364 दिन के लंबे इंतजार के बाद भक्तों को हुए श्री राधा जी के चरण दर्शन, भावुक हुए - Jalandhar News
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"राधे-राधे, गोविंद-गोविंद राधे...’ की पावन ध्वनि, संकीर्तन की मधुर स्वर लहरियां और चारों तरफ लहराती भक्ति की छटा। मौका था शहर के प्रताप बाग स्थित श्री चैतन्य महाप्रभु श्री राधा माधव मंदिर में आयोजित श्री राधा अष्टमी महा महोत्सव का, जिसे शनिवार पूरी श्रद्धा, भाव और हर्षोल्लास के साथ मनाया। दोपहर 12 बजे जैसे ही राधा रानी जी का प्रकट काल हुआ, पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। वर्ष में केवल एक बार मिलने वाले श्री राधा जी के दिव्य चरणों के दर्शन पाने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
महामहोत्सव के दौरान संकीर्तन का शुभारंभ मंदिर के पुजारियों और प्रबुद्ध सेवकों ने मिलकर किया। पुजारी दीनार्ती हरदास, श्रीनिवास दास, केवल कृष्ण, अमित चड्ढा, राजेश शर्मा, मिंटू कश्यप, कृष्ण गोपाल, मनोज कौशल, सुरेश, जगन्नाथ शर्मा, अम्बरीष और गौर ने संयुक्त रूप से मंगलाचरण एवं गुरु वंदना से हरिनाम संकीर्तन की शुरुआत की।
इसके बाद जैसे ही ‘राधा नाम' का संकीर्तन शुरू हुआ, पूरा वातावरण अलौकिक और गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते और नाचते नजर आए। सत्संग के दौरान केवल कृष्ण ने भक्तों को श्री राधा रानी जी के प्राकट्य की पावन कथा का रसपान कराया। उन्होंने राधा जी के प्राकट्य की कथा सुनाई।
समापन सत्र में राजेश शर्मा ने भजनों में "मन भूल मत जइयो राधा रानी के चरण’ और "बरसाने बजत बधाई, कीर्ति ने लाली जाई’ जैसे संकीर्तन प्रस्तुत किए। भजनों की धुन पर उपस्थित सभी भक्तजन अपने स्थान पर खड़े होकर नाचने लगे। अंत में श्री राधा माधव जी की आरती उतारी गई और सभी भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया।
यहां पर नरिंदर गुप्ता, अजीत, रेवती रमन गुप्ता, राममिलन पांडे, कपिल देव शर्मा, अजय अग्रवाल, मिंटू कश्यप, हेमंत थापर, राजन गुप्ता, विजय, रजिंदर लूथरा, चंद्र मोहन, संजय सहगल, प्रवेश गुप्ता, गुरुवरिंदर, सत्यव्रत गुप्ता, मनीष अग्रवाल, चेतन दास, दीपक बांसल, जतिन बांसल, केशव अग्रवाल, विजय मक्कड़, मानव गुप्ता, अजय अरोड़ा, संजीव खन्ना, दिनेश शर्मा, विशाल भल्ला, ललित अरोड़ा, गोपाल अग्रवाल, गोवर्धन शर्मा, अश्विनी अग्रवाल, मनीष वर्मा व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।
सबसे मुख्य और विशेष आकर्षण श्री राधा रानी जी के चरण दर्शन रहे। केवल कृष्ण ने बताया कि पूरे वर्ष में केवल आज (राधा अष्टमी) के दिन ही श्रद्धालुओं को राधा रानी जी के श्री चरणों के प्रत्यक्ष दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है।
शास्त्रों के अनुसार, चरणों में 19 दिव्य शुभ चिह्न (जैसे चक्र, छत्र, शंख, कमल, ध्वजा आदि) सुशोभित हैं। इन अलौकिक चिह्नों के कारण उनके चरण अत्यंत अनमोल और मंगलकारी माने जाते हैं। दर्शनों के लिए मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। राधा रानी जी।
