थाली रखने जाती थीं छात्राएं, किचन में कर्मचारी करता था गंदी हरकत, एक ने आवाज उठाई तो 22 ने खोला राज
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहपुर तालुका स्थित एक आदिवासी बोर्डिंग स्कूल से बेहद गंभीर मामला सामने आया है. महाराष्ट्र सरकार के जनजातीय विकास विभाग द्वारा संचालित इस स्कूल में काम करने वाले एक कर्मचारी पर नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ और अनुचित तरीके से छूने के आरोप लगे हैं. हैरानी की बात यह है कि आरोपी कर्मचारी पर इससे पहले भी एक आदिवासी बोर्डिंग स्कूल में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप लग चुका था और उस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था. आरोपी की पहचान 35 वर्षीय गणपत गावली के रूप में हुई है. वह शाहपुर तालुका के तेम्भे स्थित आदिवासी बोर्डिंग स्कूल में रसोई में हेल्पर के तौर पर काम कर रहा था. इस स्कूल में कक्षा छह से लेकर कक्षा दस तक की छात्राएं पढ़ती हैं. करीब 22 छात्राओं ने गणपत गावली पर अनुचित तरीके से छूने और छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए हैं.
मामला 24 अगस्त को सामने आया. एक छात्रा ने स्कूल की हेडमिस्ट्रेस के सामने गणपत गावली के खिलाफ शिकायत की. छात्रा की शिकायत के बाद स्कूल की 21 और छात्राएं भी सामने आईं. इन छात्राओं ने लिखित शिकायत दी और गणपत गावली पर उनके साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए. छात्राओं के मुताबिक, जब वे खाना खाने के बाद अपनी प्लेट और बर्तन रसोई में रखने जाती थीं, तब गणपत गावली उन्हें कथित तौर पर अनुचित तरीके से छूता था. छात्राओं ने शिकायत में बताया कि जब वह उनके पास से गुजरता था या उनसे बर्तन लेता था, उस दौरान भी वह कथित तौर पर उन्हें गलत तरीके से छूता था.
छात्राओं की शिकायत में यह भी कहा गया कि उन्होंने पहले स्कूल के सुपरिंटेंडेंट से इस बारे में शिकायत की थी. आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय सुपरिंटेंडेंट कुछ छात्राओं पर नाराज हुए और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया. एक पीड़ित छात्रा ने बताया कि आरोपी उसे छूता था. छात्रा के मुताबिक, उसने उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को अनुचित तरीके से छुआ और दूसरी छात्राओं के साथ भी ऐसा किया. छात्रा ने बताया कि उसने आरोपी को पुलिस में शिकायत करने की बात कही थी. पीड़ित छात्रा के अनुसार, जब उसने आरोपी से कहा कि वह पुलिस से शिकायत करेगी तो उसने कथित तौर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया और वहां से चला गया. छात्रा ने यह भी बताया कि इस तरह की घटना करीब एक महीने से हो रही थी. उसका कहना है कि स्कूल की मैडम से शिकायत करने के बावजूद पहले उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया. छात्रा ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
सम्बंधित ख़बरें
आदिवासी आश्रम स्कूल में 22 छात्राओं के आरोप से हड़कंप
इस मामले में सबसे गंभीर बात आरोपी गणपत गावली का पिछला रिकॉर्ड बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2024 में भी एक दूसरी आदिवासी बोर्डिंग स्कूल में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में गणपत गावली के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. उस मामले में उसे POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था. इसके बावजूद बाद में उसे जमानत मिल गई और उसकी निलंबन कार्रवाई भी वापस ले ली गई. इसके बाद उसे एक दूसरे आदिवासी बोर्डिंग स्कूल में नौकरी पर फिर से नियुक्त कर दिया गया. जिस स्कूल में उसकी दोबारा तैनाती हुई, वहां भी नाबालिग छात्राएं पढ़ती थीं.
यही सवाल अब सामने आया है कि पहले से POCSO मामले में आरोपी रह चुके कर्मचारी को दोबारा ऐसे स्कूल में तैनाती कैसे मिली, जहां बड़ी संख्या में नाबालिग छात्राएं रहती और पढ़ती हैं. इस मामले को लेकर आजतक ने शाहपुर स्थित इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट यानी ITDP कार्यालय के अधिकारियों से भी सवाल किया. अधिकारियों से पूछा गया कि जब गणपत गावली पर वर्ष 2024 में दूसरी आदिवासी बोर्डिंग स्कूल की नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप लगा था और उसे POCSO मामले में गिरफ्तार किया गया था, तो जमानत के बाद उसकी निलंबन कार्रवाई वापस लेकर उसे फिर से दूसरे आदिवासी बोर्डिंग स्कूल में क्यों नियुक्त किया गया. शाहपुर ITDP के शिक्षा विभाग का प्रभार संभाल रहे असिस्टेंट ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर बीआर जाधव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पहले उसका निलंबन असिस्टेंट ट्राइबल कमिश्नर के कार्यालय की ओर से वापस लिया गया था. अब नाबालिग छात्राओं की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है.
2024 में भी POCSO केस में गिरफ्तार हुआ था कर्मचारी
छात्राओं की शिकायत के बाद पुलिस ने गणपत गावली के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस ने उसे POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है. शाहपुर के सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर विशाल नागरगोजे से भी मामले को लेकर जानकारी ली गई. जनजातीय विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है. साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा है कि आदिवासी बोर्डिंग स्कूलों में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. फिलहाल 22 छात्राओं की शिकायत के बाद सामने आए इस मामले ने स्कूलों में नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है.
---- समाप्त ----
ये भी देखें
