दिल्ली में गिरा 5 मंजिला भवन: 1 की मौत, 3 की हालत गंभीर; 25-30 लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका - Haribhoomi
दक्षिण दिल्ली के सत्या निकेतन इलाके में एक 5 मंजिला पीजी इमारत ढह गई। तीन लोगों को बचाया गया है, जबकि कई छात्रों के फंसे होने की आशंका है।
दक्षिण दिल्ली के सत्या निकेतन इलाके में एक 5 मंजिला पीजी इमारत ढह गई।
- Published: 06 Sep 2026, 04:03 PM IST
- Last Updated: 06 Sep 2026, 05:20 PM IST
Delhi Satya Niketan building collapse: दक्षिण दिल्ली के व्यस्त सत्या निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हुआ है। छात्रों के रहने वाला एक निजी पीजी (पेइंग गेस्ट) भवन अचानक ढह गया। इस दुर्घटना में अब तक तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन मलबे के नीचे अभी भी कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तुरंत आपातकालीन टीमों को मौके पर रवाना किया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा को इस दुर्घटना की सूचना दोपहर करीब 1:30 बजे प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ढहने वाली संरचना एक पांच मंजिला इमारत थी, और बचाव दल वहां पहुंचकर स्थिति की गंभीरता का जायजा लेते हुए विवरणों की पुष्टि कर रहे हैं।
एनडीआरएफ और दमकल की टीमें मौके पर तैनात
हादसे के बाद बचाव अभियान को तेज करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की एक टीम को भी तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी खुद पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए घटनास्थल पर पुलिस बलों के साथ-साथ पांच दमकल गाड़ियों को भी तैनात किया गया है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि वर्तमान में मलबे में फंसे या घायल हुए लोगों की सटीक संख्या का पता नहीं चल पाया है। जैसे ही स्थिति और तथ्य प्रमाणित होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताई गहरी चिंता
इस भीषण हादसे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए स्थिति को 'बेहद चिंताजनक' करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर एक नागरिक की सुरक्षा और भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी देते हुए लिखा कि डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर बचाव कार्यों को अंजाम दे रही हैं। एहतियात के तौर पर बगल वाली इमारत को भी खाली करा लिया गया है। मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी: विधायक अनिल शर्मा
इस बीच, स्थानीय भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने इस घटना को बेहद दुखद और हृदय विदारक बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और पूरी दिल्ली सरकार इस बात को लेकर बेहद चिंतित है कि छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र यहां पढ़ाई करने आते हैं और इस इमारत में पीजी के रूप में रहते थे, जो अब ढह चुकी है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह कहना अभी मुश्किल है कि मलबे के भीतर पांच, दस या बीस छात्र फंसे हैं, लेकिन यह तय है कि कुछ छात्र अंदर फंसे हुए हैं।
एनडीआरएफ और एमसीडी की टीमों ने अब तक कुछ लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। कुछ छात्र अंदर से फोन भी कर रहे हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि अन्य लोग भी अंदर फंसे हुए हैं, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है।