भोपाल जेपी अस्पताल में 21 कर्मचारियों की सेवा समाप्ति पर विवाद; प्रशासन के फैसले पर उठ रहे बड़े सवाल| Navbharat Live

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सार

JP Hospital News: भोपाल के जेपी अस्पताल में 15-25 सालों से कार्यरत 21 कर्मचारियों की सेवाएं अचानक समाप्त, कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई से गहराया संकट, कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी।

A controversy has erupted at JP Hospital in Bhopal after the services of 21 employees were terminated, with questions being raised over the administration's decision and the process followed

जेपी अस्पताल में 21 कर्मचारियों की सेवा समाप्त (सोर्स- नवभारत लाइव)

विस्तार

JP Hospital Employee Dismissal: भोपाल के जयप्रकाश (जेपी) जिला चिकित्सालय में रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के माध्यम से कार्यरत 21 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सेवा समाप्ति के आदेश के बाद प्रभावित कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि वर्षों से अस्पताल में सेवाएं देने के बावजूद बिना उचित प्रक्रिया अपनाए उन्हें नौकरी से हटा दिया गया।

22 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार जिला रोगी कल्याण समिति के माध्यम से कार्यरत 21 कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। कर्मचारियों का आरोप है कि 18 जुलाई 2019 के आदेश की गलत व्याख्या कर यह कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि वे पिछले 15 से 25 वर्षों से अस्पताल में कार्यरत थे, लेकिन न तो उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला।

पूरा परिवार इसी नौकरी पर निर्भर था- कर्मचारी

एक कर्मचारी ने बताया कि उसका पूरा परिवार इसी नौकरी पर निर्भर था। अचानक सेवा समाप्त होने से परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि एक आदेश ने उनके भविष्य को अनिश्चित बना दिया है और अब उनके सामने रोजगार का कोई विकल्प नहीं बचा है।

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कलेक्टर के निर्देश पर की गई यह कार्रवाई- सिविल सर्जन

मामले को लेकर जब जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर की गई है। उनके अनुसार, संबंधित कर्मचारी रोगी कल्याण समिति के माध्यम से नियुक्त थे और समिति से जुड़ी व्यवस्था समाप्त होने के कारण उनकी सेवाएं समाप्त करनी पड़ीं। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक निर्णय था और अस्पताल प्रबंधन इस संबंध में स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय नहीं ले सकता।

21 परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा सीधा असर

सेवा समाप्ति से प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि सरकार एक ओर रोजगार उपलब्ध कराने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को अचानक हटाया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस फैसले से 21 परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।

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कुछ कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और उन्हें दोबारा सेवा में नहीं लिया गया तो वे आंदोलन तेज करेंगे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिला प्रशासन इस मामले में आगे क्या निर्णय लेता है और प्रभावित कर्मचारियों को कोई राहत मिलती है या नहीं।

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