Ayurvedic Hair Care: कंघी करते ही झांकता है स्कैल्प, बुरी तरह टूट रहे हैं बाल? लगाएं ये 5 'देसी' आयुर्वेदिक पाउडर; लंबे और घने होंगे बाल
Ayurvedic Hair Care: आजकल की बिगड़ी लाइफस्टाइल और मिलावटी खानपान का सीधा असर बालों पर पड़ता है. बालों का झड़ना, पतला होना, डैंड्रफ और समय से पहले सफेद होना काफी आम हो गया है. इन सभी चीजों से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर बाजार से महंगे-महंगे शैंपू, सीरम और हेयर मास्क खीदरते हैं. इतनी सब चीजों पर पैसे खर्च करने के बावजूद कई लोगों को मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता है. ऐसे में एक बार फिर लोगों का ध्यान उन पुराने आयुर्वेदिक नुस्खों की तरफ जा रहा है, जिनमें बालों को हेल्दी बनाने के लिए कई तरह की जड़ी-बूटियों के पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है.
खास बात ये है कि इनमें से कुछ पाउडर घर पर हेयर मास्क या क्लीनिंग रूटीन में शामिल किए जा सकते हैं. आज हम आपको उन 5 आयुर्वेदिक पाउडर के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें बालों को लंबा और घना बनाने के लिए दशकों से इस्तेमाल किया जा रहा है. आप भी इन्हें अपने हेयर केयर रूटीन में शामिल करके बालों को लंबा, घना और चमकदार बना सकते हैं.
भृंगराज पाउडर से शुरू करें हेयर केयर
आयुर्वेदिक हेयर केयर में भृंगराज का नाम काफी पुराना है. इसे अक्सर बालों की जड़ों और स्कैल्प की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है. भृंगराज पाउडर को पानी या किसी हेयर ऑयल के साथ मिलाकर हेयर पैक की तरह लगाया जाता है. अगर आप इसे नियमित रूप से हेयर केयर में शामिल करें, तो बाल मजबूत और मुलायम हो सकते हैं. भृंगराज को बालों के लिए उपयोगी जड़ी-बूटी माना जाता है.
ब्राह्मी पाउडर देगा स्कैल्प को एक्स्ट्रा केयर
ब्राह्मी का इस्तेमाल भी हेयर केयर के लिए दशकों से किया जा रहा है. इसका पाउडर हेयर पैक में शामिल किया जा सकता है. इसे खासतौर पर कमजोर और पतले बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है. अगर आपके बाल लगातार रूखे और बेजान नजर आते हैं, तो ब्राह्मी जैसे हर्बल पाउडर को हेयर केयर रूटीन में जगह दी जा सकती है. हालांकि हर व्यक्ति के बालों और स्कैल्प का मिजाज अलग होता है, इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है.
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शिखाकाई पाउडर शैंपू का देसी ऑप्शन
शिखाकाई को पुराने समय से बाल धोने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसमें नेचुरल सैपोनिन पाए जाते हैं, जो स्कैल्प और बालों की सफाई में मदद करते हैं. यही वजह है कि इसे अक्सर आंवला और रीठा के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है. अगर आपको बहुत ज्यादा बिल्डअप या ऑयली स्कैल्प की शिकायत रहती है, तो शिखाकाई वाला हर्बल हेयर पैक या क्लीनिंग मिश्रण आजमाया जा सकता है. इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा करने से बाल रूखे भी हो सकते हैं, इसलिए जरूरत के हिसाब से ही इस्तेमाल करें.
गिलोय
आपने लोगों को गिलोय को आमतौर पर इम्युनिटी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते देखा होगा. लेकिन कुछ ट्रेडिशनल हेयर केयर रूटीन में भी इसका जिक्र मिलता है. इसे बालों के रूखेपन, डैंड्रफ और टूटने जैसी समस्याओं से जोड़कर इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि गिलोय को सीधे बालों पर लगाने या इसे खाने से पहले सावधानी जरूरी है. हर आयुर्वेदिक चीज हर व्यक्ति के लिए सही हो, ये जरूरी नहीं है.
आंवला पाउडर को न भूलें
बालों की बात हो और आंवला का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है. आंवले में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. आंवला पाउडर को पानी या किसी भी तेल के साथ मिलाकर हेयर पैक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. ये स्कैल्प की देखभाल और बालों को बेहतर लुक देने वाली ट्रेडिशनल हेयर केयर में शामिल किया जाता है. आंवला, शिखाकाई और रीठा का कॉम्बिनेशन भी काफी पुराने घरेलू हेयर केयर तरीकों में इस्तेमाल होता आया है.
रीठा से करें बालों की सफाई
रीठा को नेचुरल क्लीनजर के तौर पर जाना जाता है. इसमें मौजूद सैपोनिन बालों और स्कैल्प की सफाई में मदद करते हैं. इसलिए इसे शैंपू के देसी ऑप्शन के तौर पर लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है. रीठा पाउडर को अकेले या आंवला-शिखाकाई के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर आपके बाल पहले से बहुत ड्राई हैं, तो इसे कम ही इस्तेमाल करें क्योंकि इसके इस्तेमाल से बाल और ज्यादा रूखे हो सकते हैं.
सिर्फ पाउडर लगाने से नहीं रुकता हेयर फॉल
ये बात समझना सबसे जरूरी है कि किसी एक पाउडर को लगाने से अचानक बालों का झड़ना बंद नहीं हो जाता. हेयर फॉल के पीछे स्ट्रेस, पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, जेनेटिक्स, स्कैल्प की समस्या और कई दूसरी वजहें हो सकती हैं. इसलिए इन आयुर्वेदिक पाउडर को सपोर्टिव हेयर केयर की तरह देखें, इलाज की तरह नहीं. अगर बाल तेजी से झड़ रहे हैं, पैच बन रहे हैं या स्कैल्प में लगातार खुजली-लालिमा है, तो एक्सपर्ट से चेकअप कराना बेहतर रहता है.
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