ज्ञान भारतम् मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान: 26,158 पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन, औरंगाबाद को राज्य में मिला छठा रैंक - Aurangabad (Bihar) News
औरंगाबाद समाहरणालय स्थित योजना भवना के सभाकक्ष में सोमवार को समारोह आयोजित हुआ। जिसमें जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने "ज्ञान भारतम् मिशन" के अंतर्गत पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटाइजेशन कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों और पांडुलिप
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इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिले में इस अभियान की सफलता प्रशासन, अधिकारियों और स्थानीय संरक्षकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

पांडूलिपि को संरक्षित रखने के लिए किया गया सम्मानित।
15 मार्च से 15 जून तक चला विशेष अभियान
"ज्ञान भारतम् मिशन" के तहत जिले में 75 साल या उससे अधिक पुराने हस्तलिखित दस्तावेजों और पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन कराया गया। इस अभियान के दौरान कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा, धातु और अन्य पारंपरिक माध्यमों पर लिखी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की पांडुलिपियों को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किया गया।
15 मार्च से 15 जून तक चले इस विशेष अभियान में औरंगाबाद जिले में कुल 26,158 हस्तलिखित दस्तावेजों एवं पांडुलिपियों का सफलतापूर्वक डिजिटाइजेशन किया गया। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के आधार पर राज्यस्तरीय सर्वेक्षण में औरंगाबाद को छठा स्थान प्राप्त हुआ।
अभियान का उद्देश्य देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा, प्राचीन ग्रंथों और ऐतिहासिक अभिलेखों का संरक्षण कर उन्हें भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है, ताकि भविष्य में उनका शोध, अनुवाद और प्रकाशन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा सके।
पदाधिकारियों के साथ दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षकों को भी मिला सम्मान
समारोह में जिला पदाधिकारी ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तिखार अहमद, दाउदनगर के अनुमंडल पदाधिकारी अमित राजन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।
इसके अलावा जिले में उपलब्ध दुर्लभ एवं ऐतिहासिक पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटाइजेशन में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले 13वें सज्जादा नशीन सैयद शाह हसनैन कादरी, सैय्यद मोहम्मद हुसैन कादरी, वरिष्ठ साहित्य एवं इतिहास प्रेमी डॉ. उपेन्द्र कश्यप, बाबा बिहार दास संगत के अध्यक्ष डॉ. प्रो. राजेन्द्र प्रसाद सर्राफ, एस.एम.ए. सबा कादरी, पीर सैयद शाह मंजर अली कादरी, सत्येन्द्र नारायण सिंह और नरेन्द्र प्रताप सिंह को भी मोमेंटो एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया।