रेवाड़ी हंस नगर ब्लास्ट में 3 गिरफ्तार: PNG लीकेज को आधार बनाकर प्रोजेक्ट मैनेजर समेत आरोपियों पर कार्रवाई, अब CFL रिपोर्ट का इंतजार - Haribhoomi

रेवाड़ी के हंस नगर ब्लास्ट मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर गिरफ्तारियां कर ली हैं, लेकिन धमाके के सटीक तकनीकी कारणों की पुष्टि के लिए अभी फोरेंसिक (CFL) रिपोर्ट आना बाकी है।

Rewari Blast Case.

रेवाड़ी हंस नगर ब्लास्ट में 3 किया गया गिरफ्तार।

  • Published: 21 Aug 2026, 11:59 AM IST
  • Last Updated: 21 Aug 2026, 12:02 PM IST

रेवाड़ी हंस नगर ब्लास्ट में 3 गिरफ्तार: रेवाड़ी में गत 5 जुलाई को हंस नगर के एक मकान में हुए ब्लास्ट से बाप-बेटी की मौत और मासूम बच्ची सहित तीन के झुलसने के मामले में पुलिस ने पीएनजी को आधार मानते हुए पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अभी सीएफएल की रिपोर्ट आना शेष है। इस कांड की जांच एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने मॉडल टाउन थाने की बजाय सदर एसएचओ को सौंपी थी। 

पुलिस को दर्ज शिकायत में हंस नगर निवासी मधु ने बताया था कि 5 जुलाई को वह किचन में चाय बनाकर अपने पति सतबीर के पास चारपाई पर बैठी थी। उसका पड़ोसी जयभगवान कुर्सी पर बैठा हुआ था। जब वह बर्तन धोने के लिए किचन में गई, तो मकान में जोरदार धमाका हुआ। 

यह धमाका उस समय हुआ, जबकि उसकी बेटी तन्नू ने कपड़े प्रेस करने के लिए बिजली का स्विच ऑन किया। ब्लास्ट में उसका पति, बेटी और 2 साल की भतीजी खुशी सहित सभी लोग झुÞलस गए। उसने किचन से बाहर निकलकर आग बुझाने का प्रयास किया, तो उसके हाथ भी झुलस गए। झुलसे हुए लोगों को आसपास के निवासियों ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया था। 

पाइप लाइन की टेस्टिंग के दौरान हुआ हादसा 
मधु के अनुसार उसके पति ने हादसे से पहले गेट के पास गैस की दुर्गंध आने बात कही थी। पाइप लाइन की टेस्टिंग के दौरान घर में गैस एकत्रित हो गई, जिससे यह हादसा हुआ। उसने इसके लिए आईजीएल कंपनी के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने मधु के बयान पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू की थी। इस मामले की जांच एसएचओ सदर की देखरेख में की गई। पीएसआई राकेश कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया था। 

इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
जांच के बाद पुलिस ने इसे आरंभिक तौर पर पीएनजी लीक से हुआ हादसा मानते हुए आईजीएल का ठेका लेने वाली कंपनी पीएससी ट्रेडर्स के प्रोजेक्ट मैनेजर धारूहेड़ा के वार्ड नं. 8 में रह रहे मूल रूप से यूपी के गाजियाबाद जिले के गोविंदपुरी निवासी राहुल, इसी कंपनी के सुपरवाइजर यूपी के नंगला शीशगर निवासी संदीप व सहयोगी कंपनी रिसोंस के आरसीएम काठूवास निवासी रंजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।

सीएफएल की रिपोर्ट आना शेष
पुलिस ने हंस नगर निवासियों से बातचीत के आधार पर शुरूआत में ब्लास्ट पीएनजी लीकेज से होने का अनुमान लगाया था, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से गैस लीक की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया गया था। स्थानीय स्तर पर भी विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर जांच की थी, लेकिन जांच में कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका था। अब पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया, परंतु सीएफएल की रिपोर्ट आने का अभी भी इंतजार है। 

तन्नू और सतबीर की हुई थी मौत
मकान ब्लास्ट के बाद गंभीर रूप से घायल हुए तन्नू और उसके पिता सतबीर को सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया था। कुछ दिन बाद अस्पताल में पहले बेटी ने दम तोड़ दिया था और अगले ही दिन सतबीर की भी मौत हो गई थी। मकान ब्लास्ट के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। 

मकान का गेट तक टूटकर दूर गिर गया था, जबकि कई जगहों से टाइलें उखड़ गई थीं। ब्लास्ट के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए अभी भी सीएफएल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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