एसजीपीसी के यात्री निवास 50% खाली रहे, बसें न चलने से यात्रियों को करना पड़ा घंटों इंतजार - Amritsar News
बंद के चलते सिविल अस्पताल में कम मरीज पहुंचे। एसएमओ डॉ. रजनीश कुमार ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 700 से 750 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। हालांकि बंद के कारण शुक्रवार को मरीजों की संख्या घटकर सिर्फ 512 रह गई। बाजार बंद और आवाजाही प्रभ
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इसके अलावा शुक्रवार को शहर के कई सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की हाजिरी सामान्य दिनों के मुकाबले 80 प्रतिशत कम रही। परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण दूर-दराज से स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्कूलों में बाहर से शहर में पढ़ाने के लिए आने वाले शिक्षक वाहन नहीं मिलने के कारण ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके और उन्हें छुट्टी पर रहना पड़ा।
हलका वेस्ट : यहां मिलाजुला असर रहा। छेहर्टा में 9 बजे तक दुकानें और पेट्रोल पंप खुले रहे। इसके बाद इलाके के सभी पंप बंद कर दिए गए। प्रताप बाजार, नारायणगढ़, खंडवाला और कोट खालसा की कई दुकानें बंद तो कई खुली रहीं। नॉर्थ हलका : अधिकांश हिस्सों में इक्का-दुक्का दुकानों को छोड़कर बाकी बंद रही।
स्थानीय फतेहगढ़ चूडियां रोड स्थित निरंकारी कॉलोनी के बाहर मेन रोड पर कुछ दुकानें खुली रहीं। इसी तरह रणजीत एवेन्यू ई ब्लाक और आनंद पार्क रोड पर भी कुछ दुकानें खुली रही। बेशक कुछ दुकानें व शोरूम खुले थे मगर ग्राहक नाममात्र ही थे।
ईस्ट हलका : प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद रहे। जोड़ा फाटक बाजार, सुल्तानविंड रोड बाजार, चुंगी मंदिर मार्केट, चमरंग रोड मार्केट, पवन नगर मार्केट, जज नगर मार्केट और सुंदर नगर मार्केट में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। सुबह से दोपहर तक बाजारों में सामान्य दिनों के मुकाबले लोगों की आवाजाही बेहद कम रही।
‘पंजाब बंद’ का असर श्री हरमंदर साहिब में श्रद्धालुओं की आमद पर भी रहा। इसके अलावा एसजीपीसी के यात्री निवासों में भी बुकिंग 50 प्रतिशत कम रही। कुल उपलब्ध करीब 800 कमरों और हॉलों में से लगभग 400 कमरे खाली रहे।
आमतौर पर रोजाना एक लाख से अधिक श्रद्धालु सचखंड श्री हरमंदर साहिब में माथा टेकने पहुंचते हैं। हालांकि, बंद और यातायात प्रभावित होने के चलते शुक्रवार को महज 50 से 55 हजार श्रद्धालु ही पहुंचे। संगत की कम आमद के चलते सचखंड परिसर और आसपास के रास्तों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम नजर आई।
एसजीपीसी की ओर से बंद के समर्थन में कमेटी मुख्यालय व अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। एसजीपीसी के यात्री निवास मैनेजर गुरप्रीत सिंह ने कहा कि बंद के कारण यात्री निवासों में कमरों की बुकिंग और संगत की आमद 40 प्रतिशत से अधिक प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन यह प्रभाव केवल अस्थायी है।
22 अगस्त के लिए सरायों की बुकिंग पूरी तरह फुल हो चुकी है और ऑनलाइन बुकिंग भी तेजी से जारी है। भास्कर टीम | अमृतसर बंदी सिंहों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा के ‘पंजाब बंद’ का असर शहर में मिलाजुला रहा। चंद दुकानों को छोड़कर ज्यादातर दोपहर 2 बजे तक बंद रहीं। बंद के दौरान बसें और ऑटो की आवाजाही प्रभावित होने से श्री दरबार साहिब में भी संगत 40 प्रतिशत कम पहुंची।
इसके अलावा सिविल अस्पताल में ओपीडी 30 प्रतिशत और सरकारी स्कूलों में हाजिरी 80 प्रतिशत कम रही। निजी स्कूलों ने पहले ही छुट्टी कर दी है। शहर में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बंद के दौरान शहर के प्रवेश द्वार गोल्डन गेट पर रास्ता जाम करने की कोशिश कर रहे 7 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया।
हालांकि स्थिति नियंत्रण में रहने पर उन्हें बाद में छोड़ दिया गया। शहर में किसी भी तरह की ट्रैफिक समस्या नहीं आई हालांकि आवाजाही कम रही। पुलिस टीमें लगातार पेट्रोलिंग करती रहीं जिससे स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। 2 बजे के बाद बाजार खुल गए और बसों की आवाजाही भी शुरू हो गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।