अक्तूबर के महीने में बनेंगे 4 बड़े राजयोग, इन 4 राशियों पर बरसेगी कृपा
Tue, 29 Sep 2026 09:34 AM IST
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 29 Sep 2026 09:34 AM IST
सार
October Rajyoga 2026: अक्तूबर में बुधादित्य, मालव्य और लक्ष्मी नारायण समेत 4 शुभ योग बनेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इनका असर 4 राशियों के लिए खास रह सकता है।
October Rajyoga 2026: अक्टूबर 2026 ग्रहों की चाल के लिहाज से महत्वपूर्ण महीना रहने वाला है। इस दौरान कई प्रमुख ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे, जिसके चलते अलग-अलग ग्रहों की युति से बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण, मालव्य और त्रिग्रही जैसे शुभ योगों का निर्माण होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर अलग हो सकता है। खासतौर पर कर्क, सिंह, तुला और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी भी राजयोग का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, लग्न और दशा आदि पर निर्भर माना जाता है।
राजयोग - फोटो : amar ujala
- 4 अक्तूबर को बनेगा त्रिग्रही योग: अक्तूबर की शुरुआत में ही ग्रहों की विशेष स्थिति देखने को मिलेगी। 4 अक्तूबर 2026 को चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस समय कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति और मंगल की मौजूदगी रहेगी। ऐसे में चंद्रमा, गुरु और मंगल की युति से त्रिग्रही योग बनेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह योग करीब 6 अक्टूबर तक प्रभाव में रह सकता है।
- 17 अक्तूबर को बुधादित्य योग: 17 अक्तूबर को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। तुला राशि में उस समय बुध की स्थिति रहेगी। सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, पद, प्रतिष्ठा और नेतृत्व से जोड़ा जाता है, जबकि बुध बुद्धि, संवाद, तर्क और व्यापार के कारक माने जाते हैं। ऐसे में इस योग को इन क्षेत्रों से जोड़कर देखा जाता है।
- 20 अक्तूबर को लक्ष्मी नारायण योग: 20 अक्तूबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे। तुला शुक्र की स्वराशि है और यहां पहले से बुध की मौजूदगी रहेगी। शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध-शुक्र की युति को धन, सुख-सुविधा, कला, व्यापार और भौतिक समृद्धि से संबंधित माना जाता है। ऐसे में इस योग को आर्थिक और व्यावसायिक मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- 20 अक्तूबर को ही मालव्य योग: शुक्र के तुला राशि में आने से 20 अक्तूबर को मालव्य योग का निर्माण भी होगा। मालव्य योग पंच महापुरुष योगों में शामिल माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार जब शुक्र अपनी स्वराशि या उच्च राशि में होकर कुंडली के केंद्र भाव यानी प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव में स्थित होता है, तब मालव्य योग बनता है। इस योग को ज्योतिषीय मान्यताओं में सुख-सुविधा, ऐश्वर्य, कला, आकर्षण और प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता है।
- 31 अक्तूबर को गुरु करेंगे सिंह राशि में प्रवेश: अक्तूबर के अंतिम दिन 31 अक्तूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु को ज्योतिष में ज्ञान, शिक्षा, विस्तार और समृद्धि का कारक माना जाता है। वहीं सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं और गुरु-सूर्य के बीच मित्रता का संबंध माना जाता है। इसी वजह से गुरु का सिंह राशि में गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका प्रभाव अलग-अलग राशियों पर उनकी कुंडली में गुरु की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है।
काम से जुड़ा स्थान परिवर्तन भी संभव माना जा रहा है। - फोटो : amar ujala
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए अक्तूबर में करियर और आर्थिक मामलों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी, पदोन्नति या वेतन से जुड़े अवसर मिलने की संभावना ज्योतिषीय गणनाओं में जताई जा रही है। काम से जुड़ा स्थान परिवर्तन भी संभव माना जा रहा है।
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लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं। - फोटो : amar ujala
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए अक्तूबर का आखिरी सप्ताह महत्वपूर्ण रह सकता है। 31 अक्तूबर को गुरु के सिंह राशि में प्रवेश के बाद इस राशि से जुड़े लोगों के लिए कई क्षेत्रों में बदलाव की स्थिति बन सकती है। लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं। शिक्षा और विदेश से जुड़े मामलों में भी नए अवसर बनने की संभावना मानी जा रही है।
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व्यापार से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। - फोटो : amar ujala
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए अक्तूबर में ग्रहों की स्थिति विशेष रहने वाली है। 20 अक्तूबर को शुक्र का अपनी राशि तुला में प्रवेश होगा और बुध के साथ उसकी युति बनेगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह समय व्यापार, आर्थिक मामलों, रचनात्मक कार्यों और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।