पात्र लाभुकों को योजना का लाभ देकर 31 मार्च 2027 तक लक्ष्य पूरा करें बैंक - Khagaria News

खेती के लिए पैसे की जरूरत हो, छोटा कारोबार शुरू करना हो या किसी युवा को अपना रोजगार खड़ा करना हो, बैंक ऋण ऐसे लोगों के लिए बड़ा सहारा होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में खगड़िया जिले के बैंकों को इस बार पिछले साल से काफी बड़ा

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जिले में किसानों, कारोबारियों, युवाओं, विद्यार्थियों और घर बनाने वालों को मिलाकर विभिन्न क्षेत्रों में 65.72 अरब रुपए ऋण बांटने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में जिले का ऋण लक्ष्य 41.76 अरब रुपए था। इस लिहाज से इस बार लक्ष्य में करीब 24 अरब रुपए की बढ़ोतरी हुई है। लक्ष्य मिलने में इस बार कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन बढ़ी हुई राशि से जिले में ऋण के जरिए आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।जिले में संचालित 23 बैंकों के बीच लक्ष्य बांटा गया है और उन्हें 31 मार्च 2027 तक अपने लक्ष्य के अनुसार ऋण वितरण करना है।वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को मिले 41.76 अरब रुपए के लक्ष्य के मुकाबले बैंकों ने 28.87 अरब रुपए ऋण वितरित किया था।

जिले की एसीपी उपलब्धि करीब 69 प्रतिशत रही। कृषि में 54.42 प्रतिशत, एमएसएमई में 79.34 प्रतिशत और पशुपालन क्षेत्र में 96.45 प्रतिशत ऋण वितरण हुआ था। शिक्षा क्षेत्र में 3.68 करोड़ रुपए ऋण वितरित किया गया था। वहीं जिले का सीडी अनुपात 62.83 प्रतिशत रहा, जबकि बिहार का औसत 57.36 प्रतिशत था। यानी सीडी अनुपात के मामले में खगड़िया राज्य के औसत से बेहतर रहा।पढ़ाई और घर की जरूरत को भी ऋण योजना में जगह दी गई है। उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षा क्षेत्र में ₹56 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और तकनीकी शिक्षा सहित अन्य उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थी इसका लाभ ले सकेंगे। वहीं घर बनाने या आवास से जुड़ी जरूरतों के लिए हाउसिंग लोन में ₹92 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र (ओपीएस) में 6.63 अरब रुपए और गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्र (एनपीएस) में 8.71 करोड़ रुपए ऋण बांटने का लक्ष्य है।

इस बार भी सबसे बड़ा जोर कृषि क्षेत्र पर है। किसानों की फसल, खेती की जरूरतों और कृषि से जुड़े दूसरे कामों के लिए 30.80 अरब रुपए का लक्ष्य रखा गया है। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को खेती के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि यंत्र खरीदने, सिंचाई, फसल उत्पादन सहित अन्य जरूरतों के लिए भी बैंक ऋण देंगे। कृषि क्षेत्र के इसी लक्ष्य में पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी और बागवानी जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं। यानी इन क्षेत्रों के लिए मिलने वाला ऋण कृषि क्षेत्र के लक्ष्य में ही गिना जाएगा। इसके अलावा फार्म क्रेडिट के लिए 28.85 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कृषि के बाद सबसे अधिक राशि एमएसएमई क्षेत्र के लिए रखी गई है। छोटे उद्योग, दुकान, वर्कशॉप और अन्य कारोबार शुरू करने या बढ़ाने के लिए 19.58 अरब रुपए ऋण बांटने का लक्ष्य है। इससे युवाओं और छोटे कारोबारियों को अपना काम शुरू करने में बैंक से आर्थिक मदद मिल सकेगी। खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने के लिए पीएमएफएमई योजना के तहत 171 युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली पीएमईजीपी योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में 69 के लक्ष्य के विरुद्ध 92 लोगों को ऋण की स्वीकृति दी गई थी। इस उपलब्धि को भी बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।