बिहार- 22 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी: 18 सितंबर तक ऐसा ही रहेगा मौसम; राज्य की 44 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित - Patna News
बिहार के मौसम का मिजाज फिर से बदलने वाला है। मौसम विभाग ने आज पटना समेत प्रदेश के 22 जिलों यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
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बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। विभाग के मुताबिक, अधिकतम तापमान में अगले 3 दिनों के दौरान बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, कुछ जिलों में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों में बूंदाबांदी हो सकती है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। वहीं, प्रदेश की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम आएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन कर इसकी जानकारी दी है।
PM मोदी के निर्देश पर यह टीम गठित की गई है। बाढ़ से हुई तबाही का आकलन किया जाएगा। 16 सितंबर को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम बिहार आएगी।

बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम
सुपौल में करीब एक घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद राघोपुर में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर NH-27 (फोरलेन) और NH-106 पर 2 फीट तक पानी भर गया। अररिया और पटना के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश हुई।
वहीं, सारण के बनियापुर में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। अचानक हुई बारिश के दौरान खेत में मवेशी चरा रहे लोगों पर बिजली गिर गई।
बिहार में मौसम की कुछ तस्वीरें देखिए…

दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के निस्ता गांव में सोमवार शाम बिजली के 11 हजार वोल्ट के तार पर ठनका गिरने से तार टूट गया।

सुपौल में एक घंटे की तेज बारिश के बाद NH पर 2 फीट तक पानी भर गया।

लखीसराय में सोमवार को तेज बारिश हुई।
बिहार में बाढ़ की क्या है स्थिति, जानिए…
बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। वहीं, प्रदेश की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
वहीं, कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल गंगा क्रूज भागलपुर में छह दिनों से फंसा हुआ है। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण क्रूज की रफ्तार थम गई है।
यह क्रूज 5 सितंबर को विक्रमशिला सेतु पार कर भागलपुर पहुंचा था और 6 सितंबर से गंगा में लंगर डालकर खड़ा है। जहाज में सवार 9 विदेशी समेत 11 पर्यटकों को निकाल लिया गया है।
इधर, खगड़िया में नहाने के दौरान दो भाई डूब गए, जिससे दोनों की मौत हो गई। वहीं, बेगूसराय में बाढ़ के पानी में डूबने से एक कंपाउंडर की मौत हो गई।
बिहार में बाढ़ की तस्वीरे देखिए…

कोलकाता से वाराणसी जा रहा था राजमहल गंगा क्रूज।

खगड़िया में बोट पर अस्पताल बनाकर बाढ़ पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है।

खगड़िया में दो भाइयों की डूबने से मौत हो गई।

बेगूसराय का सिमरिया घाट जलमग्न है। यहां हर दिन सैकड़ों शव जलते रहे हैं।
आगे कैसा रहेगा मौसम…
- 16 सितंबर: उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में हल्की बारिश हो सकती है। पटना, वैशाली, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, जहानाबाद, नवादा और गया में भी कुछ जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।
- 17 सितंबर: कुछ इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। पटना में दिनभर बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। नालंदा और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। उत्तर बिहार के दरभंगा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं।
- 18 सितंबर: पटना समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। पटना में एक-दो बार बारिश होने की संभावना है। नालंदा में भी गरज के साथ बारिश हो सकती है। उत्तर बिहार के कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश के आसार हैं।
राज्य में अब भी 35% कम बारिश
बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश की कमी बनी हुई है। राज्य में अब तक 883 MM बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 571.9 MM बारिश ही हुई है। यह औसत से 35% कम है।
पिछले 24 घंटे में किशनगंज में 75 MM, कटिहार में 38 MM, बांका में 36.6 MM, पूर्णिया में 29 MM और मुंगेर में 26 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है।

मौसम विशेषज्ञ ने बताया बारिश का कारण
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, मानसून ट्रफ नलिया, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उत्तरी गुजरात के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र से होते हुए राजगढ़, दमोह, पेंड्रा रोड, राउरकेला और दीघा से होकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है।
इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।