पाकिस्तान की नई नापाक चाल, भारत के इस हिस्से को 5वां प्रांत बनाने की तैयारी; विधानसभा में पास हुआ प्रस्ताव
इस्लामाबाद (उत्तम हिन्दू न्यूज): पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज आने को तैयार नहीं है। अब इस पड़ोसी मुल्क ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र को अपना पांचवां प्रांत बनाने की दिशा में एक बड़ा और विवादित कदम उठाया है। गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करके पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि वह संविधान में संशोधन कर इस इलाके को देश का पांचवां आधिकारिक प्रांत घोषित करे।
संसद में जाएगा प्रस्ताव, आंतरिक कलह छिपाने की बड़ी साजिश
गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा से पास होने के बाद अब इस प्रस्ताव को पाकिस्तान की संसद के पास भेजा जाएगा। अगर संसद इस संविधान संशोधन को अपनी मंजूरी दे देती है, तो गिलगित-बाल्टिस्तान को औपचारिक रूप से पाकिस्तान का प्रांत बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस प्रस्ताव में क्षेत्र को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली और सीनेट में भी प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा और खैबर पख्तूनख्वा में विद्रोह जैसी चुनौतियों से घिरी पाकिस्तानी सरकार और सेना अपने आंतरिक संकट से ध्यान भटकाने के लिए यह नया दांव खेल रही है।
गठबंधन की सरकार बनते ही बदला राजनीतिक खेल
इस बड़े कदम के पीछे हालिया चुनाव के समीकरण भी अहम हैं। 7 जून को गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें भारी धांधली के आरोपों के बीच बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। किसी भी दल को बहुमत न मिलने पर पीपीपी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के बीच गठबंधन हुआ। इस सत्ता साझेदारी में मुख्यमंत्री और स्पीकर का पद पीपीपी को मिला, जबकि गवर्नर और डिप्टी स्पीकर का पद पीएमएल-एन के खाते में गया। गठबंधन की इसी नई सरकार ने अब यह प्रस्ताव पारित किया है।
2019 से रची जा रही थी यह खतरनाक साजिश
फिलहाल पाकिस्तान के संविधान में केवल पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा ही चार आधिकारिक प्रांत हैं और गिलगित-बाल्टिस्तान अब तक एक सीमित स्वायत्त व्यवस्था के तहत चलता रहा है। दरअसल, भारत द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A को हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने पहली बार इस क्षेत्र को पांचवां प्रांत बनाने की योजना दुनिया के सामने रखी थी। उस वक्त की इमरान खान सरकार इसे लागू नहीं कर पाई थी, लेकिन अब शहबाज शरीफ की सरकार इस एजेंडे को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है।
भारत का रुख एकदम स्पष्ट, पाकिस्तान को दो टूक
पाकिस्तान की इस अवैध हरकत पर भारत का रुख हमेशा से बेहद स्पष्ट रहा है। भारत का साफ तौर पर कहना है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान का इलाका भी पूरी तरह शामिल है, वह भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। भारत सरकार पाकिस्तान के ऐसे किसी भी एकतरफा और अवैध कदम को न तो मान्यता देती है और न ही उसकी कोई कानूनी वैधता स्वीकार करती है। भारत पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की इन नापाक हरकतों का कड़ा विरोध दर्ज करा चुका है।
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