3 साल में स्कूलों के कायाकल्प का प्लान: जर्जर स्कूलों को सरकारी मजबूती; 12500 करोड़ का रोडमैप, 3587 नए भवन बनेंगे - Jaipur News
प्रदेश के जर्जर सरकारी स्कूल भवनों और कमजोर आधारभूत ढांचे को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने 12,500 करोड़ रुपए का तीन वर्षीय रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत 3,587 नए विद्यालय भवनों पर 2,487.75 करोड़ रुपए और 83,783 नए कक्षा-कक्षों पर 8,378.30 करोड़ रुपए
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष निर्देश पर प्रदेश के सभी 41 जिलों में जिला कलेक्टरों के माध्यम से राजकीय विद्यालय भवनों का तकनीकी सर्वे कराया गया। इसमें सामने आई जरूरतों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक चरणबद्ध और समयबद्ध योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों को सुरक्षित, सुविधायुक्त, आधुनिक, समावेशी और तकनीक-सक्षम शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना है। पिछली सरकार ने पांच साल में स्कूली आधारभूत ढांचे पर 2200 करोड़ रुपए खर्च किए थे।
दीर्घकालीन योजना के साथ तत्काल काम भी शुरू किए गए हैं। वर्तमान में 3,006.34 करोड़ रुपए के विद्यालय विकास कार्य स्वीकृत अथवा निविदा और क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें 518 नए विद्यालय भवनों के लिए 620 करोड़ रुपए के काम स्वीकृत अथवा निविदा प्रक्रिया में हैं, जबकि 181 भवनों का निर्माण शुरू हो चुका है।
अब विधायक निधि का 20% भी शिक्षा पर
894 नए विद्यालय भवनों के लिए 600 करोड़ रुपए के प्रस्ताव की दिशा में नाबार्ड/वित्त विभाग से ऋण स्वीकृति प्राप्त कर प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं 2,906 नए कक्षा-कक्षों के लिए 300 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत एवं गतिमान हैं। मेजर रिपेयर एवं सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 550 करोड़ तथा शैक्षणिक, आवासीय एवं विशेष सुविधाओं के लिए 936.34 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- प्रत्येक विधायक की सालाना 5 करोड़ रुपए की निधि में से 20 प्रतिशत राशि स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं पर खर्च करने का भी निर्णय लिया गया है।
जहां सीजेपी का प्रदर्शन, उस स्कूल का निर्माण 1 सितंबर से
रामपुरा कंवरपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल के नए भवन का निर्माण एक सितंबर से शुरू होगा। स्कूल को 2025 में जर्जर घोषित किया था। नए भवन के लिए डीएमएफटी से 12 लाख, विधायक कोष से 6 लाख स्वीकृत किए गए हैं।
दिसंबर तक 1087 करोड़ रुपए से डिजिटल सुविधाएं
सरकारी विद्यालयों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए दिसंबर 2026 तक करीब 1,087 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इससे 9 हजार स्मार्ट क्लास रूम, 80 हजार टेबलेट और 7 हजार आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी।
रोडमैप में ये भी प्रमुख काम
614 नए विद्यालय भवन और 2,750 विद्यालयों में मेजर रिपेयर के कार्य किए जाएंगे। 2,256 विज्ञान प्रयोगशाला कक्षों के लिए 507.60 करोड़ रुपए तथा 1,239 विशेष योग्यजन विद्यार्थियों के लिए सुगम सुविधाओं पर 40 करोड़ रुपए का प्रावधान है। 5 बालिका सैनिक स्कूल, 13 डाइट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 79 छात्रावास भवनों पर भी काम होगा, जिस पर 936.34 करोड़ रुपए का व्यय शामिल है। इसके अलावा 5 हजार ग्राम पंचायतों में 750 करोड़ रुपए की लागत से अटल केंद्र बनाए जाएंगे।
प्रदेश में स्कूलों के जर्जर भवनों लिए बजट स्वीकृत किया गया है। स्कूल भवन निर्माण में परेशानियों को जिला कलेक्टरों के माध्यम से समय-समय पर दूर किया जाता है। -मदन दिलावर, शिक्षामंत्री