सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 5.90 लाख की ठगी: 5 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, लैब टेक्नीशियन की नौकरी का दिया था झांसा - narmadapuram (hoshangabad) News

नर्मदापुरम में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में पांच साल से फरार चल रहा आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी तरुण उर्फ शशांक राव कोष्ठी को दूसरे मामले में नर्मदापुरम कोर्ट में पेशी पर आने के दौरान गिरफ्तार किया गया। यह करीब 11 साल पुराना

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पुलिस के अनुसार, 20 जून 2021 को इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें इंदौर के वंदना नगर निवासी तरुण उर्फ शशांक राव कोष्ठी, उसकी मां मनोरमा कोष्ठी और जीजा एच प्रवेश को आरोपी बनाया गया था। जांच के दौरान पुलिस मनोरमा कोष्ठी और एच प्रवेश को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि तरुण उर्फ शशांक फरार था।

सोमवार को आरोपी दूसरे मामले में कोर्ट में पेशी पर आया था। इसकी सूचना मिलने पर देहात थाने के एएसआई दिनेश मेहरा ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्तमान में इंदौर में रह रहा है और बेरोजगार है। मंगलवार शाम उसे कोर्ट में पेश किया गया।

नौकरी दिलाने के नाम पर लिए 5.90 लाख रुपए

पुलिस के मुताबिक, फरियादी पुरुषोत्तम देशमुख, निवासी कैरियर स्कूल के पास, नर्मदापुरम की मुलाकात वर्ष 2012-13 में रसूलिया स्थित हुंडई शोरूम में काम करने वाले आरोपी तरुण उर्फ शशांक से हुई थी।

जनवरी 2015 में आरोपी ने फरियादी से कहा कि उसके जीजा इंदौर के मेडिकल कॉलेज में हैं और वे उसकी बहन को लैब टेक्नीशियन की नौकरी दिला देंगे। इसके बाद वह फरियादी को इंदौर ले गया, जहां उसकी मां मनोरमा कोष्ठी ने भी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।

आरोपियों ने इसके बदले 8 लाख रुपए मांगे थे। बाद में 6 लाख रुपए में बात तय हुई। फरियादी ने अलग-अलग माध्यम से कुल 5.90 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए।

ज्वाइनिंग नहीं मिली, मोबाइल बंद मिला

फरियादी का आरोप है कि मई 2015 तक ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला। जब उन्होंने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला। रसूलिया स्थित हुंडई शोरूम पहुंचने पर पता चला कि उसका ट्रांसफर इंदौर हो गया है।

हुंडई शोरूम से भी रुपए लेकर भागने का आरोप

फरियादी आरोपी की तलाश में इंदौर स्थित हुंडई शोरूम पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि आरोपी शोरूम से भी रुपए लेकर भाग गया था। इसके बाद जब वे आरोपी के घर पहुंचे तो उसकी मां मनोरमा कोष्ठी ने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वहां से भगा दिया।

6 साल बाद दर्ज हुई एफआईआर

धोखाधड़ी की घटना के करीब छह साल बाद जून 2021 में फरियादी ने देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान मनोरमा कोष्ठी और एच प्रवेश को गिरफ्तार कर लिया गया था। मुख्य आरोपी तरुण उर्फ शशांक राव कोष्ठी फरार था, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है।