कर्ज माफ कराने 5 हजार किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली: खरगोन में महापंचायत आयोजित; कहा- 4 गुना मुआवजा तय हो - Khargone News
खरगोन में भारतीय राष्ट्रीय मजदूर महासंघ की ओर से बुधवार दोपहर अनाज मंडी परिसर में किसान महापंचायत आयोजित की गई। इसके बाद 5 हजार से ज्यादा किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ आक्रोश रैली निकाली।
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महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी भी रैली में शामिल हुए। महापंचायत में किसानों ने कपास की शत-प्रतिशत MSP पर खरीदी और फोरलेन निर्माण से प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा देने की मांग उठाई।
किसानों की मांगों का पत्र कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया।
चार महीने की खेती पर निर्भर रहता है किसान का परिवार महापंचायत में शिवकुमार कक्काजी ने कहा कि किसान का परिवार साल में करीब चार महीने की खेती पर निर्भर रहता है। उन्होंने कहा कि फोरलेन निर्माण से प्रभावित किसानों के परिवार के पांच सदस्यों को एक इकाई मानकर नए नियमों के अनुसार चार गुना मुआवजा तय किया जाना चाहिए। किसानों ने फोरलेन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग रखी।
2 किमी लंबी रैली से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित महापंचायत के बाद अनाज मंडी से कलेक्ट्रेट तक करीब 2 किलोमीटर लंबी ट्रैक्टर आक्रोश रैली निकाली गई। बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के शहर में पहुंचने से ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई।
स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बावड़ी बस स्टैंड से सुखपुरी की ओर यातायात डायवर्ट किया।
अपर कलेक्टर को सौंपा मांगों का पत्र रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां शाम को किसानों ने अपर कलेक्टर रेखा राठौड़ को महापंचायत में तय की गई मांगों की जानकारी दी।
किसानों ने कहा कि समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। रैली में 200 से ज्यादा महिलाएं भी शामिल हुईं।
कपास की पूरी MSP खरीदी और 25% नमी तक खरीद की मांग मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए पत्र में किसानों ने कपास की शत-प्रतिशत MSP पर खरीदी की मांग की। किसानों का कहना है कि 25 प्रतिशत तक नमी वाले कपास की भी CCI द्वारा खरीदी की जाए।
इसके साथ ही जिले से गुजरने वाले देशगांव-जुलवानिया और बड़वाह-धामनोद फोरलेन से प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा देने की मांग की गई।
किसानों ने नकली बीज और खाद की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने, सभी फसलों का उचित दाम और बोनस देने की मांग भी रखी।
इसके अलावा किसान कर्जमाफी लागू करने और कृषि बिजली बिल माफ करने की मांग की गई। किसानों ने इन मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है।