बेगूसराय में बाढ़ से 3.80 लाख की आबादी घिरी: 7 प्रखंडों की 37 पंचायतें प्रभावित, 85 सामुदायिक रसोई और 223 नावें तैनात; दियारा का सड़क संपर्क टूटा - Begusarai News

बेगूसराय जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में पानी घुसने से करीब 3.80 लाख की आबादी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। डीएम रिची पांडेय ने आज कारगिल भवन में पीसी कर बाढ़ के वर्तमान हालात, राहत-बचाव कार्यों और जलस्तर

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डीएम ने बताया कि बेगूसराय जिले के 7 प्रखंडों की 37 ग्राम पंचायतें, नगर निगम बेगूसराय और नगर परिषद तेघड़ा बाढ़ की चपेट में आ चुक है। मुख्य रूप से बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, शाम्हो, बलिया, साहेबपुर कमाल और बेगूसराय सदर के निचले दियारा इलाके बाढ़ के पानी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

दियारा इलाकों का मुख्य सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से टूट जाने के कारण नाव ही आवागमन का मुख्य साधन बनी हुई है।

प्रभावित आबादी को भोजन और सुरक्षित स्थान मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर राहत अभियान चला रहा है। बाढ़ प्रभावित शरणार्थियों और विस्थापित हुए लोगों के लिए जिले के विभिन्न प्रभावित इलाकों में 85 सामुदायिक रसोई केंद्र शुरू किए गए हैं।

जलमग्न सड़कों और दियारा क्षेत्रों में लोगों के आवागमन के लिए 223 सरकारी और पंजीकृत निजी नावों को लगाया गया है। तटबंधों और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए परिवारों के बीच अब तक 1290 से अधिक पॉलिथीन शीट्स बांटी जा चुकी हैं। राहत शिविरों और विस्थापितों के लिए 42 हजार से अधिक पॉलिथीन शीट्स का अतिरिक्त स्टॉक आरक्षित रखा गया है।

पीसी उपस्थित अधिकारी।

पीसी उपस्थित अधिकारी।

36 मेडिकल टीमों का गठन

बाढ़ के दौरान बीमारियों के प्रकोप से बचाव और त्वरित चिकित्सीय सहायता के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों में 36 मेडिकल टीमों का गठन कर उन्हें विभिन्न इलाकों में तैनात किया गया है।

पानी से घिरे सुदूर दियारा क्षेत्रों से मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर बीमारों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के लिए 3 बोट एंबुलेंस निरंतर कार्यरत हैं।

विशेष स्वास्थ्य अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर घर चिकित्सा और उपचार तथा गैर-संचारी रोग स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। हैलोजन टैबलेट और फॉगिंग के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महामारी न फैले, इसके लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है।

सभी चालू चापाकल और पानी की टंकियों को सैनिटाइज किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में पानी को कीटाणुरहित बनाने के लिए हैलोजन टैबलेट का वितरण किया जा रहा है। पानी उतरने वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर, चूने का छिड़काव और मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फॉगिंग कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

बेगूसराय का बाढ़ग्रस्त गांव।

बेगूसराय का बाढ़ग्रस्त गांव।

मक्का-धान की फसल को नुकसान

कृषि विभाग की प्रारंभिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में बाढ़ का पानी खेतों में भर जाने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। 27 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हुई है। जिसमें से 19 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में लगी मक्का, धान, सब्जी और चारे की फसलों में 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान आंका गया है।

कृषि अधिकारियों को क्षति का अंतिम सर्वे कर जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। जिससे किसानों को कृषि इनपुट अनुदान की राशि हस्तांतरित की जा सके।

ओवरलोडिंग नावों पर निगरानी रखी जाएगी

डीएम ने बताया कि ने नाव दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी संचालित नावों पर ओवरलोडिंग न हो। नावों पर लाल झंडे, बैनर, लाइफ जैकेट और स्थानीय गोताखोरों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।

राज्य सरकार की नीति के तहत यदि बाढ़ के दौरान किसी व्यक्ति की डूबने या आपदा संबंधी दुर्घटना में मृत्यु होती है, तो संबंधित परिजनों को आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 24 घंटे के भीतर 4 लाख का अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा।

बेगूसराय में भी जलस्तर पूरी तरह स्थिर हो जाने की संभावना

डीएम ने बताया कि जिले में बाढ़ के सीधे प्रभाव या डूबने से किसी की भी मौत की आधिकारिक सूचना नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने जिलेवासियों को आश्वस्त किया कि गंगा का जलस्तर हाइएस्ट फ्लड लेवल (HFL) 43.52 मीटर स्पर्श करने के बाद अब अपस्ट्रीम में स्थिर होने लगा है और आने वाले कुछ घंटों में बेगूसराय में भी जलस्तर पूरी तरह स्थिर हो जाने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि संभावित खतरों और आपातकालीन परिस्थितियों से तुरंत निपटने के लिए NDRF और SDRF को विकेंद्रीकृत तरीके से प्रतिनियुक्त किया है। SDRF को बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी एवं शाम्हो और NDRF को बलिया में तैनात किया गया है।