कौन हैं 39 साल की TV Anchor Sarah Khalifa? ड्रग्स केस में 11 अन्य आरोपियों के साथ मिली मौत की सजा

Time Updated: Sunday, September 6, 2026, 16:25 [IST]

TV Anchor Sarah Khalifa Drug Case: मिस्र की चर्चित टीवी प्रेजेंटर और प्रोड्यूसर सारा खलीफा को ड्रग्स से जुड़े एक बड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। काहिरा की एक आपराधिक अदालत ने 5 सितंबर 2026 को सारा खलीफा समेत कुल 12 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई।

अदालत ने आरोपियों को संगठित आपराधिक गिरोह बनाकर मादक पदार्थों के निर्माण और तस्करी से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया। मामले में 9 अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिली, जबकि 7 को बरी कर दिया गया। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर सारा खलीफा है कौन?

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Who Is Sarah Khalifa: कौन हैं सारा खलीफा?

39 वर्षीय सारा खलीफा मिस्र की जानी-मानी टीवी हस्तियों में शामिल हैं। वह 'Mission Impossible' नाम के कार्यक्रम की मेजबानी के लिए पहचानी जाती हैं। यह कार्यक्रम सुरक्षा और अपराध से जुड़े मामलों पर केंद्रित था। टीवी की दुनिया से जुड़ी सारा खलीफा बिजनेस में भी सक्रिय रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके पास एक कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिक है और वह इवेंट व प्रोडक्शन से जुड़ी कंपनी भी चलाती हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी लोकप्रियता है। हालांकि, उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें हैं, इसलिए इसे सटीक आंकड़े के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।

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किस मामले में सुनाई गई मौत की सजा?

अदालत के मुताबिक, सारा खलीफा और अन्य आरोपियों ने एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया था। इस समूह पर विदेशों से मादक पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मंगाने और उनसे सिंथेटिक ड्रग्स तैयार कर उनकी तस्करी करने का आरोप था। मामले में अवैध हथियार और गोला-बारूद रखने के आरोप भी शामिल थे। सरकारी मीडिया के मुताबिक, जांच के दौरान 750 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ और कच्चा माल बरामद किया गया। जांच एजेंसियों को दो ऐसे अपार्टमेंट भी मिले, जिनका कथित तौर पर ड्रग्स बनाने के लिए प्रयोग किया जा रहा था। अभियोजन पक्ष ने मामले की जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए और करीब 20 गवाहों के बयान दर्ज किए।

सारा खलीफा ने आरोपों से किया इनकार

सारा खलीफा ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया और ड्रग्स से जुड़े आरोपों से इनकार किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी सिगरेट तक नहीं पी और नशीले पदार्थों को पहली बार तब देखा, जब अधिकारियों ने उनके साथ उनकी तस्वीरें खींची थीं। यानी अदालत के सामने सारा खलीफा का रुख यह रहा कि वह ड्रग्स नेटवर्क में शामिल नहीं थीं। हालांकि, अदालत ने अभियोजन पक्ष के मामले और उपलब्ध सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई।

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मौत की सजा से पहले क्या हुआ?

मिस्र में मौत की सजा के मामलों में अदालत द्वारा ग्रैंड मुफ्ती से धार्मिक राय लेना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। सारा खलीफा समेत 12 आरोपियों के मामले में भी यह प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद अदालत ने मौत की सजा की पुष्टि की। हालांकि, फैसला अभी अंतिम रूप से अमल में नहीं आया है और आरोपियों के पास अपील करने का अधिकार है।

28 आरोपियों वाले मामले में क्या हुआ?

यह मामला कुल 28 आरोपियों से जुड़ा था। अदालत ने सारा खलीफा समेत 12 लोगों को मौत की सजा सुनाई। इसके अलावा 9 आरोपियों को उम्रकैद मिली, जबकि 7 आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। सारा खलीफा और अन्य कुछ आरोपियों को एक अलग मामले में एक युवक के कथित अपहरण और मारपीट के आरोप में भी पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई है।