उपग्रह तस्वीरों से खुलासा, 47 वर्षों में ग्रीनलैंड, अंटार्कटिका से 12000 अरब टन से ज्यादा बर्फ पिघली

वाशिंगटन, 16 सितंबर (एपी) एक प्रमुख वैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार, 1979 से ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका के हिमनदों से लगभग 12500 अरब टन बर्फ पिघल चुकी है। यह इतनी ज्यादा बर्फ है कि इससे पूरे अमेरिकी महाद्वीप में बर्फ की पांच फुट की परत बिछाई जा सकती है।

बुधवार को ‘साइंटिफिक डेटा’ पत्रिका में छपे एक अध्ययन के मुताबिक, धरती के गर्म होने से ग्रह की दो बड़ी बर्फ की चादरों (आइस शीट्स) के पिघलने की रफ्तार बढ़ रही है। पिघलने वाली बर्फ का छह में से पांचवां हिस्सा गर्म हवा की वजह से नहीं, बल्कि गर्म पानी की वजह से पिघल रहा है जो नीचे और किनारों से बर्फ की चादरों को काट रहा है, और हिमनद समुद्र में बह रहे हैं। अध्ययन करने वालों का कहना है कि भविष्य में समुद्र का जलस्तर बढ़ने के लिहाज से यह बुरी खबर है।

अध्ययन के सह-लेखक और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, इरविन के हिम वैज्ञानिक एरिक रिग्नोट ने कहा, “बर्फ की चादरें तेजी से पिघल रही हैं। हम ध्रुवीय क्षेत्रों की बर्फ खो रहे हैं, समुद्र का जलस्तर दुनियाभर में बढ़ रहा है और इससे तटीय क्षेत्रों की असुरक्षा और बढ़ेगी।”

पिघलने की प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े हैरान कर देने वाले हैं।

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पिघली हुई इस पूरी बर्फ से करीब 30 लाख अरब गैलन पानी बना, जिससे 1979 के बाद से वैश्विक समुद्र स्तर में लगभग एक इंच (3.1 सेंटीमीटर) की वृद्धि हुई। यह वृद्धि समुद्र के स्तर को बढ़ाने वाले जलवायु से जुड़े अन्य कारकों के अतिरिक्त है।

अध्ययन की प्रमुख लेखिका और इंग्लैंड की नॉर्थम्ब्रिया विश्वविद्यालय की हिम वैज्ञानिक इनेस ओतोसाका ने कहा कि एक इंच की वृद्धि भले ही ज्यादा न लगे, लेकिन समुद्र स्तर में हर एक-तिहाई इंच (या एक सेंटीमीटर) की बढ़ोतरी से 20 से 30 लाख अतिरिक्त लोग साल में कम से कम एक बार बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।

ओतोसाका ने कहा कि ग्रीनलैंड का जेकबशावन हिमनद तेजी से पिघल रहा है और अब प्रतिदिन 164 फुट (50 मीटर) तक पीछे खिसक रहा है।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के नेतृत्व में ध्रुवीय क्षेत्रों के वैज्ञानिकों के अंतरराष्ट्रीय सहयोग समूह ने पहले केवल यूरोपीय उपग्रहों से मिले आंकड़ों के आधार पर 1990 के दशक से बर्फ की चादरों के पिघलने का अध्ययन किया था। लेकिन नासा के उपग्रहों को भी इसमें शामिल करने के बाद वैज्ञानिक अंटार्कटिका में 1979 और ग्रीनलैंड में 1972 तक बर्फ की चादरों की मात्रा का आकलन करने में सक्षम हो सके।

ओतोसाका ने कहा, “यह स्पष्ट रुझान है कि बर्फ की चादरें अधिक मात्रा में बर्फ खो रही हैं और हर दशक के साथ यह नुकसान बढ़ता जा रहा है, खासकर अगर समुद्र में बहने वाली बर्फ को देखा जाए। और यह बिल्कुल साफ है कि इसका जलवायु परिवर्तन से संबंध है।”

अंतरराष्ट्रीय दल ने 45 स्वतंत्र सर्वेक्षणों और 27 अलग-अलग उपग्रहों का इस्तेमाल किया।

एपी

प्रशांत नरेश

नरेश