फर्जी सिम से 28 लाख की ठगी, एजेंट गिरफ्तार: शिवपुरी में 12 नंबरों से 23 साइबर फ्रॉड हुए; पोर्ट के नाम पर लिए थे दस्तावेज - Shivpuri News
शिवपुरी की दिनारा पुलिस ने ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत फर्जी तरीके से सिम जारी करने वाले पीओएस एजेंट अभिषेक यादव (26) को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक महिला के आधार, फोटो और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर उसकी जानकारी के बिना सिम ए
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इनमें करीब 28 लाख 32 हजार 319 रुपए की ठगी सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर साइबर फ्रॉड से जुड़ी पूरी कड़ी की जांच शुरू कर दी है।
सिम पोर्ट कराने के नाम पर लिए दस्तावेज पुलिस ने दिनारा क्षेत्र के पीओएस एजेंटों की एक्सल शीट की जांच की थी। इसमें ग्राम दावरदेही निवासी अभिषेक यादव की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं।
जांच में सामने आया कि अभिषेक नई सिम जारी करने और सिम पोर्ट कराने का काम करता था। इसी दौरान उसने उर्मिला अहिरवार के दस्तावेज लिए थे।
उर्मिला ने बताया कि अभिषेक ने सिम पोर्ट कराने की बात कहकर उसका आधार कार्ड, फोटो और फिंगरप्रिंट लिया था। उसने एक महीने का रिचार्ज फ्री मिलने की बात भी कही थी।
महिला के नाम पर सिम, इस्तेमाल कोई और कर रहा था पुलिस को एयरटेल नंबर 8962733982 से अलग-अलग राज्यों में साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिली थीं। दस्तावेजों की जांच में यह नंबर उर्मिला अहिरवार के नाम पर दर्ज मिला।
पुलिस ने उर्मिला से पूछताछ की। उसने बताया कि न तो वह और न ही उसके परिवार का कोई सदस्य इस नंबर का इस्तेमाल करता है।
इसके बाद पुलिस ने सिम जारी करने की प्रक्रिया की जांच की। इसमें अभिषेक की भूमिका सामने आई।
डिस्ट्रीब्यूटर को दे दी सिम पुलिस के मुताबिक, अभिषेक ने 1 अप्रैल 2026 को उर्मिला के दस्तावेजों पर सिम जारी की थी। आरोप है कि उसने महिला की जानकारी के बिना सिम एक्टिवेट कर दी।
सिम महिला को देने के बजाय उसने अपने डिस्ट्रीब्यूटर अरविंद लोधी निवासी छितीपुर को दे दी।
12 सिम से 23 साइबर फ्रॉड पुलिस की जांच में अभिषेक द्वारा जारी 12 संदिग्ध सिम सामने आईं। इन सिमों का इस्तेमाल कर 23 साइबर फ्रॉड किए गए।
इन मामलों में कुल 28 लाख 32 हजार 319 रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। पुलिस अब इन सभी मामलों में सिम का इस्तेमाल करने वाले लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
इन धाराओं में केस दर्ज दिनारा पुलिस ने अभिषेक यादव के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 316(2), आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(ई), 42(6) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस फर्जी सिम से जुड़े अन्य लोगों और साइबर फ्रॉड की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।