डबल मर्डर के 45 साल बाद 70 वर्षीय आरोपी को मिली रिहाई; 3 अन्य आरोपियों की मौत
Aug 25, 2026 05:13 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, भाषा

झारखंड के दुमका में 1981 में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 70 वर्षीय आरोपी साइमन सोरेन की उम्रकैद की सजा निलंबित कर उसे रिहा करने का आदेश दिया। मुकदमे और अपील की लंबी प्रक्रिया के दौरान तीन सह-आरोपियों की मौत हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को न्यायिक व्यवस्था की विफलता बताया।

डबल मर्डर के 45 साल बाद 70 वर्षीय आरोपी को मिली रिहाई; 3 अन्य आरोपियों की मौत
झारखंड के दुमका में 1981 में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने करीब 45 साल बाद बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने 70 वर्षीय आरोपी साइमन सोरेन की उम्रकैद की सजा निलंबित करते हुए उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। इस मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमे और अपील की प्रक्रिया इतनी लंबी चली कि छह आरोपियों में से तीन की हाईकोर्ट में अपील लंबित रहने के दौरान मौत हो गई।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने 19 अगस्त के अपने आदेश में मामले की लंबी न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई। अदालत ने इसे ‘न्यायिक व्यवस्था की विफलता’ बताया। पीठ ने कहा कि अपराध के बाद दोषसिद्धि तक पहुंचने में लंबा समय लगा और इसके बाद अपील के निपटारे में भी दो दशक से ज्यादा समय लग गया।
1981 में हुई थी दो लोगों की हत्या
यह मामला दुमका जिले में 18 अक्टूबर 1981 को हुई दो लोगों की हत्या से जुड़ा है। इस मामले में छह लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोप तय होने से पहले ही दो आरोपियों की मौत हो गई। इसके बाद निचली अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
निचली अदालत का फैसला 2002 में आया था। इसके खिलाफ आरोपियों ने झारखंड हाईकोर्ट में अपील की। लेकिन इस अपील पर फैसला आने में करीब 22 साल लग गए। हाईकोर्ट ने 28 अक्टूबर 2024 को अपील खारिज करते हुए उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। इस दौरान दोषी ठहराए गए चार आरोपियों में से तीन की मौत हो गई। अकेले बचे साइमन सोरेन को 2024 में हाईकोर्ट के फैसले के बाद हिरासत में आत्मसमर्पण करना पड़ा।
70 साल की उम्र और खराब स्वास्थ्य का भी हवाला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि साइमन सोरेन की उम्र करीब 70 वर्ष है और वह कई बीमारियों से पीड़ित है। अदालत के मुताबिक उसने अब तक कुल 2 साल, 4 महीने और 12 दिन ही हिरासत में बिताए हैं। वह फिलहाल हिरासत में रहते हुए अस्पताल में उपचार करा रहा है।
पीठ ने कहा कि दोहरे हत्याकांड जैसे गंभीर अपराध के बावजूद पिछले 45 वर्षों में आरोपी ने जो पीड़ा झेली है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने सजा निलंबित करते हुए उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया। हालांकि, शर्त रखी गई है कि जमानत पर रहते हुए वह कोई अपराध नहीं करेगा और निजी जमानत देगा।
हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर भी SC चिंतित
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक अपीलों के लंबित मामलों की स्थिति पर भी चिंता जताई। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की रिपोर्ट में बताया गया कि सुनवाई में देरी की एक वजह आरोपियों का छह साल तक फरार रहना था। हालांकि, 1991 में आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में लगे 12 साल की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई।
अदालत ने यह भी पाया कि आरोप तय होने के बाद 11 वर्षों में मामला पांच बार एक अदालत से दूसरी अदालत में स्थानांतरित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के मूल रिकॉर्ड को भौतिक और डिजिटल दोनों रूप में तलब किया है और अगली सुनवाई 18 सितंबर को तय की है।
लेखक के बारे में
Ratan Gupta
रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
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रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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