मुंगेर में नगर निगम कर्मियों की हड़ताल जारी: तीसरे दिन भी काम ठप, शहर में 300 टन से अधिक कचरा जमा - Munger News
मुंगेर में बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही।
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हड़ताल के कारण नगर निगम का प्रधान कार्यालय बंद रहा, जिससे आम जनता के कोई कार्य नहीं हो सके। इस हड़ताल में नगर निगम के करीब 1100 कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें एनजीओ कर्मी, स्थायी कर्मी और सफाई कर्मी शामिल हैं।
दिनभर लोग निगम कार्यालय आते रहे, लेकिन सभी विभागों में ताला लटका होने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ा। निगम कर्मी और सफाई कर्मचारी कार्यालय के बाहर बैठकर समय बिताते देखे गए।


हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया
नगर आयुक्त ने कर्मचारियों की तीन सूत्री मांगों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविदा, दैनिक और ठेका कर्मियों को स्थायी करने का निर्णय नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार से संबंधित मामला है।
हालांकि, उन्होंने सातवें वेतनमान और अनुकंपा पर बहाली से संबंधित मांगों को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि कर्मचारियों के दो माह के लंबित वेतन का भुगतान सोमवार से पहले उनके खातों में कर दिया जाएगा।
मेयर और नगर आयुक्त ने निगम कर्मचारियों से काम पर लौटने का आग्रह किया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया।
प्रमुख बाजार की सड़कों पर कूड़े के ढेर
हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। तीन दिनों से कूड़े का उठाव नहीं होने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम के सभी 45 वार्डों और प्रमुख बाजारों के कूड़ा स्टैंड से कूड़ा नहीं उठने के कारण शहर में परेशानी बढ़ गई है।
शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और प्रमुख बाजार की सड़कों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं।
गुलजार पोखर, एक नंबर ट्रैफिक, राजीव गांधी चौक, गांधी चौक, टैम्पो स्टैंड, एसबीआई भवन, कौड़ा मैदान, शाह जुबेर रोड, शादीपुर रोड और पूरबसराय जैसे इलाकों में गंदगी का अंबार देखा जा रहा है।
बारिश के समय होने के कारण कई जगहों से बदबू भी कूड़ा से आने लगा है। कर्मचारी संघ के महामंत्री ब्रह्मदेव महतो ने कहा कि जबतक हमलोगों की मांगें सरकार नहीं मानती, तब तक हड़ताल जारी रहेगा।
ठेका व आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने की मांग
राज्य स्तर पर तीन सूत्री मांगों के साथ-साथ स्थानीय स्तर के कई मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांगों में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं अन्य अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, नगर निकायों में ठेका व आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना तथा सभी कर्मियों को एसीपी एवं एमएसीपी का लाभ और लंबित बकाया राशि का भुगतान शामिल है।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर 7वां वेतनमान लागू करना, अंतर-वेतनमान, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति आदि प्रमुख मांगें शामिल है।
हम लोग लाठी खाने को भी तैयार - सफाई कर्मी महामंत्री ब्रह्मदेव महतो
इधर हड़ताल के तीसरे दिन अपनी मांगों को लेकर नगर निगम की सफाई कर्मी शहर में विभिन्न चौक चौराहा होते हुए घूम कर प्रदर्शन किया और हाथों में झाड़ू लेकर विभिन्न तरह के नारे लगाए।
इस मौके पर सफाई कर्मी महामंत्री ब्रह्मदेव महतो ने बताया कि, हम सभी कर्मचारी और सफाई कर्मी तीन सूत्री मांगों को लेकर राज्य के आह्वान पर तीन दिनों से पड़े हैं इस बीच नगर आयुक्त के द्वारा कुछ कर्मियों को धमकाते हुए वापस कार्यालय बुलाया गया है और हमारे कुछ कर्मियों को डराया धमकाया भी जा रहा है, लेकिन हम लोग अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे और इस बीच अगर किसी तरह की पुलिस हम लोगों के साथ बदसलूकी करता है तो हम लोग लाठी खाने को भी तैयार हैं।
महिला सफाई कर्मी चंदा देवी, लक्ष्मी देवी और सफाई कर्मियों का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मी हीरा राउत ने बताया कि हम लोग वाजिब अपना तीन सूत्री मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं इस बीच नगर निगम के द्वारा डराया धमकाया भी जा रहा है लेकिन हम लोग भी चेतावनी देते हुए कहते हैं कि जब तक हम लोगों की मांगे पूरी नहीं होगी तब तक हम लोग आंदोलन जारी रखेंगे।