मुख्यमंत्री ने हेली/एयर टूरिज्म की शुरुआत की: पटना 2100 में और कैमूर को 6 हजार रूपए में हेलीकॉप्टर से देख सकेंगे, बुकिंग शुरू - Patna News
बिहार की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों को अब आप आसमान से निहार सकेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026’ की शुरुआत कर दी है।
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इसके साथ ही बिहार के पर्यटन को नए पंख लग गए हैं। अब आम आदमी भी बेहद कम खर्च में हवाई सफर का आनंद ले सकेगा। मुख्यमंत्री ने पटना के होटल कौटिल्य विहार से इस सेवा का विधिवत आगाज किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
सेवा की सबसे खास बात इसकी कीमत और समय की बचत है। पटना दर्शन के लिए आपको मात्र 2100 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं, कैमूर की पहाड़ियों और वाल्मीकिनगर के जंगलों की सैर भी अब आसान हो गई है। बुकिंग 13 जुलाई से ही शुरू हो गई है और पहले ही दिन सभी टिकटें बुक हो गईं। पटना के लिए सीटें 26 जुलाई तक फुल हो गई है।
दस मिनट के पटना परिदर्शन में पर्यटक गंगा नदी, जेपी गंगा पथ, तख्त श्रीहरिमंदिरजी समेत शहर के सभी प्रमुख स्थलों का हवाई अवलोकन कर सकेंगे। नियमित उड़ानें 18 जुलाई से हर शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से केवल पर्यटन नहीं बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। ‘होम स्टे’, स्थानीय हस्तशिल्प और ग्रामीण व्यंजनों को इससे नया बाजार मिलेगा। सम्राट ने जनता से अपील की-’बिहार का हर नागरिक राज्य का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर है। जब हमारा हर नागरिक पर्यटन का दूत बनेगा और अपने आतिथ्य से दुनिया का दिल जीतेगा, तो बिहार नई ऊंचाइयों को छुएगा।’

नोट: यात्री अपने साथ 4-5 किलो वजन तक का सामान ले जा सकते हैं। बुकिंग ऑनलाइन (पर्यटन निगम की वेबसाइट) और ऑफलाइन (होटल कौटिल्य विहार काउंटर) दोनों माध्यमों से हो रही है।
जेपी गंगा पथ से हरिहरनाथ मंदिर तक रोपवे की तैयारी सरकार भगवान बुद्ध की भूमि (राजगीर, बोधगया), भगवान महावीर के स्थल (लच्छुआर, वैशाली), बाबा हरिहरनाथ (सोनपुर), मां मुंडेश्वरी मंदिर, वाल्मीकिनगर, भीम बांध, नालंदा विश्वविद्यालय जैसी सांस्कृतिक विरासतों को दुनिया के सामने और मजबूती से लाना चाहती है। जेपी गंगा पथ से सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर तक रोप-वे बनाने की बात सोची जा रही। पटना में दो बड़े होटल बन रहे। इन सबसे राज्य को अच्छी रॉयल्टी मिलेगी।
सरकार इस योजना के लिए दे रही है भारी सब्सिडी हेलीकॉप्टर का सफर महंगा होता है, लेकिन बिहार सरकार इसे आम लोगों तक ले आई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार प्रति टिकट 15,422 रुपए तक की सब्सिडी दे रही है। विभाग केवल हवाई टिकट का पैसा ले रहा है। पर्यटन स्थल पर ठहरने और खाने-पीने का खर्च पर्यटकों को खुद उठाना होगा।
रईसों का शौक अब आम आदमी की पहुंच में 1. लक्जरी से मास टूरिज्म की ओर : आमतौर पर हेली टूरिज्म वीआईपी या अमीरों तक सीमित रहता है। बिहार सरकार ने 15,422 रुपए की बड़ी सब्सिडी देकर इसे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए संभव बना दिया है। यह कदम बिहार में पर्यटन को ‘मास टूरिज्म’ (जन-पर्यटन) में बदल देगा। 2. ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बूस्टर डोज : जब पर्यटक सीधे कैमूर या वाल्मीकिनगर पहुंचेंगे, तो वहां ‘होम स्टे’ चलाने वाले ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। इससे गांवों से होने वाले पलायन को रोकने में मदद मिलेगी और स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल पहचान मिलेगी। बिहार आगे बढ़ेगा। 3. समय की बचत और कनेक्टिविटी : बिहार की सड़कें तो बेहतर हुई हैं, लेकिन दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचने में समय लगता है। एयर कनेक्टिविटी से उन्हें मदद मिलेगी जो कम समय में सैर करना चाहते हैं। पीपीपी मॉडल से भविष्य में यहां विश्वस्तरीय होटलों का निर्माण तेज होगा।