26 वर्षों से शिवभक्ति की मिसाल : कुरूद से 275 काँवरियों का जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम रवाना, 105 किमी पैदल चलकर करेंगे जलाभिषेक - Haribhoomi
कुरूद से बोल बम सेवा समिति की 26वीं बाबा बैद्यनाथ धाम काँवर यात्रा में 275 श्रद्धालु रवाना हुए। सुल्तानगंज से 105 किमी पैदल यात्रा कर बाबा धाम में जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़ यात्रा के लिए निकले कांवड़िये
- Published: 01 Aug 2026, 06:46 PM IST
- Last Updated: 01 Aug 2026, 06:46 PM IST
यशवंत गंजीर- कुरूद। बोल बम सेवा समिति कुरूद की ओर से 26 वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही बाबा बैद्यनाथ धाम काँवर यात्रा के तहत इस वर्ष 275 श्रद्धालुओं का जत्था शनिवार को रवाना हुआ। दोपहर 2 बजे केनाल रोड स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यात्रा प्रारंभ हुई।
जहां 130 श्रद्धालु तीन वातानुकूलित बसों से तथा 145 से अधिक श्रद्धालु ट्रेन के माध्यम से बाबा धाम के लिए निकले। यात्रा के दौरान जत्था मां चंडी मंदिर और जलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचा, जहां विधायक अजय चंद्राकर एवं नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर ने काँवरियों का स्वागत कर मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
26 वर्षों से निभा रही शिवभक्ति की परंपरा
समिति अध्यक्ष भानु चंद्राकर ने बताया कि बोल बम सेवा समिति पिछले 26 वर्षों से लगातार यह धार्मिक यात्रा आयोजित कर रही है। अब तक 10 हजार से अधिक शिवभक्तों को बाबा बैद्यनाथ धाम की काँवर यात्रा कराई जा चुकी है। पिछले वर्ष यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर समिति ने रजत जयंती वर्ष भी मनाया था। उन्होंने कहा कि शिवभक्ति, सनातन संस्कृति और सेवा का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
सुल्तानगंज से पैदल तय करेंगे 105 किलोमीटर का सफर
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार सावन के प्रथम सोमवार 3 अगस्त को सभी श्रद्धालु सुल्तानगंज में गंगा नदी से पवित्र जल भरकर 105 किलोमीटर की पैदल काँवर यात्रा प्रारंभ करेंगे। चार दिनों की पदयात्रा के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद श्रद्धालु बासुकीनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक कर अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण करेंगे।
वापसी के बाद पूरे सावन होंगे धार्मिक आयोजन
समिति के सदस्यों की घर वापसी शुक्रवार को होगी। इसके बाद बोल बम सेवा समिति द्वारा पूरे सावन माह में केनाल रोड स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में प्रत्येक सोमवार विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। वहीं 16 एवं 17 अगस्त को दो दिवसीय भव्य संगीत संध्या का आयोजन भी प्रस्तावित है। समिति वर्षों से सावन माह को धार्मिक उत्सव के रूप में मनाते हुए समाज में शिवभक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देती आ रही है।
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