राजस्थान के 5 निगमों में मेयर का फैसला आज: 370 पार्षद करेंगे मतदान; क्रॉस वोटिंग पर नजर

राजस्थान के पांच नगर निगमों में आज मेयर पद के लिए मतदान होगा। उदयपुर, बीकानेर, अलवर, पाली और अजमेर नगर निगम में सुबह 10 बजे से पार्षद मतदान करेंगे। मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोपहर तक पांचों निगमों की सियासी तस्वीर साफ हो जाएगी। इन पांच नगर निगमों में कुल 370 पार्षद मेयर का चुनाव करेंगे।

भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव से पहले अपने-अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी कर रखी है। ऐसे में मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की संभावना और पार्षदों के रुख पर दोनों दलों की नजर रहेगी। खासकर उन निगमों में मुकाबला दिलचस्प होगा, जहां दोनों दलों के बीच सीटों का अंतर कम है।

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पांच निगमों में भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने

उदयपुर, बीकानेर, अलवर, पाली और अजमेर में मेयर पद के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। कुछ निगमों में निर्दलीय पार्षदों की संख्या भी इतनी है कि वे चुनावी गणित को प्रभावित कर सकते हैं।

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इसी वजह से दोनों प्रमुख दल मतदान से पहले अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटे हैं। पार्षदों की बाड़ाबंदी के जरिए पार्टियां अपने-अपने खेमे को एक साथ रखने की कोशिश कर रही हैं। मतदान के दौरान अगर किसी पार्षद का वोट पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ जाता है तो इसका सीधा असर मेयर चुनाव के नतीजे पर पड़ सकता है।

भरतपुर और भीलवाड़ा में निर्विरोध चुने जा चुके मेयर

भरतपुर और भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा के मेयर निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इसलिए आज इन दोनों निगमों में मेयर पद के लिए मतदान नहीं होगा।

इस तरह आज होने वाले मतदान का सीधा असर उदयपुर, बीकानेर, अलवर, पाली और अजमेर के नगर निगम बोर्ड पर पड़ेगा। इन निगमों में मतदान के बाद मेयर पद के नतीजे सामने आएंगे और बोर्ड गठन की तस्वीर भी स्पष्ट होगी।

273 निकायों में अध्यक्ष पद के लिए भी मतदान

मेयर चुनाव के साथ ही राजस्थान की 273 नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के लिए भी आज मतदान होगा। प्रदेश के कुल 309 नगरीय निकायों में 32 अध्यक्ष पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।

इन निर्विरोध चुने गए अध्यक्षों में 28 भाजपा, दो कांग्रेस और दो भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। अब बाकी निकायों में होने वाले मतदान के बाद अध्यक्ष पद के चुनाव के नतीजे सामने आएंगे।

करीबी मुकाबले वाले निकायों पर खास नजर

आज के मतदान के बाद प्रदेश के निकाय बोर्ड के गठन की तस्वीर तेजी से साफ होगी। खास नजर उन नगर निकायों पर रहेगी, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला करीबी है और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है।

पांच नगर निगमों में 370 पार्षदों के मतदान के साथ यह भी साफ हो जाएगा कि किस निगम में किस दल का मेयर चुना जाता है। वहीं 273 निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव के नतीजों के बाद स्थानीय निकायों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।