पंजाब पुलिस के जवानों को बेहतर व्यवहार-परफार्मेंस की ट्रेनिंग: 3 चरणों में 1500-2000 जवानों का मिलेगा प्रशिक्षण, लोगों के बीच बढ़ेगी पहुंच - Chandigarh News
पंजाब पुलिस के जवानों को महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को बेहतर तरीके से संभालने के लिए खास ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी कड़ी में 134 साल पुरानी महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे च
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इस कार्यक्रम का मकसद पुलिसकर्मियों को यह सिखाना है कि महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद लोगों की शिकायत मिलने पर उनके साथ किस तरह सम्मान से पेश आना है। उन्हें पीड़ित की बात ध्यान से सुनने, उसकी परेशानी समझने और कानून के अनुसार मदद करने के तरीके बताए जाएंगे।
बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं व बच्चों से बेहतर व्यवहार पर फोकस
‘पंजाब पुलिस में महिलाओं को मुख्यधारा में लाना’ परियोजना के तहत पूरे पंजाब में तीन चरणों में ट्रेनिंग दी जा रही है। इन तीन चरणों में करीब 1500 से 2000 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ट्रेनिंग में महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों पर खास ध्यान रहेगा। इसके अलावा बुजुर्गों, दिव्यांगों और समाज के दूसरे कमजोर वर्गों के साथ पुलिस के व्यवहार को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
रोज की ड्यूटी में भी काम आएगी ट्रेनिंग
पुलिसकर्मियों को बताया जाएगा कि थाने में शिकायत आने से लेकर जांच और कार्रवाई तक पीड़ित के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। खासकर महिला और बच्चे की शिकायत को गंभीरता से सुनने और उसे जरूरी मदद देने के तरीके समझाए जाएंगे।
उन्हें यह भी बताया जाएगा कि पीड़ित को कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों और मदद की जानकारी कैसे दी जाए, ताकि उसे अपनी शिकायत दर्ज कराने या न्याय पाने में परेशानी न हो।
मास्टर ट्रेनर दूसरे जवानों को देंगे ट्रेनिंग
इस अभियान के लिए पुलिस के कुछ अधिकारियों को पहले से ट्रेनिंग देकर मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। ये मास्टर ट्रेनर दूसरे पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देंगे। इसके लिए एक जैसा पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, ताकि पूरे पंजाब में पुलिसकर्मियों को एक ही तरीके से जानकारी दी जा सके।
इस अभियान में कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन, हार्टेक फाउंडेशन और जे-पाल दक्षिण एशिया की ओर से तकनीकी मदद दी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान पंजाब पुलिस सांझ मंच पर रक्षा मंत्रालय के सत्यापन के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया। इससे सत्यापन से जुड़े काम को ऑनलाइन करने में मदद मिलेगी और प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान हो सकेगी।