पावरहाउस और ग्रिड से तांबा चुराने वाली गैंग पकड़ी: 3 बदमाश गिरफ्तार, व्यापारी भी नामजद; रात के अंधेरे में करते थे वारदात - Chittorgarh News

राजस्थान और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बिजली के सब-स्टेशनों (RSEB पावर हाउस) को निशाना बनाकर ट्रांसफॉर्मरों से महंगा तांबा चुराने वाले संगठित गिरोह को पकड़ा है।

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चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस अंतरराज्यीय गैंग के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि तांबा खरीदने वाले व्यापारी समेत तीन अन्य आरोपियों को नामजद किया गया है।

इस शातिर गिरोह की गिरफ्तारी से चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर और भीलवाड़ा समेत मध्य प्रदेश के नीमच-मंदसौर सीमावर्ती इलाकों में हुई तांबा चोरी की करीब 10 बड़ी वारदातों का खुलासा हो चुका है।

आरोपी रात के अंधेरे में बिजली ग्रिडों में घुसकर लाठी, सरियों और गुलेल के बल पर कर्मचारियों को डराते थे और बेखौफ होकर ट्रांसफॉर्मर काटकर तांबा लूट ले जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली दो मोटरसाइकिलें और ट्रांसफॉर्मर काटने व तोड़ने के भारी औजार भी बरामद किए हैं।

पावर हाउस में डाली थी डकैती

इस गिरोह का पर्दाफाश करने में चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा कोतवाली थाने की सबसे अहम भूमिका रही। घटना की शुरुआत 3 अगस्त की मध्य रात्रि को हुई, जब निम्बाहेड़ा स्थित अहिंसा सर्किल RSEB पावर हाउस पर 7 से 8 नकाबपोश बदमाशों ने लाठी और लोहे के सरियों के साथ धावा बोल दिया।

बदमाशों ने पावर हाउस की दीवार फांदी और अंदर रखे अलग-अलग कंपनियों के भारी बिजली ट्रांसफॉर्मरों को घसीटकर स्टोर के पीछे झाड़ियों में ले गए। जब वहां तैनात निहत्थे चौकीदारों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने उन पर लाठियों, सरियों और गुलेल से जानलेवा हमला करने की कोशिश की, जिससे चौकीदार अपनी जान बचाकर वहां से भाग खड़े हुए।

इसके बाद बेखौफ चोरों ने तीन ट्रांसफॉर्मरों को चीरकर उनके अंदर से लाखों रूपए का तांबा निकाला और फरार हो गए। इस घटना से बिजली निगम को लगभग 3 लाख रुपए का नुकसान हुआ था।

घटना के तुरंत बाद जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो बदमाशों के चेहरे ढके होने के कारण कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा, जिसके बाद सहायक अभियंता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर स्पेशल टीम का गठन किया गया।

पुलिस गिरफ्त में अंतरराज्यीय गैंग के तीन शातिर बदमाश।

पुलिस गिरफ्त में अंतरराज्यीय गैंग के तीन शातिर बदमाश।

'शौक-मौज' के लिए करते थे वारदात

मामले की गंभीरता को देखते हुए चित्तौड़गढ़ एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव के निर्देशन में कोतवाली निंबाहेड़ा थानाधिकारी प्रवीण टांक और DST प्रभारी जोधाराम की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने सिर्फ एक घटना पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय आसपास के सभी जिलों में हाल के दिनों में हुई इसी तरह की चोरी की घटनाओं का पूरा डेटा और रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया।

पुलिस ने विभिन्न गांवों से हाईवे तक जाने वाले सभी रास्तों को खंगाला और इलाके के पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को अपने मुखबिरों और साइबर सेल के तकनीकी सर्विलांस से एक बहुत ही दिलचस्प और अहम सुराग मिला।

पता चला कि कुछ संदिग्ध युवक रोजाना रात के समय अपनी बाइक लेकर अपने ठिकानों से गायब हो जाते हैं और अचानक से बेहद महंगे शौक-मौज पूरे कर रहे हैं। पुलिस ने जब इनकी लोकेशन और गतिविधियों को मिलाया, तो साफ़ हो गया कि यही गिरोह लगातार अलग-अलग जिलों के पावर हाउस को निशाना बना रहा है।

इसके बाद सटीक घेराबंदी करके पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों में मुकेश पुत्र शंभूनाथ रावल निवासी बांसवाड़ा, राहुल पुत्र मंगला भील निवासी रतलाम (हाल निवासी चित्तौड़गढ़) और शिवा पुत्र पिरु भील निवासी निम्बाहेड़ा को पकड़ लिया।

राजस्थान से एमपी तक फैला था नेटवर्क

सख्ती से की गई पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे केवल एक जगह नहीं, बल्कि कई जिलों में घूम-घूमकर RSEB ग्रिडों को निशाना बनाते थे। आरोपियों ने चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा (3 अगस्त), प्रतापगढ़ के दलोट में 13 ट्रांसफॉर्मरों (8 अगस्त), बांसवाड़ा में 4 ट्रांसफॉर्मरों, उदयपुर के खरसाण व वल्लभनगर में 5 ट्रांसफॉर्मरों, भीलवाड़ा के गंगापुर-पोटला, भिंडर, मंगलवाड़ और नीमच-छोटीसादड़ी इलाके के पावर हाउसों से बड़े पैमाने पर तांबा चोरी करना स्वीकार कर लिया है।

यहां तक कि राशमी स्थित पावर हाउस में भी वे चोरी की नीयत से घुसे थे, लेकिन वहां लोगों के जाग जाने की वजह से उन्हें खाली हाथ भागना पड़ा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक बेहद संगठित गिरोह है, जिसका नेटवर्क राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में फैला हुआ है।

फिलहाल पुलिस चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ी और नामजद तीन अन्य फरार साथियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद चोरी की कई अन्य बड़ी वारदातों का खुलासा हो सकता है और चोरी गया माल भी जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा।