नर्मदापुरम में अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर ताशी शेरपा की अपील खारिज: बाघ-पैंगोलिन तस्करी मामले में 5 साल की सजा और 10 हजार जुर्माना बरकरार - narmadapuram (hoshangabad) News
मध्यप्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ और पेंगोलिन के शिकार तथा उनके अंगों की तस्करी से जुड़े मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय, नर्मदापुरम ने अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर ताशी उर्फ ताशी शेरपा की अपील खारिज कर दी है।
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बुधवार को कोर्ट ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नर्मदापुरम द्वारा सुनाई गई 5 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा है। ताशी शेरपा करीब दो साल से नर्मदापुरम की सेंट्रल जेल में बंद है।
2015 में हुआ था गिरोह का भंडाफोड़ मामला जुलाई 2015 का है। उस दौरान बाघ और पेंगोलिन के शिकार तथा उनके अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। जांच में कुल 36 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें ज्यादातर बैतूल, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम सहित मध्यप्रदेश के अन्य जिलों के रहने वाले थे।
जांच के अनुसार, आरोपी ताशी शेरपा की मांग और एक अन्य आरोपी जेई तमांग के कहने पर वन्यजीवों का शिकार करते थे। एसटीएसएफ के तत्कालीन अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह के सदस्य बाघ की खाल, हड्डियां, चर्बी का तेल, नाखून और बाल तथा पेंगोलिन के स्केल जेई तमांग को बेचते थे। इसके बाद इन्हें ताशी शेरपा समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय तस्करों तक पहुंचाया जाता था।
जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से बाघ की खाल सहित अन्य वन्यजीव संबंधी सामग्री जब्त की गई थी।

2022 में 27 आरोपियों को हुई थी सजा मामले में पुलिस ने 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से दो आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी फरार बताया गया। 20 दिसंबर 2022 को कोर्ट ने 27 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सभी को 5-5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
वहीं, गिरोह के मास्टरमाइंड और अंतरराष्ट्रीय तस्कर जेई तमांग तथा ताशी उर्फ ताशी शेरपा समेत सात आरोपी लंबे समय तक फरार रहे। मामले की जांच के दौरान एसटीएसएफ ने इंटरपोल, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भी सहयोग लिया था।
2024 में सिलीगुड़ी से गिरफ्तार हुआ ताशी लंबे समय तक फरार रहने के बाद एसटीएसएफ की टीम ने ताशी शेरपा को 23 जनवरी 2024 को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पानी टंकी, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से कथित तौर पर फर्जी भारतीय दस्तावेज, जिसमें आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल थे, विदेशी मुद्रा, नेपाली और भूटानी मुद्रा तथा तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए थे।

कोर्ट ने यांगचेन को जेल भेज दिया।
ब्रेन मैपिंग और नार्को एनालिसिस भी कराया गया जांच के दौरान MPSTSF ने वैज्ञानिक विवेचना के तहत ताशी शेरपा का ब्रेन मैपिंग (BEOS) और नार्को एनालिसिस परीक्षण कराया था। जांच एजेंसी के अनुसार, परीक्षण में बाघ की हड्डियों और पेंगोलिन स्केल्स की तस्करी से उसकी कथित संलिप्तता सामने आई। इसके अलावा साइबर डेटा भी एकत्र किया गया, जिसे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
2025 में महिला अंतरराष्ट्रीय तस्कर भी गिरफ्तार मामले से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच के दौरान महिला वन्यजीव तस्कर यांगचेन लाचुगपा को भी गिरफ्तार किया गया था। WCCB और STSF की संयुक्त टीम ने उसे 3 दिसंबर 2025 को भारत-चीन सीमा के पास सिक्किम के लाचंग, मंगन क्षेत्र से पकड़ा था।
इसके बाद उसे विमान से भोपाल लाया गया और 5 दिसंबर 2025 को नर्मदापुरम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पांच दिन की पुलिस रिमांड मिली थी। रिमांड के दौरान अधिकारियों ने गिरोह के मास्टरमाइंड जेई तमांग, सप्लाई चेन और विदेशी नेटवर्क से जुड़े पहलुओं को लेकर पूछताछ की। टीम ने बैंक लेनदेन और वित्तीय कड़ियों की भी जांच की थी। रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट ने यांगचेन को जेल भेज दिया।