साढ़े 3 फीसदी वालों का राज! SC आरक्षण में दखल न दे हुकूमत, आनंदराज आंबेडकर ने फडणवीस सरकार को दी चेतावनी| Navbharat Live

Updated On: Jul 28, 2026 | 10:48 AM IST

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सार

Solapur News: राज्य में साढ़े 3 फीसदी वालों का राज सोलापुर में रिपब्लिकन सेना के अध्यक्ष आनंदराज आंबेडकर ने SC आरक्षण के उपवर्गीकरण के खिलाफ मोर्चा निकाला, सरकार पर समाज में फूट डालने का आरोप लगाया।

Republican Sena chief Anandraj Ambedkar leads a rally in Solapur against SC reservation sub-classification, warning of protests and legal battles.

आनंदराज आंबेडकर (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)

विस्तार

SC Reservation Sub Classification Solapur Protest: रिपब्लिकन सेना के अध्यक्ष आनंद राज आंबेडकर ने महाराष्ट्र सरकार पर अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण में उपवर्गीकरण करने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरन यह फैसला लागू करना चाहती है और इससे अनुसूचित जाति समाज में भी वही विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जैसा कुणबी-मराठा आरक्षण के मुद्दे पर हुआ।

आनंदराज आंबेडकर ने कहा कि सरकार के इन इरादों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। अनुसूचित जाति आरक्षण के उपवर्गीकरण के विरोध में सोमवार को सोलापुर में मोर्चा निकाला गया। इससे पहले परभणी, पिंपरी-चिंचवड़, लातूर और मुंबई में भी आंदोलन किए जा चुके हैं। हमारे साथ मातंग और खाटीक समाज के लोग भी हैं। संविधान ने अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत आरक्षण दिया है। सरकार को हमारे आरक्षण में हस्तक्षेप नहीं

करना चाहिए। चुनाव के समय गठबंधन होते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई सत्ता में है। अगर हम सत्ता में होते तो आज हमारे विधायक और सांसद होते, इसलिए हमारे सत्ता में होने की गलत बातें नहीं फैलाई जानी चाहिए, महाराष्ट्र में साढ़े 3 फीसदी वालों का राज चल रहा है।

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2 जातियों में विवाद पैदा करने का आरोप

आनंद राज आंबेडकर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मनुवादी विचारधारा के प्रभाव में आकर 2 जातियों के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश, कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को समाज से दूर रखा गया है। रामदास आठवले को लेकर उन्होंने कहा कि उनका इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आठवले का समाज से जुड़ाव कमजोर हो गया है। उन्होंने कहा कि आठवले उपवर्गीकरण का समर्थन करते हैं, जबकि उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसका विरोध कर रहे हैं जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बन रही है।

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जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ाई

आनंदराज आंबेडकर ने कहा कि कर्नाटक में भी जाति उपवर्गीकरण का प्रयास किया गया था, लेकिन अदालत ने उस पर रोक लगा दी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति आरक्षण का उपवर्गीकरण किया गया तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे और कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलनों से यह साबित हुआ है कि युवाओं के लिए आज भी डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत हैं। जनता ने अपने आंदोलनों के माध्यम से दिखा दिया है कि लोकतंत्र में जनता से बड़ी कोई शक्ति नहीं है।

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