मुंबई में ऑनलाइन ठगी का बड़ा कहर: भोईवाड़ा थाने में 24 घंटे में दर्ज हुए 24 मामले; डॉक्टर व कर्मचारी बने शिकार| Navbharat Live
Updated On: Jul 21, 2026 | 10:01 AM IST
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सार
Mumbai Cyber Crime: मुंबई के भोईवाड़ा थाने में 24 घंटे के भीतर साइबर क्राइम के 24 मामले दर्ज। फर्जी एपीके फाइल और कस्टमर केयर नंबरों के जरिए ठगों ने लाखों रुपये उड़ाए।

मुंबई में ऑनलाइन ठगी (फोटो सोर्स: AI)
विस्तार
Mumbai Fake APK File Online Fraud: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ऑनलाइन घोटालों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। सिर्फ भोईवाड़ा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर साइबर धोखाधड़ी के 24 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इन घोटालों ने गृहिणियों, डॉक्टरों, नर्सों, सरकारी कर्मचारियों और व्यवसायियों सहित समाज के हर वर्ग को अपना शिकार बनाया है। जालसाज फर्जी ग्राहक सेवा नंबरों, दुर्भावनापूर्ण एपीके फ़ाइलों, फर्जी केवाईसी अपडेट्स और नकली गूगल विज्ञापनों का इस्तेमाल करके लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं।
इन मामलों में ठगी के कई नए और खतरनाक तरीके सामने आए हैं। एक महिला ने पार्सल न मिलने पर इंटरनेट से ब्लिंकइट का फर्जी कस्टमर केयर नंबर लेकर संपर्क किया और उनके द्वारा भेजी गई एपीके फाइल इंस्टॉल करते ही 1 लाख गंवा दिया। इसी तरह, कोलाबा की एक टाटा हॉस्पिटल की डॉक्टर को संदिग्ध फ़ाइल खोलने पर 4.95 लाख का भारी नुकसान हुआ है। भारत पेट्रोलियम कंपनी में कार्यरत एक अकाउंटेंट द्वारा ऑनलाइन
एसी मैकेनिक की तलाश, गैस बिल अपडेट, पुराना फर्नीचर बेचने और डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक करने जैसे साधारण कामों के दौरान भी लोगों को फर्जी लिंक और एपीके फ़ाइलों के जरिए लाखों रुपये का चूना लगाया गया।
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नागरिक बरतें सतर्कता
साइबर पुलिस के अनुसार, ठग फर्जी विज्ञापनों और लिंक का सहारा लेकर पीड़ितों के मोबाइल फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते हैं जिससे उन्हें बिना सहमति के बैंक खातों से लेन-देन करने की अनुमति मिल जाती है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए मुंबई पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी मैसेजिंग एप पर आई एपीके फाइल को डाउनलोड न करें और ग्राहक सेवा नंबरों की पुष्टि हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से ही करें। इसके अलावा, किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या पिन साझा न करने का सख्त सुझाव दिया गया है।
