विश्वकर्मा पूजा आज, पूजन के लिए 4 शुभ मुहूर्त, यहां पढ़ें भगवान विश्वकर्मा की आरती

Thu, 17 Sep 2026 11:10 AM IST

धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Thu, 17 Sep 2026 11:10 AM IST

सार

Vishwakarma Puja 2026: विश्वकर्मा पूजा के दिन मुख्य रूप से मशीनों की पूजा की जाती हैं। इस दिन लोग अपने कार्यस्थल की साफ-सफाई कर सभी उपकरणों का पूजन करते हैं। साथ ही भगवान विश्वकर्मा से सुख-समृद्धि और सफलता की कामना की जाती हैं।

Vishwakarma Puja 2026: आज विश्वकर्मा पूजा है। हर साल कन्या संक्रांति के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन सूर्य देव सिंह राशि में अपनी यात्रा पूरी करके कन्या राशि में प्रवेश करते हैं। इस साल सूर्य 17 सितंबर 2026 को कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में इसी दिन विश्वकर्मा पूजा का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विश्वकर्मा और कार्यक्षेत्र से जुड़ी वस्तुओं को विशेष रूप से पूजा जाता है। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा शिल्पकार और निर्माण कला के देवता हैं। यही वजह है कि विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर सभी औजारों व मशीनों का पूजन किया जाता है। इससे कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती हैं। चूंकि इस साल 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का पर्व मनाया जा रहा है। ऐसे में आइए इस दिन के महत्व और शुभ मुहूर्त को विस्तार से जानते हैं।

Vishwakarma Puja 2026 shubhu muhurat and shubh sanyog choghadiya muhurat

विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : amar ujala

विश्वकर्मा पूजा 2026 का शुभ मुहूर्त

  • पहला शुभ मुहूर्त सुबह 7:58 बजे से पूजा का शुभ समय शुरू होगा।
  • दूसरा सुबह 10:43 बजे से दोपहर 1:48 बजे तक रहेगा।
  • तीसरा शाम को 4:52 बजे से 6:24 बजे तक माना जा रहा है।
  • कन्या संक्रांति का पुण्य काल सुबह 7:58 बजे से दोपहर 2:31 बजे तक रहेगा। 
  • अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा।

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विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : amar ujala

17 सितंबर 2026, गुरुवार का चौघड़िया 

दिन का चौघड़िया

  • शुभ - सुबह 6:06 से 7:39 बजे तक
  • रोग - सुबह 7:39 से 9:11 बजे तक
  • उद्वेग - सुबह 9:11 से 10:43 बजे तक
  • चर - सुबह 10:43 से दोपहर 12:15 बजे तक
  • लाभ - दोपहर 12:15 से 1:47 बजे तक
  • अमृत - दोपहर 1:47 से 3:19 बजे तक
  • काल- दोपहर 3:19 से 4:51 बजे तक
  • शुभ- शाम 4:51 से 6:24 बजे तक

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Vishwakarma Puja 2026 shubhu muhurat and shubh sanyog choghadiya muhurat

विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : adobe stock

रात का चौघड़िया

  • अमृत - शाम 6:24 से 7:52 बजे तक
  • चर - शाम 7:52 से रात 9:19 बजे तक
  • रोग - रात 9:19 से 10:47 बजे तक
  • काल - रात 10:47 से 12:15 बजे तक
  • लाभ - रात 12:15 से 1:43 बजे तक
  • उद्वेग - रात 1:43 से 3:11 बजे तक
  • शुभ - रात 3:11 से 4:39 बजे तक
  • अमृत - सुबह 4:39 से 6:07 बजे तक

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Vishwakarma Puja 2026 shubhu muhurat and shubh sanyog choghadiya muhurat

विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : adobe

भगवान विश्वकर्मा की आरती

ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
सकल सृष्टि के कर्ता, रक्षक स्तुति धर्मा ।। 
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।

आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया।
जीव मात्र का जग में, ज्ञान विकास किया।। 
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।

ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नहीं पाई।
ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्ध आई ।। 
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।

रोग ग्रस्त राजा ने जब आश्रय लीना ।
संकट मोचन बन कर दूर दुःख कीना ।। 
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।

जब रथकार दम्पति, तुम्हारी टेर करी ।
सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी ।। 
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।

एकानन चतुरानन, पंचानन राजे ।
द्विभुज, चतुर्भुज, दसभुज, सकल रूप साजे ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।

ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे।
मन दुविधा मिट जाये, अटल शांति पावे ।। 
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।

श्री विश्वकर्मा जी की आरती जो कोई जन गावे ।।
कहत गजानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।