर चर्चा होनी थी, लेकिन सरकार ने एक भी बिंदु पर जवाब नहीं दिया। पिछले ढाई वर्षों में भाजपा सरकार ने कांग्रेस को कोसने के अलावा कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया।

सवाल: कांग्रेस ने पांच साल सरकार चलाई, फिर 2023 का चुनाव कैसे हार गई?
जवाबःजनता का जनादेश कांग्रेस ने पूरी विनम्रता से स्वीकार किया है। शायद हम सब मिलकर उतनी ईमानदारी और प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सके, यही सबसे बड़ा कारण रहा। लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। ढाई साल बाद राज्य और केंद्र दोनों जगह आपको बदलाव दिखाई देगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। दिल्ली से जो निर्देश आते हैं, उन्हीं के अनुसार काम हो रहा है। भूपेश बघेल सरकार ने अपने स्तर पर निर्णय लिए और विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया।

सवाल: अगले चुनाव में आपको मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाए या राज्यसभा में?
जवाबः महत्वाकांक्षाएं हर व्यक्ति की होती हैं। राज्यसभा देश का उच्च सदन है, इसलिए वहां जाने की इच्छा जरूर है। लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान का होगा और वही मुझे स्वीकार होगा।

सवाल: राज्य गठन के बाद डॉ. रमन सिंह, भूपेश बघेल और विष्णुदेव साय तीन मुख्यमंत्री रहे हैं। तीनों को किस रूप में देखते हैं?
जवाबः डॉ. रमन सिंह के पिता और मेरे पिता सहपाठी रहे हैं, इसलिए उनसे आज भी पारिवारिक और मधुर संबंध है। उन्होंने कई अच्छे काम किए, कुछ गलतियां भी हुई। शायद यही कारण रहा कि 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी। जहां तक विष्णुदेव साय सरकार का सवाल है, उन्हें अभी अपने हिसाब से काम करने का पूरा अवसर ही नहीं मिला है।

सवाल: राज्य गठन के बाद डॉ. रमन सिंह, भूपेश बघेल और विष्णुदेव साय तीन मुख्यमंत्री रहे हैं। तीनों को किस रूप में देखते हैं?
जवाबः डॉ. रमन सिंह के पिता और मेरे पिता सहपाठी रहे हैं, इसलिए उनसे आज भी पारिवारिक और मधुर संबंध है। उन्होंने कई अच्छे काम किए, कुछ गलतियां भी हुई। शायद यही कारण रहा कि 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी। जहां तक विष्णुदेव साय सरकार का सवाल है, उन्हें अभी अपने हिसाब से काम करने का पूरा अवसर ही नहीं मिला है।

सवाल: क्या डॉ. चरणदास महंत अब वानप्रस्थ या संन्यास लेने की तैयारी में है?
जवाबः ऐसा बिल्कुल नहीं है। अभी तो बहुत कुछ सीखना भी है और नई पीढ़ी को सिखाना भी है।

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