36 रिजेक्शन के बाद टेकी को हैदराबाद में मिला 30 लाख का पैकेज, कही दिल छू लेने वाली बात

बेंगलुरु से हैदराबाद तक का संघर्षImage Credit source: Unsplash/Reddit/r/developersIndia
लगातार 36 रिजेक्शन, 5 महीने का लंबा इंतजार और शरीर को तोड़ देने वाला कमर दर्द…इसके बावजूद बेंगलुरु के एक फुल-स्टैक डेवलपर ने हार नहीं मानी. आखिरकार हैदराबाद की एक कंपनी में उन्हें 30 लाख सालाना के पैकेज पर SDE-3 की नौकरी मिल गई. सोशल मीडिया पर अपनी इस थका देने वाली जर्नी को शेयर करते हुए इस टेकी ने लिखा, सैलरी में भले ही बहुत बड़ा हाइक न मिला हो, लेकिन महीनों बाद अपने परिवार का आर्थिक सहारा बनना ही मेरे लिए सबसे बड़ी राहत है.
स्वास्थ्य कारणों से छोड़ी थी पुरानी नौकरी
Reddit पर अपनी कहानी शेयर करते हुए डेवलपर ने बताया कि गंभीर साइटिका के कारण उन्हें अपनी पिछली कंपनी छोड़नी पड़ी थी. Python, React और AWS के इस एक्सपर्ट ने अपने 5 महीने के ब्रेक का सही इस्तेमाल किया और बाजार की मांग को देखते हुए Generative AI (GenAI) में नई स्किल्स सीखीं.
रिजेक्शन, डिले और आखिरी राउंड से बाहर होने का दर्द
नौकरी की तलाश में उन्हें कई कड़वे अनुभवों से गुजरना पड़ा. Wells Fargo में वे चौथे राउंड तक पहुंच गए थे, लेकिन हायरिंग मैनेजर ने उनकी बात को महत्व नहीं दिया, इसलिए उन्होंने खुद ही ऑफर छोड़ दिया. Deloitte USI में पद को अर्जेंट बताया गया था, फिर भी उनका आवेदन महीनों तक इन-प्रोसेस में ही अटका रहा. वहीं Fractal में उन्होंने सारे राउंड क्लियर कर लिए थे, पर आखिरी क्लाइंट राउंड में Terraform और Kubernetes के सिर्फ दो सवालों के जवाब न दे पाने की वजह से उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया.
एल्गोलीप में मिली 30 लाख की नौकरी
आखिरकार हैदराबाद की कंपनी AlgoLeap में उन्हें SDE-3 के पद पर 30 लाख के पैकेज का ऑफर मिला. हालांकि, इसके लिए उन्हें अपने परिवार को बेंगलुरु छोड़कर अकेले हैदराबाद जाना पड़ेगा, जिसे उन्होंने खेल का हिस्सा बताया.
नौकरी ढूंढ रहे युवाओं को दी खास सलाह
उन्होंने लिखा, हार मत मानो. लगातार प्रयास करते रहो और हर उस इंटरव्यू से सीखो, जिसमें तुम असफल होते हो. मेहनत का फल जरूर मिलेगा. उनकी इस कहानी ने इंटरनेट पर लगातार रिजेक्शन झेल रहे हजारों टेक प्रोफेशनल्स का हौसला बढ़ाया है. यह भी पढ़ें: रात 3 बजे ऑटो चलाती है वडोदरा की यह महिला, मरीजों को देती है मुफ्त राइड; जज्बे ने जीता सोशल मीडिया का दिल
After 36 technical interviews, I finally bagged an offer by u/deathmachine1407 in developersIndia

अभिषेक राय
अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है. शुरुआत में वे भोपाल के 'पीपुल्स समाचार' अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के 'जानो दुनिया' (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई. अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं. अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे. अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.
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