नालों में अब भी गंदगी: अफसरों का दावा: शहर के सभी 444 नाले साफ कराए; हकीकत: नालों पर अब भी अवैध कब्जा, गंदगी से पटे हैं - Gwalior News

नगर निगम का स्वास्थ्य अमला 66 वार्डों में बहने वाले 444 नालों की सफाई और अतिक्रमण मुक्त करने का दावा कर रहा है। जबकि मैदानी हकीकत इसके उलट है। कई मुख्य नालों में अब भी गंदगी भरी पड़ी है, जबकि नालों में अतिक्रमण की स्थिति यह है कि अब तक नाले के अगल-बगल

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नाले के ऊपर भी लोगों ने बाकायदा मकानों का निर्माण कर लिया हैं। इस कारण न तो इन नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। साथ ही पानी का बहाव सकरा करने के कारण जलभराव की समस्या से शहरवासियों को जूझना पड़ रहा है।

वहीं जहां निगम ने नालों की सफाई कराई है वहां जेसीबी सहित अन्य संसाधनों से गंदगी निकालकर नालों के किनारे ही पटक दी है। जिससे यही गंदगी फिर नाले में बहकर चली जाती है। जिससे जलभराव की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। नगरीय एरिया में ग्वालियर विधानसभा में सबसे ज्यादा 217 नाले हैं। इसके मुख्य कारण है यहां नालों की लंबाई ज्यादा है।

वहीं सबसे कम नाले 33 ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा में हैं। शहर में बहने वाले नालों की सफाई समय पर नहीं होने के कारण अधिकांश नालों में गाद सहित गंदगी भरी रहती है। आयुक्त संघ प्रिय लगातार बारिश से पहले सफाई पर जोर दे रहे थे, लेकिन जिम्मेदारों ने पुल-पुलिया के आस-पास सफाई कर इतिश्री कर डाली। यही कारण है नालों में कचरा भरा होने से रुक-रुककर हुई बारिश में ही शहर में जलभराव हुआ।

शहर के प्रमुख नाले, जिनकी सफाई न होने से हो रहा है जलभराव

  • शंकुतलापुरी नाला: इस नाले के अधिकांश बहाव एरिया पर अतिक्रमण हो गया है। यहां पुलिया के पास गंदगी अभी-भी भरी पड़ी है।
  • दर्पण कॉलोनी-सचिन तेंदुलकर रोड: इस नाले में कई जगह गंदगी भरी नजर आ जाएगी। यहां पुलिया के पास जरूर नाले में सफाई दिख रही है।
  • गोदाम बस्ती: दुल्लपुर के पास गोदाम बस्ती से गुजरने वाले खुले नाले में पुलिया के पास ही गंदगी भरी पड़ी हुई है। नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी ज्यादा जमा हो रही है।

कवर नाले की सफाई में आ रही है परेशानी इसलिए खतरा ज्यादा

ग्वालियर पूर्व और दक्षिण विधानसभा में प्राकृतिक नालों को नगर निगम ने कवर कराकर एरिया छोटा कर दिया है। उनको आरसीसी का बनाकर ढंक भी दिया है। ऐसे में नालों की सफाई न मशीन से हो सकती है और न कर्मचारियों से ठीक से हो पाएगी। तेज बारिश के दौरान ऐसे नालों में समस्या आती है। इनमें प्रमुख रूप से सिटी सेंटर में संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा के बगल में बहने वाले नाला और ओफो की बगिया के आसपास के नाले को भी कवर कर छोटा कर दिया है। ये नाका चंद्रवदनी बड़े पुल तक के हालात है।