23 साल के नए सितारे ने छीना नीरज चोपड़ा का गोल्ड, कौन है जैवेलिन का नया किंग, भारत का टूटा सपना
Published: Saturday, August 1, 2026, 10:21 [IST]
Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवेलिन थ्रो स्पर्धा में भारत को गोल्ड मेडल तो नहीं मिला लेकिन भारतीय एथलीटों ने डबल मेडल जीतकर तिरंगा ऊंचा रखा है। हर किसी की नजरें स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा पर थीं, लेकिन वह गोल्ड हासिल नहीं कर पाए और 85.83 मीटर के अपने इस सीजन के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। वहीं, भारत के ही युवा थ्रोअर यशवीर सिंह ने आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो फेंककर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
नीरज और अरशद नदीम जैसे दिग्गजों को पछाड़ते हुए श्रीलंका के 23 वर्षीय रुमेश थारंगा पतिरागे ने 89.75 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। वह CWG के इतिहास में एथलेटिक्स का गोल्ड जीतने वाले श्रीलंका के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
आखिर कौन हैं रुमेश थारंगा, जिन्होंने नीरज चोपड़ा के गोल्ड का सपना तोड़ दिया और रातों-रात दुनिया के सबसे चर्चित जैवलिन थ्रोअर बन गए? आइए जानते हैं।
कभी तेज गेंदबाज बनने का था सपना
श्रीलंका के कालूतरा में पले-बढ़े रुमेश थारंगा का शुरुआती सपना क्रिकेटर बनना था। सेंट पीटर्स कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वह अपनी तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे और 130 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे।
हालांकि उनके पिता खुद डिस्क थ्रो और शॉटपुट एथलीट रहे थे। पिता की सलाह पर रुमेश ने 2017 में क्रिकेट छोड़ भाला थाम लिया। शुरुआत में उन्होंने डिस्क थ्रो आजमाया, लेकिन जल्द ही जैवलिन थ्रो को अपना मुख्य खेल बना लिया।
2026 सीजन का सबसे बड़ा सनसनीखेज चेहरा
ग्लासगो में रुमेश की जीत कोई इत्तेफाक नहीं थी। साल 2026 में उन्होंने जिस तरह की लय दिखाई है, उसने बड़े-बड़े दिग्गजों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. रोम डायमंड लीग में उन्होंने 92.62 मीटर का भाला फेंका था। इस पूरे सीजन में 90 मीटर का आंकड़ा पार करने वाले वह दुनिया के इकलौते एथलीट हैं। मार्च 2026 में 89.37 मीटर का थ्रो फेंककर उन्होंने श्रीलंका का नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। CWG से ठीक पहले वह पर्थ ट्रैक क्लासिक, केन्या का किप केइनो क्लासिक, ओस्ट्रावा और दोहा डायमंड लीग में भी अपनी धाक जमा चुके थे।
ऑस्ट्रेलियाई कोचिंग से सुधरी तकनीक
रुमेश की इस सफलता के पीछे ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज कोच माइक और केल्सी बार्बर की मेहनत है। क्वींसलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में ट्रेनिंग लेकर उन्होंने अपनी तकनीक को निखारा, जिसकी बदौलत वह हर बड़े टूर्नामेंट में लगातार 88+ मीटर के थ्रो फेंक रहे हैं।
अब एशिया में दिखेगी नई जंग
अब तक जैवलिन में मुख्य मुकाबला नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम के बीच माना जाता था। लेकिन रुमेश थारंगा के आने से यह जंग अब त्रिकोणीय हो चुकी है। आगामी एशियाई खेलों में अब इन तीनों दिग्गजों के बीच फिर से कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।