30 दिन में ChatGPT ने बिगाड़ दी पूरी बिजनेस प्लानिंग...75 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया स्टार्टअप

30 दिन में ChatGPT ने बिगाड़ दी पूरी बिजनेस प्लानिंग…75 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया स्टार्टअप

स्टार्टअप में हुआ तगड़ा नुकसान Image Credit source: Getty Images

अच्छी खासी नौकरी छोड़ अपना स्टार्टअप शुरू करना आसान फैसला नहीं होता, लेकिन एक टेक एंटरप्रेन्योर ख्याति ठाकुर ने ये जोखिम उठाया. उन्हें लगा था कि अपने दम पर कुछ नया बनाया जाए, लेकिन स्टार्टअप शुरू करने के सिर्फ 30 दिनों के अंदर ही ऐसा झटका लगा, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की थी. ChatGPT और Google AI के आने से उनके पहले प्रोडक्ट की जरूरत ही लगभग खत्म हो गई और देखते ही देखते उनके ग्राहक हाथ से निकल गए.

ख्याति ने अपनी यह पूरी कहानी LinkedIn पर शेयर की है. उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने फरवरी 2025 में Friday नाम से अपना AI स्टार्टअप शुरू किया था. शुरुआत में उन्होंने जिस प्रोडक्ट पर काम किया, वह बाजार में टिक नहीं पाया. ChatGPT और Google के AI टूल्स ने इतनी तेजी से बदलाव किया कि महज एक महीने में ही उनके सभी ग्राहक चले गए. इसके बाद ख्याति के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि अब आगे क्या किया जाए. उन्होंने हार मानने के बजाय कंपनी को नए रास्ते पर ले जाने का फैसला किया. हालांकि यह बदलाव भी रातोंरात नहीं हुआ. उन्हें सही दिशा खोजने में करीब 7 महीने लग गए. इसके बाद अगले 9 महीने एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार करने में लगे, जिसे वह दोबारा बाजार में उतार सकें.

ChatGPT ने बिगाड़ दी पूरी बिजनेस प्लानिंग

ख्याति के लिए यह सफर इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले वह कई बड़ी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर चुकी हैं. उन्होंने University of Southern California से कंप्यूटर साइंस में मास्टर की पढ़ाई की. साल 2018 से 2025 तक उन्होंने टेक इंडस्ट्री में काम किया और Inspirit में 2022 से 2025 तक सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की भूमिका निभाई. स्टार्टअप के इस सफर में अब उनके सामने एक और बड़ी चुनौती है. कंपनी के पास फंड बहुत कम बचा है और B2B बिजनेस में ग्राहक मिलने की प्रक्रिया भी काफी लंबी होती है. ख्याति के मुताबिक, एक डील पूरी होने में 3 से 4 महीने तक लग सकते हैं. ऐसे में अब वह ऐसे निवेशकों की तलाश कर रही हैं, जो उनके आइडिया को समझें और कंपनी में निवेश करने के लिए तैयार हों.

ख्याति ने अपनी पोस्ट में यह भी बताया कि स्टार्टअप शुरू करना बाहर से जितना रोमांचक लगता है, अंदर से उतना ही मुश्किल हो सकता है. उनके मुताबिक, कई दिनों तक ऐसा लगता है कि नौकरी छोड़ना शायद गलत फैसला था. हर महीने मिलने वाली सैलरी याद आती है और खुद पर भी सवाल उठने लगते हैं, लेकिन फिर भी इंसान एक और कोशिश करने के बारे में सोचता है. शायद इस बार चीजें सही हो जाएं. ख्याति का मानना है कि कुछ नया बनाने के लिए खुद पर जबरदस्त भरोसा होना जरूरी है. क्योंकि बिजनेस शुरू करते समय जो कुछ गलत हो सकता है, उसके गलत होने की पूरी संभावना रहती है.

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उन्होंने दूसरों को भी सलाह दी कि सिर्फ उत्साह में नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू न करें. इस सफर के लिए मानसिक तौर पर तैयार रहना जरूरी है. आपको लंबे समय तक अनिश्चितता, असफलता और पैसों की चिंता के बीच काम करना पड़ सकता है फिर भी ख्याति इस सफर को लेकर पछतावा नहीं करतीं. उनका कहना है कि अगर उनका स्टार्टअप कल खत्म भी हो जाए, तब भी उन्हें खुशी होगी कि उन्होंने इसमें अपनी पूरी ताकत लगा दी. इस सफर में उन्होंने उतना सीखा, जितना शायद कोई नौकरी उन्हें नहीं सिखा सकती थी. उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने कुछ ऐसा बनाया, जिस पर कुछ समय के लिए ही सही, लेकिन लोगों की रोजी-रोटी निर्भर थी.

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आयुष कुमार

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.<p></p> अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. <p></p>फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.

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