देवगुरु बृहस्पति और वरुण ने बनाया नवपंचम योग, इन 5 राशियों की चमक सकती है किस्मत! मिलेगा करियर, धन और भाग्य का साथ
अध्यात्म
- Authored by: मोहित तिवारी
- Updated Jul 20, 2026, 03:14 PM IST
Guru Varun Navpancham Yoga 2026: 20 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति और वरुण एक-दूसरे से 120 डिग्री पर आ गए हैं। इससे नवपंचम योग बन गया है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह योग अच्छा रहेगा।
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नवपंचम योग से किनको होगा लाभ
Guru Varun Navpancham Yoga 2026 : वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान, विवाह, धन, गुरु कृपा और विस्तार का कारक माना जाता है। वहीं आधुनिक ज्योतिष में वरुण (नेपच्यून) को आध्यात्मिकता, अंतर्ज्ञान, शोध, कल्पनाशक्ति, रहस्य और गूढ़ ज्ञान का ग्रह माना जाता है। 20 जुलाई 2026 की दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर देवगुरु बृहस्पति और वरुण के बीच 120 डिग्री का शुभ कोण बन रहा है, जिससे नवपंचम योग का निर्माण होगा। इस समय बृहस्पति कर्क राशि में और वरुण मेष राशि में स्थित रहेंगे।
120 डिग्री का कोण ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि यह दोनों ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जाओं को एक-दूसरे के साथ सहज रूप से प्रवाहित करता है। कर्क राशि में बृहस्पति उच्च भावनात्मक बुद्धिमत्ता, संरक्षण और भाग्य को मजबूत करेंगे, जबकि मेष राशि में वरुण नए विचार, साहस और भविष्य की संभावनाओं को जागृत करेंगे। यह योग विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक रहेगा जो शिक्षा, शोध, प्रशासन, आध्यात्मिक क्षेत्र, निवेश, टेक्नोलॉजी, चिकित्सा और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े हैं। आइए जानते हैं किन राशियों को इस योग का सबसे अधिक लाभ मिल सकता है।
नवपंचम योग क्यों है खास
नवपंचम संबंध को ग्रहों के बीच सबसे संतुलित और शुभ संबंधों में गिना जाता है। जब बृहस्पति और वरुण जैसे ज्ञान एवं आध्यात्मिकता से जुड़े ग्रह इस योग में आते हैं, तो व्यक्ति की दूरदृष्टि बढ़ती है, सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है और भविष्य की योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यह योग अचानक लाभ से अधिक स्थायी प्रगति, ज्ञान, सम्मान और आध्यात्मिक विकास का संकेत देता है। आइए जानते हैं कि यह योग किन राशि वालों को ज्यादा लाभ देगा।
मेष राशि
मेष राशि के लिए वरुण लग्न में और बृहस्पति चतुर्थ भाव में रहेंगे। यह योग व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता, संपत्ति और पारिवारिक सुख को मजबूत करेगा। घर, भूमि, वाहन और रियल एस्टेट से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। जो लोग नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या करियर में नई दिशा तलाश रहे हैं, उन्हें अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। यह समय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का रहेगा। सूर्य को प्रतिदिन अर्घ्य दें, भगवान विष्णु की आराधना करें और पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें। इससे भाग्य और करियर दोनों में स्थिरता आएगी।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह योग सबसे अधिक प्रभावशाली रहेगा क्योंकि बृहस्पति आपकी ही राशि में स्थित होकर लग्न भाव को मजबूत करेंगे। लग्न में गुरु का प्रभाव आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा, जबकि मेष राशि में स्थित वरुण दशम भाव यानी करियर और कर्मक्षेत्र को नई दिशा देंगे। नौकरी में पदोन्नति, नई जिम्मेदारी, सरकारी क्षेत्र से लाभ और बिजनेस विस्तार के अवसर बन सकते हैं। लंबे समय से रुकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी और प्रभावशाली लोगों का सहयोग मिलेगा। इस अवधि में प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करें, 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का 108 बार जप करें तथा गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान करें। इससे गुरु का शुभ प्रभाव और अधिक मजबूत होगा।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए बृहस्पति द्वादश भाव और वरुण नवम भाव में रहेंगे। विदेश यात्रा, आध्यात्मिक साधना, शोध, उच्च शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय कार्यों में सफलता के योग बनेंगे। यदि लंबे समय से विदेश में नौकरी या पढ़ाई की योजना बना रहे हैं तो सकारात्मक समाचार मिल सकते हैं। आध्यात्मिक क्षेत्र में भी रुचि बढ़ेगी और अनुभवी गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। प्रत्येक गुरुवार को पीले पुष्प भगवान विष्णु को अर्पित करें, गरीब विद्यार्थियों को पुस्तकें दान करें और बृहस्पति मंत्र का जाप करें। इससे इस योग का शुभ प्रभाव और अधिक बढ़ेगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए बृहस्पति नवम भाव और वरुण षष्ठ भाव को सक्रिय करेंगे। नवम भाव में स्थित गुरु भाग्य, उच्च शिक्षा, विदेश यात्रा और गुरु कृपा के योग बना रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा और धार्मिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी। कार्यस्थल पर विरोधियों पर विजय मिलेगी और पुराने कानूनी मामलों में राहत मिल सकती है। गुरुवार को केले के वृक्ष की पूजा करें, पीली दाल का दान करें तथा विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इससे भाग्य का सहयोग और अधिक प्रबल होगा।
मीन राशि
मीन राशि के स्वामी स्वयं बृहस्पति हैं। इस समय बृहस्पति पंचम भाव और वरुण द्वितीय भाव को सक्रिय करेंगे। यह योग शिक्षा, संतान, निवेश, रचनात्मक कार्य और आर्थिक स्थिति के लिए अत्यंत अनुकूल रहेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है। शेयर बाजार या दीर्घकालिक निवेश में अनुभवी सलाह के साथ लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है और संतान पक्ष से सुख मिलेगा। भगवान नारायण की पूजा करें, केसर का तिलक लगाएं और गुरुवार को चने की दाल एवं हल्दी का दान करें। इससे गुरु की कृपा बढ़ेगी।
किन क्षेत्रों में सबसे अधिक लाभ मिलेगा
यह नवपंचम योग शिक्षा, शोध, चिकित्सा, आईटी, बैंकिंग, अध्यापन, प्रशासन, न्यायिक सेवाओं, विदेशी व्यापार, आध्यात्मिक कार्य, लेखन, कंसल्टेंसी, निवेश और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जा सकता है। लंबे समय से रुकी हुई योजनाओं में प्रगति होने की संभावना रहेगी और अनुभवी लोगों का सहयोग मिलेगा।
नवपंचम योग दौरान क्या करें
इस अवधि में गुरु, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें। गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करना, भगवान विष्णु की उपासना करना, जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता करना और सात्विक जीवनशैली अपनाना शुभ रहेगा। नए कौशल सीखने और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने के लिए भी यह समय अच्छा माना जा सकता है।
नवपंचम योग दौरान क्या न करें
अहंकार में आकर निर्णय लेने से बचें। बिना सलाह के बड़े निवेश न करें। गुरुजनों का अपमान, धार्मिक कार्यों की उपेक्षा और अनैतिक तरीकों से लाभ कमाने का प्रयास इस योग के शुभ प्रभाव को कम कर सकता है। किसी भी कानूनी या आर्थिक निर्णय में जल्दबाजी से बचना उचित रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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मोहित तिवारीauthor
मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।
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