50 हजार की सैलरी में भी बन सकते हैं करोड़पति! समझ लीजिए SIP का ये गणित

महीने की पहली तारीख को सैलरी आते ही खर्चे सामने खड़े हो जाते हैं. ऐसे में आम आदमी के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना किसी दूर के सपने जैसा लगता है. जब हम 50 हजार रुपये महीना कमाते हैं, तो लगता है कि इसमें से इतनी बड़ी रकम कैसे जुड़ेगी. लेकिन वित्तीय बाजार के जानकारों की मानें, तो यह बिल्कुल मुमकिन है. बाजार का नियम है कि पहला करोड़ बनाने में ही सबसे ज्यादा वक्त लगता है, उसके बाद आपके पैसों की रफ्तार खुद-ब-खुद तेज हो जाती है. अगर आप सही योजना, अनुशासन और थोड़े धैर्य के साथ निवेश करें, तो एक आम सैलरी में भी करोड़पति बना जा सकता है. आइए, समझते हैं कि एसआईपी (SIP) के जरिए ये लक्ष्य कैसे हासिल किया जा सकता है.

50 हजार कमाने वाले कैसे जोड़ेंगे 1 करोड़ रुपये?

‘कार्मिक वेल्थ मेंटर्स’ के डायरेक्टर किरण गांधी बताते हैं कि 50 हजार रुपये कमाने वाला व्यक्ति भी अगर अपने खर्चों पर लगाम रखे और नियमित निवेश करे, तो करोड़पति बन सकता है. इसके लिए उन्होंने कुछ बहुत ही सीधे नियम बताए हैं. सबसे पहला काम यह करना है कि अपनी मासिक कमाई का कम से कम 20 से 30 फीसदी हिस्सा हर महीने बिना चूके म्यूचुअल फंड एसआईपी में निवेश करें.

इसके साथ ही, जीवन में अचानक आने वाले खर्चों या संकट से निपटने के लिए एक अलग ‘इमरजेंसी फंड’ जरूर बनाएं. इससे फायदा यह होगा कि आपको मजबूरी में अपना निवेश बीच में तोड़ना नहीं पड़ेगा. बेवजह के कर्ज लेने से बचें और बाजार में रातों-रात अमीर बनने या बहुत ज्यादा रिटर्न के लालच में न पड़ें. अपने पैसों को अलग-अलग जगह सही तरीके से बांटकर लगाएं और हर साल उसकी समीक्षा करते रहें.

12 हजार रुपये महीने की SIP का गणित

अब इसे आंकड़ों से समझते हैं. मान लीजिए कि आप हर महीने 12,000 रुपये की एसआईपी शुरू करते हैं. इस निवेश पर अगर आपको सालाना औसतन 12 फीसदी का रिटर्न मिलता है, तो लगातार निवेश करते रहने पर करीब 20 साल में आपका फंड 1 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच जाएगा. यानी अगर आप 25 से 30 साल की उम्र में नौकरी लगते ही यह शुरुआत कर देते हैं, तो 15 से 20 सालों के भीतर ही आप 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य बिना किसी भारी टेंशन के हासिल कर लेंगे.

20 साल का इंतजार नहीं करना, तो अपनाएं स्टेप-अप का तरीका

कई लोगों को लगता है कि 20 साल तो बहुत लंबा समय है. अगर आप इस लक्ष्य तक जल्दी पहुंचना चाहते हैं, तो ‘स्टेप-अप एसआईपी’ की आसान रणनीति अपना सकते हैं. इसका सीधा सा मतलब है कि जैसे-जैसे हर साल आपकी सैलरी में इंक्रीमेंट हो, वैसे-वैसे अपनी एसआईपी की रकम भी 10 से 15 फीसदी बढ़ा दें. हर साल निवेश में की गई यह छोटी सी बढ़ोतरी आपके 1 करोड़ रुपये के लक्ष्य को 20 साल से काफी पहले ही पूरा कर देगी.

म्यूचुअल फंड पर बढ़ रहा है आम आदमी का भरोसा

यह सिर्फ गणित नहीं है, बल्कि देश का आम नागरिक अब निवेश के इस तरीके पर खुलकर भरोसा जता रहा है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के नए आंकड़े बताते हैं कि छोटे निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है. जून 2026 में लोगों ने एसआईपी के जरिए 31,781 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो अब तक का एक बड़ा रिकॉर्ड है.

यह आंकड़ा मई 2026 के मुकाबले 2.7 फीसदी और पिछले साल जून 2025 की तुलना में 16.5 फीसदी ज्यादा है. एक साल पहले जहां देश में 8.64 करोड़ एसआईपी खाते चालू थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 9.78 करोड़ हो गई है. आज हालात यह हैं कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में एसआईपी का कुल पैसा (AUM) 17.70 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पूरी इंडस्ट्री की कुल संपत्ति का 21.5 फीसदी हिस्सा है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.

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