बिहार में 222 दिनों में मिले 58,585 म्यूल अकाउंट: मनी लॉन्ड्रिंग का नया नेटवर्क... गया में 4,275 और नालंदा में 3,724 खाते चिह्नित - Patna News

पटना42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देशभर में होने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी गेमिंग ऐप और डिजिटल फ्रॉड के पैसे खपाने के लिए बिहार साइबर अपराधियों की पहली पसंद बन गया है। 2026 में जनवरी से 10 अगस्त के बीच राज्य में कुल 58,585 लेयर-1 लाउंड्रिंग बैंक खाते चिन्हित किए गए हैं। लेयर-1 वे बैंक खाते होते हैं, जिनमें देश के किसी भी हिस्से से साइबर ठगी का पहला पैसा सीधे ट्रांसफर होता है। साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (सीसीएसयू) की हाल की कार्रवाई में खुलासा हुआ कि अब लाउंड्रिंग अकाउंट का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भी किया जा रहा है।

पटना मनी लॉन्ड्रिंग की पहली सीढ़ी... छात्रों से खुलवाते हैं खाते

पटना साइबर सिंडिकेट का सबसे बड़ा ट्रांजिट प्वाइंट बन गया है। पटना जिले में लेयर-1 के 9,543 खाते मिले हैं। यह राज्य के कुल लाउंड्रिंग खातों का 16.3% है। बोरिंग रोड, कंकड़बाग, नया टोला और बाजार समिति जैसे कोचिंग व हॉस्टल हब में दलाल सक्रिय हैं। ये छात्रों और बेरोजगार युवाओं को 5 से 10 % कमीशन का लालच देते हैं। उनके पहचान पत्र से खाते खुलवाए जाते हैं। अगस्त महीने में ही सीसीएसयू की टीम ने बिहटा से कुमार आर्यन नाम के युवक को गिरफ्तार किया था।

वह साइबर शातिरों को लाउंड्रिंग खाते उपलब्ध कराता था। इन खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भी होता था। पिछले दिनों एसके पुरी थाने की पुलिस ने गौरव नाम के युवक को गिरफ्तार किया। उसके क्रिप्टो वॉलेट से शुरुआती जांच में 18 लाख रुपए का लेनदेन मिला है। गौरव के पास भी कई लाउंड्रिंग अकाउंट मिले हैं। मामला मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ रहा है।

पटना के बाद गया, नालंदा, औरंगाबाद और भागलपुरॉ

बिहार के हर जिले में लाउंड्रिंग अकाउंट खुल रहे हैं। छोटे शहरों में शातिर गरीब लोगों को पैसे और सरकारी योजनाओं का लालच देकर खाते खुलवा रहे हैं। जांच में पटना के बाद सबसे अधिक लाउंड्रिंग अकाउंट गया में 4,275 मिले हैं। नालंदा में 3,724, औरंगाबाद में 2,630 और भागलपुर में 2,414 खाते मिले हैं।

बेतिया-मोतिहारी तक खाते, सीमावर्ती जिलों में नेटवर्क

नेपाल सीमा से सटे जिलों में भी कमीशन पर खाते खुलवाने और लेयरिंग का बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। बेतिया (पश्चिम चंपारण) में 2,336 और मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में 1,891 खाते मिले हैं। दोनों सीमावर्ती जिलों को मिलाकर 4,227 लाउंड्रिंग खाते पाए गए हैं। भागलपुर में 2,414 और मुजफ्फरपुर में 1,949 खाते मिले हैं।

.