कोटा में ऊर्जा मंत्री की बैठक में ही गुल हुई बिजली, 5 मिनट अंधेरे में बैठे हीरालाल नागर- Video

मंत्री के सामने खुली विभाग की पोल.
Kota News: राजस्थान के कोटा में बिजली व्यवस्था की समीक्षा करने पहुंचे ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की बैठक के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने पूरे बिजली विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए. बिजली आपूर्ति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक के बीच अचानक सभागार की बिजली गुल हो गई. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर समेत सभी अधिकारी और कर्मचारी करीब 5 से 6 मिनट तक अंधेरे में बैठे रहे.
जनरेटर भी समय पर नहीं हुआ चालू
बैठक में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता मौजूद थे, लेकिन बिजली जाने के बाद तत्काल व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी. स्थिति उस समय और असहज हो गई, जब सभागार के बाहर बैकअप के लिए रखा गया जनरेटर भी समय पर शुरू नहीं हो पाया. इससे बैठक कुछ समय के लिए बाधित हो गई. सभागार में मौजूद अधिकारियों के बीच हलचल मच गई.
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समीक्षा बैठक में चर्चा का विषय बनी ये घटना
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के सामने हुई इस घटना ने बिजली विभाग की तैयारियों और आपातकालीन बैकअप व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी. जिस विभाग की जिम्मेदारी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की है, उसी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान बिजली गुल हो जाना चर्चा का विषय बन गया.
करीब पांच से छह मिनट बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने पर बैठक दोबारा शुरू की गई. हालांकि इस दौरान मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच घटना को लेकर काफी चर्चा होती रही. बैठक में बिजली आपूर्ति, रखरखाव और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मुद्दों पर समीक्षा की जा रही थी.
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ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की मौजूदगी में हुई इस घटना ने न केवल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी संकेत दिया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए बैकअप व्यवस्था को और अधिक मजबूत किए जाने की जरूरत है. घटना के बाद विभाग की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.

ध्वज आर्य
राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.
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