सांसद निधि से मिले 50 लाख, हॉल का ढांचागत निर्माण कार्य पूरा हो चुका, फंड की अगली किस्त जारी होते शेष काम करेंगे - Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर इंसान जब अपने किसी प्रियजन को हमेशा के लिए खो देता है, तो टूट चुके उस दिल को ढांढस और कुछ पल का सुकून देने का काम करता है किशनपुरा चौक स्थित 100 साल पुराना ‘अंतिम स्थान स्वर्ग आश्रम'। गम और सन्नाटे के बीच यहां लहलहाते पौधे, पंचम
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दुखों के इस मोड़ पर इंसानियत और सेवा का हाथ थामे खड़े हैं मानव सेवा ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी तरसेम कपूर, जो बीते 40 सालों (1985) से बेलोभ भाव से इस पावन धाम की सेवा में समर्पित हैं। किशनपुरा चौक में स्थित अंतिम स्थान स्वर्ग आश्रम। मानव सेवा ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी तरसेम कपूर ने बताया कि आश्रम के कायाकल्प के लिए एमपी फंड से 50 लाख की राशि स्वीकृत हुई है।
इस राशि से यहां आने वाले लोगों की सुविधा के लिए एक विशाल एयर-कंडीशनर हॉल तैयार किया गया और शवदाह कुंडों का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। हॉल का ढांचागत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कुंडों का निर्माण कार्य फंड की अगली किस्त जारी होते ही तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। स्वर्ग आश्रम परिसर की हरियाली को बरकरार रखने का मुख्य उद्देश्य आसपास के वातावरण को पूरी तरह स्वच्छ और ऑक्सीजन युक्त बनाए रखना है।
पार्क में पीपल, अनार, जामुन जैसे छायादार और फलदार वृक्षों के साथ-साथ कई तरह के मेडिकल (औषधीय) और ऑक्सीजन देने वाले पौधे विशेष रूप से लगाए गए हैं। पार्क के बीचो-बीच एक आकर्षक फव्वारा स्थापित किया गया है, जिसके मध्य में विराजमान पंचमुखी भगवान शिव की आलौकिक प्रतिमा यहां आने वाले लोगों को आध्यात्मिक शांति का अहसास कराती है।
आश्रम के लंबे इतिहास को याद करते हुए मैनेजिंग ट्रस्टी तरसेम कपूर ने बताया कि मैं साल 1985 से निरंतर यहां अपनी सेवाएं दे रहा हूं। 1995 में मानव सेवा ट्रस्ट का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करवाया था। एक दौर था जब इस श्मशानघाट के आसपास आबादी नाममात्र थी और चारों तरफ केवल खेत ही खेत नजर आते थे। आज ये शहर के घने हिस्से में शामिल हो चुका है।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि श्मशानघाट एक ऐसी जगह है, जहां लोग अपनों को खोने के गहरे दुख में रोते हुए ही पहुंचते हैं। ऐसे शोक संतप्त परिजनों को दुख की उस घड़ी में कुछ पल का मानसिक सुकून और शांति देने के लिए परिसर में एक बेहद खूबसूरत पार्क विकसित किया गया है। स्वर्ग आश्रम को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने में दानवीरों व एमपी लैंड का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।
तरसेम कपूर के अनुसार आश्रम में बिजली की निर्बाध आपूर्ति और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने को समाजसेवियों के सहयोग से 10 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। वहीं पार्थिव देह को ससम्मान लाने-ले जाने के लिए समाजसेवियों ने 15.98 लाख रुपए की लागत वाली एक आधुनिक शव वाहन वैन भी आश्रम को भेंट की।