सर, हमारे स्कूल में पक्की छत कब बनेगी? 22 साल बाद जैसलमेर के बच्चों के सवाल का मिला जवाब
Jaisalmer News: राजस्थान के जैसलमेर में कभी पेड़ की छांव में बैठकर पढ़ाई करने वाले बच्चे, फिर वर्षों तक झोपड़ी को अपना स्कूल मानकर भविष्य के सपने बुनते रहे. लेकिन अब इन बच्चों के इंतजार की घड़ियां खत्म हो गई हैं. जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र के संपत नगर स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय 22 JJW को आखिरकार पक्की छत मिल गई है. मंगलवार को 61 लाख 85 हजार रुपये की लागत से बने नए स्कूल भवन का लोकार्पण जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने किया.
लोकार्पण के मौके पर स्कूल परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा. बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई. कार्यक्रम में पूर्व प्रधान मूलाराम चौधरी, मोहनगढ़ मंडल अध्यक्ष योगराज सिंह राजपुरोहित, सुल्तान मंडल अध्यक्ष जगन्नाथ सिंह, शिक्षा विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
14 साल पेड़ के नीचे पढ़े बच्चे
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय 22 JJW की स्थापना वर्ष 2004 में हुई थी. स्कूल शुरू होने के बाद भी बच्चों को पक्की छत वाली कक्षाएं नहीं मिल सकीं. वर्ष 2004 से 2018 तक बच्चे पेड़ों की छांव में बैठकर पढ़ाई करते रहे. गर्मी हो, सर्दी हो या मौसम की मार, बच्चों की पढ़ाई जारी रही. वर्ष 2018 में प्रधानाचार्य गोपी राम सुथार ने स्कूल की जिम्मेदारी संभाली. स्कूल की स्थिति देखकर उन्होंने बच्चों को बेहतर सुविधा दिलाने का संकल्प लिया. ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल परिसर में झोपड़ी तैयार कराई गई. इसके बाद 2018 से 2025 तक बच्चे इसी झोपड़ी में पढ़ते रहे.
शिक्षक की कोशिश रंग लाई
प्रधानाचार्य गोपी राम सुथार ने पक्के भवन के लिए लगातार अधिकारियों से संपर्क किया और ग्रामीणों को भी इस प्रयास से जोड़े रखा. आखिरकार राजस्थान सरकार की ओर से स्कूल भवन निर्माण के लिए 61 लाख 85 हजार रुपये की राशि स्वीकृत हुई और बच्चों का वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया. प्रधानाचार्य ने कहा कि जब वह 2018 में स्कूल आए थे, तब बच्चों को झोपड़ी में पढ़ते देखा था. उन्होंने बच्चों से वादा किया था कि पक्की छत के लिए लगातार प्रयास करेंगे. आज बच्चों के सिर पर पक्की छत देखकर उन्हें बेहद खुशी है.
दूसरे स्कूल देखकर हमारा भी मन करता था
स्कूल के बच्चों ने बताया कि पहले वे झोपड़ी में बैठकर पढ़ते थे. जब दूसरे स्कूलों में पक्के भवन देखते थे तो उनके मन में भी सवाल उठता था कि उनके स्कूल में ऐसी छत कब बनेगी. अब उनका सपना पूरा हो गया है. लोकार्पण के बाद विधायक छोटू सिंह भाटी ने बच्चों के साथ खुशियां साझा कीं और अपने हाथों से उन्हें हलवा खिलाया. बच्चों के चेहरों पर नजर आई मुस्कान 22 साल के लंबे इंतजार के बाद मिली सुविधा की खुशी बयां कर रही थी.
यह सिर्फ एक स्कूल भवन का लोकार्पण नहीं, बल्कि उन बच्चों के संघर्ष और सपनों की जीत है, जिन्होंने पेड़ की छांव और झोपड़ी में बैठकर भी पढ़ाई का सिलसिला नहीं छोड़ा. अब यही बच्चे पक्की छत के नीचे बैठकर अपने भविष्य की नई इबारत लिखेंगे.

जगदीश गोस्वामी
जगदीश गोस्वामी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 साल से अधिक वर्षों का अनुभव है. इन्होंने मीडिया में अपनी शुरुआत प्रिंट मीडिया से की. वहीं, बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. जगदीश राजनीति व सैन्य मुद्दों के साथ ही आम लोगों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी रखते हैं. जगदीश PTI (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया) और हिन्दुस्तान टाइम्स में भी सेवाएं दे चुके हैं. पढ़ने लिखने के साथ ही घूमने का भी शौक रखते हैं. राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री लेने के बाद इन्होंने जर्नलिज्म की पढ़ाई की. इस दौरान इन्होंने नवभारत टाइम्स से डिजिटल मीडिया की शुरुआत की. सच बेधड़क न्यूज़ चैनल में भी इन्होंने काम किया. मीडिया में ज्यादा रुचि जगने के बाद उन्होंने वर्द्धमान खुला विश्वविद्यालय कोटा से मास कॉम में डिग्री हासिल की.
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