4 साल में 13 परीक्षाओं पर विवाद, 5.57 लाख पद: 24,492 पोस्ट की वैकेंसी, 33 लाख आवेदन, 3 साल से परीक्षा का इंतजार - Patna News
पटना53 मिनट पहले
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बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए पिछले 4 साल परीक्षा से ज्यादा विवाद, इंतजार और आंदोलन के रहे।
पेपर लीक, भर्ती नियम बदलने और रिजल्ट में गड़बड़ी जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों ने आंदोलन किए। पुलिस की लाठी खाई। इसके बाद भी परीक्षा का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
1.60 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। BSSC की 24,492 पदों पर भर्ती के लिए 33 लाख आवेदन मिले, लेकिन अब तक परीक्षा का इंतजार है। बीते 4 साल में 5 बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप लगे। 8 से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही।
पिछले चार साल में बिहार की सरकारी भर्तियों में क्या हुआ? कौन सी परीक्षा क्यों अटकी या रद्द हुई? अभ्यर्थियों ने क्यों विरोध किया? पढ़िए रिपोर्ट…।
पहले पेपर लीक वाली भर्तियां जानिए
बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2023: पहली परीक्षा के दिन ही पेपर लीक
CSBC ने जून 2023 में बिहार पुलिस में 21,391 कांस्टेबल पदों पर भर्ती निकाली। करीब 18 लाख अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पात्र थे। परीक्षा 1, 7 और 15 अक्टूबर 2023 को होनी थी। 1 अक्टूबर को पहली परीक्षा के दौरान ही प्रश्न पत्र और उत्तर पहले से उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आने लगीं। कई जगह नकल, दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने और मोबाइल से उत्तर देखने के मामले भी मिले।
EOU ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच में प्रश्नपत्र को एक संगठित गिरोह के जरिए परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की बात सामने आई। पटना हाईकोर्ट में EOU की जांच के हवाले से कहा गया कि गिरोह जून 2023 से सक्रिय था। टेलीग्राम के जरिए उत्तर उपलब्ध कराने का नेटवर्क चला रहा था।
गड़बड़ी सामने आने के बाद 1 अक्टूबर की परीक्षा रद्द कर दी गई और 7 व 15 अक्टूबर की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं। EOU ने मामले में बड़े नेटवर्क की जांच की और अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई।
2. BPSC TRE-3: प्रश्नपत्र गिरोह तक पहुंचा, 3.75 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द
BPSC ने TRE-3 में 87,774 शिक्षक पदों पर भर्ती निकाली। करीब 5.81 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। 15 मार्च 2024 को परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना EOU तक पहुंच गई।
EOU ने हजारीबाग में छापेमारी कर अभ्यर्थियों और गिरोह से जुड़े लोगों को पकड़ा। जांच में प्रश्नपत्र, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और परीक्षा से जुड़ी सामग्री मिलने की बात सामने आई। जांच एजेंसी के अनुसार अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए बड़ी रकम की डील हुई थी।
जांच रिपोर्ट के बाद BPSC ने 15 मार्च की परीक्षा रद्द कर दी। 19 से 22 जुलाई 2024 के बीच पुनर्परीक्षा कराई गई।
पटना में अभ्यर्थी बहाली निकालने और एग्जाम कराने को लेकर आए दिन सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
3. CHO भर्ती 2024: ऑनलाइन सिस्टम से छेड़छाड़, परीक्षा रद्द
राज्य स्वास्थ्य समिति ने 4,500 CHO (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) पदों पर भर्ती निकाली। 1 और 2 दिसंबर 2024 को कंप्यूटर आधारित तरीके से परीक्षा होनी थी। 1 दिसंबर को परीक्षा शुरू होने के बाद कई केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायत सामने आई।
पुलिस और EOU ने पटना के ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की। ऑनलाइन सिस्टम, रिमोट एक्सेस और तकनीकी माध्यमों से परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका सामने आई।
1 दिसंबर की परीक्षा रद्द और 2 दिसंबर की परीक्षा रोक दी गई। मामले में बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं। परीक्षा केंद्रों तथा तकनीकी व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका जांच में आई। 10 जुलाई 2025 को दोबारा परीक्षा कराई गई।
4. BPSC AEDO भर्ती 2026: बायोमेट्रिक-जैमर व्यवस्था पर सवाल, रद्द हुई परीक्षा
BPSC ने Assistant Education Development Officer यानी AEDO के 935 पदों पर भर्ती निकाली। परीक्षा 14 से 21 अप्रैल 2026 के बीच 9 शिफ्ट में कराई गई। इस दौरान गड़बड़ी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आईं।
BPSC ने जांच के बाद पूरी परीक्षा रद्द कर दी। परीक्षा में बायोमेट्रिक सेवा देने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया। EOU की जांच में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था में लगी थर्ड पार्टी एजेंसियों, बायोमेट्रिक और जैमर ऑपरेटरों की भूमिका सामने आई। इसके बाद BPSC ने परीक्षा रद्द कर दी।
5. APSWMO 2026: परीक्षा के बाद मालप्रैक्टिस की शिकायत, परीक्षा रद्द
APSWMO (Assistant Public Sanitary and Waste Management Officer) की परीक्षा 23 अप्रैल 2026 को हुई। परीक्षा के बाद कदाचार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आईं।
BPSC ने APSWMO परीक्षा रद्द कर दी। जांच में बायोमेट्रिक और जैमर व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठे और संबंधित सेवा प्रदाता को ब्लैकलिस्ट किया गया। अब वैसी वैकेंसी जिसकी परीक्षा हुई, लेकिन बात आंदोलन तक पहुंची
1 . BPSC TRE-1: 1.70 लाख पद, डोमिसाइल हटाने पर विवाद
BPSC ने मई 2023 में 1,70,461 स्कूल शिक्षक पदों पर भर्ती निकाली। परीक्षा 24 से 26 अगस्त 2023 तक हुई। यह बिहार में BPSC के जरिए शिक्षक भर्ती की नई व्यवस्था की शुरुआत थी।
भर्ती शुरू होने से पहले ही बड़ा विवाद डोमिसाइल को लेकर खड़ा हो गया। सरकार ने बिहार के बाहर के अभ्यर्थियों को भी आवेदन की अनुमति दी।
तर्क दिया गया कि गणित और विज्ञान जैसे विषयों में पर्याप्त योग्य शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। प्रतियोगिता बढ़ाने की जरूरत है। बिहार के अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया और स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की मांग की।
1 जुलाई 2023 को करीब 3 हजार शिक्षक अभ्यर्थी गांधी मैदान से राजभवन मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया।
अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठियां भी भांज रही है।
2. BPSC TRE-2: 1.22 लाख पद, खाली सीटों को लेकर हुआ विवाद
नवंबर 2023 में TRE-2 का विज्ञापन आया और दिसंबर में परीक्षा हुई। भर्ती में कुल विज्ञापित पद करीब 1.22 लाख थे। परीक्षा के बाद करीब 94 हजार अभ्यर्थी सफल हुए। बड़ी संख्या में पद खाली रहने का सवाल उठा।
अभ्यर्थियों ने बाकी पदों पर नियुक्ति और सप्लीमेंट्री रिजल्ट की मांग की। मामला पटना हाईकोर्ट तक पहुंचा। बाद में BPSC ने सप्लीमेंट्री रिजल्ट की प्रक्रिया अपनाई।
3. BPSC 70वीं CCE: बापू केंद्र में हुई परीक्षा रद्द
BPSC की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को 912 केंद्रों पर हुई। पटना के बापू परीक्षा परिसर में प्रश्नपत्र वितरण और परीक्षा व्यवस्था को लेकर हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों ने परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर से जुड़े आरोप लगाए।
BPSC ने जांच के बाद पूरे बिहार की परीक्षा रद्द नहीं की। सिर्फ बापू परीक्षा परिसर केंद्र की परीक्षा रद्द की गई। वहां के अभ्यर्थियों के लिए अलग से पुनर्परीक्षा कराई गई। आयोग ने पूरे पेपर के लीक होने की बात को स्वीकार नहीं किया।
इस दौरान नॉर्मलाइजेशन को लेकर अभ्यर्थियों ने विरोध किया। अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने की स्थिति में अंकों के सामान्यीकरण की आशंका को लेकर प्रदर्शन हुए। BPSC ने कहा कि विज्ञापन में नॉर्मलाइजेशन का प्रावधान नहीं है। विवाद के दौरान पटना में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई भी हुई।
4. STET 2025: TRE से पहले पात्रता परीक्षा कराने की मांग पर आंदोलन
2025 में STET को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन शिक्षक भर्ती से जोड़कर सामने आया। अभ्यर्थियों की मांग थी कि अगली शिक्षक भर्ती से पहले STET कराई जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थी TRE में शामिल हो सकें।
अभ्यर्थियों ने परीक्षा में देरी को लेकर पटना में प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। STET 2025 की परीक्षा अक्टूबर-नवंबर में कराई गई।
5. TRE-4: परीक्षा पैटर्न को लेकर आंदोलन, अब फॉर्म भरने का इंतजार
TRE-4 को लेकर पहला बड़ा विवाद परीक्षा से पहले ही शुरू हो गया। अभ्यर्थी लंबे समय से BPSC से विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे थे। 8 मई 2026 को करीब 5 हजार अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से BPSC कार्यालय की ओर मार्च किया। JP गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर मार्च रोका। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
इसके बाद TRE-4 का विज्ञापन जारी हुआ और 32,388 शिक्षक पद रखे गए। BPSC ने TRE-4 में प्रारंभिक परीक्षा जोड़ दी। दो-स्तरीय प्रक्रिया का प्रस्ताव रखा। PT और MAINS लेने की बात कही गई। एक परीक्षा लिए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद सरकार ने TRE 4 में एक परीक्षा लेने का फैसला किया। अब छात्र TRE 4 में फॉर्म भरने का इंतजार कर रहे है।
6- 1,799 पदों पर दरोगा भर्ती, विवाद के बाद शुरू हुई जांच
सितंबर 2025 में BPSSC ने बिहार पुलिस में 1,799 दरोगा पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया। 18 और 21 जनवरी 2026 को प्रारंभिक परीक्षा हुई। 16 मार्च को रिजल्ट जारी हुआ, करीब 35,857 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल हुए।
19 अप्रैल की जगह 27 मई 2026 को मुख्य परीक्षा ली गई। मुख्य परीक्षा के बाद गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं। पूर्णिया में परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र की तस्वीर बाहर आने और गया में कथित कदाचार/सॉल्वर से जुड़ा मामला सामने आया। अभ्यर्थियों ने इसे पेपर लीक बताते हुए पूरी मुख्य परीक्षा रद्द करने की मांग शुरू की।
सरकार के निर्देश पर EOU ने पूर्णिया और गया में दर्ज मामलों को टेकओवर किया। EOU ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की। 15 सितंबर को अभ्यर्थियों ने पटना में प्रदर्शन कर मुख्य परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग की।
अभ्यर्थियों के बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने शिक्षक बहाली की प्रोसेस चालू की है।
अब वैसी वैकेंसी निकली, लेकिन परीक्षा नहीं हुई
1. BSSC द्वितीय इंटर स्तरीय भर्ती: 24,492 पद, 33 लाख आवेदन, परीक्षा का इंतजार
BSSC ने सितंबर 2023 में द्वितीय इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी किया। शुरुआत में 11,098 पद थे। 27 सितंबर 2023 से आवेदन शुरू हुए। इसके बाद आवेदन और दस्तावेजों से जुड़े कई संशोधन हुए।
संशोधित विज्ञापन में पदों की संख्या बढ़ाकर 24,492 की गई। 33 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया। सितंबर 2026 तक प्रारंभिक परीक्षा की तारीख घोषित नहीं हुई है।
2. 17 साल से लाइब्रेरियन भर्ती का इंतजार
अभ्यर्थियों के मुताबिक करीब 17 साल से लाइब्रेरियन की बड़ी भर्ती नहीं निकली है। इसके कारण लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
अब सरकार ने लाइब्रेरियन भर्ती की दिशा में Librarian Eligibility Test (LET) कराने की प्रक्रिया शुरू की है। इस पात्रता परीक्षा को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आयोजित करेगी।
करीब 5,800 लाइब्रेरियन पदों पर भर्ती की तैयारी है। हालांकि यह संख्या भर्ती का अंतिम विज्ञापन जारी होने के बाद ही पक्की मानी जाएगी।
बिहार में 5.57 लाख पद खाली, सभी पर नहीं होगी नई भर्ती
बिहार में 19.61 लाख से ज्यादा स्वीकृत सरकारी पदों में करीब 13.48 लाख पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 5.57 लाख से ज्यादा पद खाली हैं। सभी पर सीधी नई भर्ती नहीं होगी। 1.60 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और अधियाचना भेजी जा चुकी है। 2.50 लाख से ज्यादा पद प्रमोशन से भरने की तैयारी है।
शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा 1.53 लाख से अधिक पद खाली हैं। पुलिस विभाग में 62 हजार से ज्यादा सिपाही पदों पर चरणबद्ध भर्ती की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग में 17 हजार से ज्यादा, पंचायती राज में 10 हजार से ज्यादा, कृषि में करीब 6 हजार पद खाली हैं। जल संसाधन विभाग में 22,330 स्वीकृत पदों में करीब 60% रिक्त हैं।
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