गंडक में फ्लैश फ्लड, 3 मीटर उठ सकती हैं लहरें: 5 जिलों में अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, किनारे में बसे लोगों को ऊंची जगहों पर जाने को कहा - bagaha News

वाल्मीकि नगर स्थित गंडक बैराज में पानी की लहरें तेज हैं, वहीं बेतिया प्रशासन गंडक किनारे लोगों माइक से सावधान रहने की अपील कर रहे हैं।

नेपाल के पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश और भूस्खलन के बाद आई बाढ़ को लेकर बिहार के 5 जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, छपरा और वैशाली को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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हालांकि रात 9:00 बजे तक की जानकारी के अनुसार, वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, नेपाल की तरफ से 1,26,500 क्यूसेक पानी आ रहा है और उतना ही पानी (1,26,500 क्यूसेक) बिहार की तरफ नीचे नदी में छोड़ा जा रहा है।

बैराज के पीछे पानी का स्तर 354.50 फीट और आगे की तरफ 351.70 फीट दर्ज किया गया है, जबकि मुख्य पूर्वी और पश्चिमी नहरों में किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति नहीं है।

गंडक नदी के लिए सवा लाख क्यूसेक का यह बहाव सामान्य माना जाता है, जिससे फिलहाल बाढ़ का कोई तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन पानी की आवक में लगातार बढ़ोतरी का संकेत होने के कारण प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।

बगहा जल संसाधन विभाग का कहना है कि गंडक में फ्लैश फ्लड से तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती है। विभाग के अधिकारी और पुलिसकर्मी नदी के पानी और तटबंधों पर लगातार नजर रख रहे हैं।

पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ऊंची जगहों पर जाने का निर्देश दिया गया है।

रात 9 बजे आई गंडक बराज की तस्वीरें.. जहां स्थिति फिलहाल सामान्य है।

रात 9 बजे आई गंडक बराज की तस्वीरें.. जहां स्थिति फिलहाल सामान्य है।

वाल्मीकि नगर में गंडक बराज की तस्वीरें, यहां तेज लहरें चल रही है।

वाल्मीकि नगर में गंडक बराज की तस्वीरें, यहां तेज लहरें चल रही है।

जिलावाइज जानिए क्या हैं हालात

मोतिहारी में NDRF-SDRF की टीम तैनात मोतिहारी डीएम सौरभ सुमन यादव ने जानकारी दी कि नेपाल से डेढ़ लाख क्यूशेक का पानी छोड़ा गया है। नदियों में जलस्तर की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

बांध के किनारे जो लोग बसे हैं उन्हें माइक के द्वारा अलर्ट किया गया है। बुजुर्गों, बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं को तत्काल इलाके को छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाने की हिदायत दी गई है।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को फील्ड में तैनात कर दिया गया है। मेडिकल टीम और पशुपालन विभाग की टीम को भी अलर्ट किया गया है। हमलोग लगातार परिस्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। और लोगों से हमलोग अपील कर रहे हैं कि वे सतर्क रहें।

जितने भी नाव चालक हैं उन सब से हमारा एग्रीमेंट हो गया है। जिला के जितने अधिकारी हैं, साथ ही अंचलाधिकारी समेत सभी लोगों को तत्काल ड्यूटी पर आने को कहा है और सभी को 24 घंटे नजर बनाए रखने को कहा है।

मोतिहारी में गंडक का पानी खेतों में तक पहुंच गया है।

मोतिहारी में गंडक का पानी खेतों में तक पहुंच गया है।

पश्चिमी चंपारण के डीएम-एसपी ने बराज का जायजा लिया बुधवार को डीएम तरनजोत सिंह, एसडीएम चांदनी कुमारी और एसपी राजेश कुमार ने वाल्मीकिनगर गंडक बराज पहुंचकर हालात का जायजा लिया। प्रशासन के मुताबिक, नेपाल की तरफ से आने वाला पानी बुधवार शाम करीब 7 बजे के आसपास बराज क्षेत्र में पहुंच सकता है।

प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित जगह पर जाने के लिए तैयार रहें। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।

बेतिया में गंडक किनारे लोगों को सावधान रहने के लिए माइक से अपील की जा रही है।

बेतिया में गंडक किनारे लोगों को सावधान रहने के लिए माइक से अपील की जा रही है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नेपाल सीमा पर अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। वाल्मीकिनगर बॉर्डर पर आंशिक रूप से नाकेबंदी की गई है। हालांकि, नेपाल में फंसे बिहार के लोगों को भारत आने दिया जा रहा है। वहीं, बिहार में फंसे नेपाल के नागरिकों को भी नेपाल जाने की अनुमति है। सिर्फ गैरजरूरी आवाजाही पर रोक है।

डीएम तरनजोत सिंह ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू किया जाएगा। लोगों से अपील है कि प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और घबराने के बजाय सावधानी बरतें।

गोपालगंज के 5 प्रखंडों में बाढ़ का खतरा गोपालगंज में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। तिब्बत-चीन क्षेत्र में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की आशंका के बाद संभावित स्थिति को देखते हुए अपर समाहर्ता (आपदा), एसडीओ समेत कई अधिकारियों ने बुधवार को गंडक किनारे के संवेदनशील और निचले इलाकों का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए।

सदर अंचलाधिकारी की ओर से माइकिंग कर लोगों को सतर्क रहने को कहा जा रहा है। एसडीओ डॉ. प्रेरणा सिंह ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर बताया कि वे घबराएं नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

गोपालगंज के जिला पदाधिकारियों ने गंडक के किनाके का जायजा लिया।

गोपालगंज के जिला पदाधिकारियों ने गंडक के किनाके का जायजा लिया।

जलस्तर बढ़ने या आपात स्थिति बनने पर निचले इलाकों के लोगों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन गंडक के जलस्तर और संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखे हुए है तथा जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव के साथ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

गोपालगंज के खेतों में गंडक का पानी बह रहा है।

गोपालगंज के खेतों में गंडक का पानी बह रहा है।

वैशाली-हाजीपुर सबसे संवेदनशील, यहां गंडक गंगा से मिलती है वैशाली और हाजीपुर के जिला प्रशासन ने कहा कि अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील हैं क्योंकि गंडक और गंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे वैशाली, लालगंज, हाजीपुर, राघोपुर, बिदुपुर, देसरी, सहदेई बुजुर्ग और महनार जैसे निचले इलाकों में पानी घुसने की पूरी आशंका है।

हाजीपुर में गंडक किनारे तंटबंधों को मजबूत किया जा रहा है।

हाजीपुर में गंडक किनारे तंटबंधों को मजबूत किया जा रहा है।

प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए नदी किनारे रहने वाली आबादी को तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है, साथ ही आम नागरिकों को पानी के स्रोतों से दूर रहने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी है।

किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए जिला प्रशासन 24x7 मुस्तैद है और हेल्पलाइन नंबरों (लैंडलाइन: 06224-260233 / 06224-260234, मोबाइल: 9470082146) पर तुरंत संपर्क करने को कहा गया है।