बिलासपुर नगर निगम का 309 करोड़ का बिजली बिल बकाया: सड़कें अंधेरे में डूबीं, CSPDL ने 5 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटे - Bilaspur (Chhattisgarh) News

न्यायधानी के साथ अन्याय, निगम ने बिजली बिल नहीं पटाया तो सीएसपीडीसीएल ने 40 जगहों की स्ट्रीट लाइट काट दी।

बिलासपुर नगर निगम पर 309.94 करोड़ रुपए के बिजली बिल बकाया होने का असर शुक्रवार रात शहर की सड़कों पर दिखाई दिया। सीएसपीडीसीएल ने ईस्ट और वेस्टर्न डिविजन के तहत करीब 40 स्थानों की स्ट्रीट लाइटों की बिजली सप्लाई काट दी।

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इससे कई प्रमुख सड़कों और मोहल्लों में अंधेरा छा गया। करीब चार घंटे बाद उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से रात 11 बजे के बाद एक-एक कर सभी कनेक्शन बहाल किए गए।

व्यस्ततम पुराना बस स्टैंड रोड, इमलीपारा से टैगोर चौक सहित दयालबंद और तोरवा मेन रोड अंधेरे में डूबा रहा।

व्यस्ततम पुराना बस स्टैंड रोड, इमलीपारा से टैगोर चौक सहित दयालबंद और तोरवा मेन रोड अंधेरे में डूबा रहा।

5 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें बंद

सीएसपीडीसीएल के अनुसार नगर निगम के कुल 1469 बिजली कनेक्शनों पर बकाया राशि है। शुक्रवार को कार्रवाई के तहत विनोबा नगर, विद्या नगर, श्रीकांत वर्मा मार्ग, सरकंडा, करबला रोड, लिंगियाडीह मेन रोड समेत करीब 40 स्थानों की स्ट्रीट लाइटों की सप्लाई काटी गई। नगर निगम के मुताबिक इससे 5 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें प्रभावित हुईं।

ईस्ट डिविजन के ईई एचके चंद्रा ने बताया कि उनके क्षेत्र में 20 स्थानों की स्ट्रीट लाइटें बंद की गईं। वहीं वेस्टर्न डिविजन के ईई भारत भूषण नेताम के मुताबिक उनके क्षेत्र में भी 20 जगहों की सप्लाई काटी गई। बाद में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी जगहों की बिजली बहाल कर दी गई।

अफसरों के हस्तक्षेप से आधी रात को बहाल हुई सप्लाई

अफसरों के हस्तक्षेप से आधी रात को बहाल हुई सप्लाई

3-4 महीने से दिए जा रहे थे नोटिस

सीएसपीडीसीएल के ईडी अम्बष्ट ने बताया कि नगर निगम को पिछले 3-4 महीनों से लगातार बकाया भुगतान के लिए नोटिस दिए जा रहे थे। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो सोमवार को दोबारा बिजली सप्लाई काटने का निर्णय लिया जा सकता है।

मेयर बोलीं- शासन को लिखेंगे पत्र

नगर निगम की मेयर पूजा विधानी ने बताया कि कुछ समय पहले करीब 7 करोड़ रुपए का बिजली बिल जमा किया गया था। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती रोकने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा और लंबित बिल को किश्तों में जमा कराने का प्रयास किया जाएगा।

वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने शहर की स्थिति से नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव सोनमणि बोरा को अवगत कराया है। सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों से भी इस संबंध में बातचीत की गई है।

बिजली बिल का स्थाई समाधान किया जाएगा

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि बिलासपुर कलेक्टर से जानकारी मिलने के बाद स्ट्रीट लाइटें चालू करा दी गईं। उन्होंने कहा कि निकायों में बिजली बिल बकाया होने की समस्या का स्थाई समाधान ढूंढेंगे, इसके लिए सोमवार को एनर्जी ऑडिट की जाएगी।

सचिव कहना है कि निकायों को आय के स्त्रोत बढ़ाने के साथ ही ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोत के इस्तेमाल, बिजली की बचत और बिजली बिल का बोझ कम करने के उपाय करना होगा।

बिलासपुर पर 309.94 करोड़ की देनदारी

बिजली बिल के आंकड़ों के मुताबिक बिलासपुर नगर निगम पर वर्तमान में 309.94 करोड़ रुपए बकाया था। प्रदेश के नगरीय निकायों में बिजली बिल बकाया के मामले में बिलासपुर दूसरे नंबर पर है। रायपुर नगर निगम पर 315.16 करोड़ रुपए की देनदारी है, जबकि भिलाई नगर निगम 190.67 करोड़ रुपए के बकाए के साथ तीसरे स्थान पर है।

व्यस्ततम पुराना बस स्टैंड रोड, इमलीपारा से टैगोर चौक सहित दयालबंद और तोरवा मेन रोड अंधेरे में डूबा रहा।

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एनर्जी ऑडिट में 397 कनेक्शनों की बिलिंग गलत मिली

नगर निगम के 1469 बिजली कनेक्शनों में से 397 कनेक्शनों की बिलिंग एनर्जी ऑडिट में गलत पाई गई। इसके बाद करीब 57 करोड़ रुपए का बिल कम हुआ। निगम के अनुसार यह बकाया पिछले करीब 8 वर्षों से चला आ रहा है।

इन आठ वर्षों में अलग-अलग मदों से कुल 38.55 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इसमें निगम की ओर से 4.09 करोड़, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से 31.77 करोड़ और 15वें वित्त आयोग से 2.69 करोड़ रुपए शामिल हैं।

नगर निगम ने कहा- शासन से पत्राचार कर किस्तों में जमा करेंगे बकाया, सोमवार को फिर कटौती की चेतावनी

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14 नगर निगमों पर 1047 करोड़ से ज्यादा बकाया

प्रदेश के 14 नगर निगमों पर कुल 1047.65 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है। इनमें रायपुर के बाद बिलासपुर की देनदारी सबसे ज्यादा है। बिलासपुर का 309.94 करोड़ रुपए का बकाया प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों की कुल लंबित राशि का करीब 30 प्रतिशत है।

सरकारी विभागों पर 3432 करोड़ का बकाया

वहीं प्रदेश के सरकारी विभागों पर बिजली बिल की पेंडेंसी 3432.64 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। 30 जून 2026 तक 40 सरकारी विभागों के 1,48,002 कनेक्शनों पर यह बकाया दर्ज किया गया। मार्च की तुलना में तीन महीने में ही सरकारी बिजली बिल की पेंडेंसी 549.22 करोड़ रुपए बढ़ गई।