एयर इंडिया टर्बुलेंस: कॉकपिट में कहासुनी, फुकेट में पार्टी! पायलट के 24 घंटों की कहानी

Aug 12, 2026 06:44 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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इस पूरी घटना के पीछे कॉकपिट में पायलट-इन-कमांड (PIC) के अनियंत्रित रवैये, क्रू के साथ विवाद और उनके गांजे के डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि ने भारतीय सिविल एविएशन सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है।

Air India flight Turbulence

फुकेट से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में भीषण टर्बुलेंस के बाद अंदर का दृश्य, जिसमें कई यात्री घायल हो गए।

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 में 4 अगस्त 2026 को हवा में अचानक आए टर्बुलेंस और 300 फीट के ड्रॉप मामले में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हादसे में 20 यात्री और 4 केबिन क्रू मेंबर्स सहित कुल 24 लोग घायल हुए थे।

इस पूरी घटना के पीछे कॉकपिट में पायलट-इन-कमांड (PIC) के अनियंत्रित रवैये, क्रू के साथ विवाद और उनके गांजे के डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि ने भारतीय सिविल एविएशन सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है।

कैसे थे फ्लाइट से पहले पायलट के 24 घंटे?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना से 24 घंटे पहले से ही कॉकपिट और क्रू के बीच तनाव की स्थिति बन रही थी।

फुकेट जाते वक्त पायलट-इन-कमांड (PIC) जब वॉशरूम गए, तो नियमों के तहत एक केबिन अटेंडेंट को कॉकपिट में पायलट की सीट पर बैठने को कहा गया। केबिन अटेंडेंट को सीट एडजस्ट करने में दिक्कत हुई, जिस पर पायलट ने उन्हें फटकार लगा दी।

फुकेट में लगभग 24 घंटे से कम के लेओवर के दौरान पायलट ने अपनी डांट की भरपाई करने के लिए क्रू के लिए एक पार्टी रखी।

वापसी यानी फुकेट से दिल्ली की फ्लाइट पर वही केबिन अटेंडेंट इस कदर असहज थी कि उसने क्रू-इन-चार्ज से गुजारिश की कि उसे विमान के पिछले हिस्से में ड्यूटी दी जाए, ताकि वह कॉकपिट से दूर रह सके।

उस दिना हवा में क्या हुआ?

4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रहे एयरबस A320 विमान (पंजीकरण VT-EXO) में उड़ान के लगभग ढाई घंटे बाद (ओडिशा के ऊपर 36,000 फीट की ऊंचाई पर) अचानक 300 फीट की गिरावट आई।

हादसे के वक्त पायलट-इन-कमांड कथित तौर पर अपनी सीट पर बैठने के बजाय को-पायलट की सीट के पीछे खड़े होकर आगे की ओर झुके हुए थे।

अचानक हुए इस मूवमेंट की वजह से कॉकपिट में खड़े पायलट और ढीले सामान हवा में तैरने लगे। केबिन में जिन यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने सीट बेल्ट नहीं बांधी थी, वे सीधे छत से जा टकराए।

घटना के तुरंत बाद पायलट फर्श पर बैठे देखे गए और कथित तौर पर उन्होंने उड़ान के दौरान धूम्रपान करने की कोशिश की, जिसके बाद केबिन क्रू ने उन्हें संभालकर सीट पर बैठाया। इसके बाद को-पायलट ने तुरंत विमान का मैनुअल कंट्रोल लिया और फ्लाइट को स्थिर कर दिल्ली में सुरक्षित लैंड कराया।

डोप टेस्ट में गांजे की पुष्टि

दिल्ली उतरने के बाद DGCA और उड्डयन मंत्रालय के आदेश पर दोनों पायलटों का साइकोएक्टिव सब्सटेंस (Dope) टेस्ट कराया गया। पायलट-इन-कमांड का शुरुआती टेस्ट 'नॉन- नेगेटिव' (संदेहास्पद) आया। सैंपल को लैब भेजने के बाद रिपोर्ट में पायलट के गांजा लेने की आधिकारिक पुष्टि हो गई है।

क्या कार्रवाई हो रही है?

DGCA ने पायलट-इन-कमांड और को-पायलट दोनों को तुरंत प्रभाव से फ्लाइट ड्यूटियों से हटा दिया है। इस पूरे हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कर रहा है। तकनीकी जांच में मदद के लिए फ्रांस की विमानन सुरक्षा एजेंसी BEA और एयरबस की टीम भी शामिल हो चुकी है।

जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या विमान में ट्रिपर हाइड्रोलिक फेलियर या ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट जैसी कोई तकनीकी खराबी आई थी या यह पूरी तरह से 'ह्यूमन एरर' और नशे की हालत में विमान उड़ाने का मामला है।

नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस घटना पर एयर इंडिया प्रबंधन के साथ समीक्षा बैठक की है और कहा है कि विमानन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।