50s की वो 'पनौती' फिल्म, जिसकी वजह से बर्बाद हुआ था डायरेक्टर; महाफ्लॉप होने के बाद भी बनी कल्ट - kaagaz ke phool 50s unlucky film destroy guru dutt career and life become cult after flop

67 साल पहले हिंदी सिनेमा में एक ऐसी फिल्म को रिलीज किया गया था, जिसने डायरेक्टर के करियर को तबाह कर दिया था।

बॉलीवुड की बदनसीब फिल्म (फोटो क्रेडिट- एक्स)

बॉलीवुड की बदनसीब फिल्म (फोटो क्रेडिट- एक्स)

HighLights

  1. 67 साल पहले आई थी महाफ्लॉप

  2. डायरेक्टर ने सबकुछ लगाया था दांव पर

  3. फिल्म की असफलता से पहुंचा था सदमा

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा जगत में सफल और अधिक कमाई करने वाली फिल्मों के बारे में खूब चर्चा की जाती है। लेकिन बॉलीवुड के 100 साल से पुराने इतिहास में कई ऐसी मूवीज रही हैं, जो अपने समय में महाफ्लॉप साबित हुई थीं, लेकिन बाद में जाकर वे कल्ट बनीं। 

ऐसी ही एक फिल्म 67 साल पहले आई थी, जिसको बनाने के लिए निर्देशक ने अपना सुख चैन, सारा धन और मानसिक शांति सबकुछ दांव पर लगा दिया था। इसके बावजूद वह मूवी बॉक्स ऑफिस पर फेल साबित हुई। इसके बाद उस डायरेक्टर का करियर बर्बाद हो गया था। आइए उसके बारे में विस्तार से जानते हैं- 

सिनेमा की पनौती फिल्म

जिस मूवी के बारे में इस लेख में बात की जा रही है, उसे एक पनौती फिल्म भी कहा जा सकता है। क्योंकि फिल्म के निर्देशक ने इसके लिए काफी मेहनत की और सब कुछ दांव पर लगाने के बाद वह मूवी उस वक्त नहीं चल पाई। इसके बाद वह फिल्ममेकर और अभिनेता बुरी तरह बर्बाद हो गया। फिल्म की रिलीज के कुछ सालों बाद एक्टर का निधन भी हो गया था। दरअसल यहां बात गुरु दत्त स्टारर कागज के फूल (Kaagaz Ke Phool) की जा रही है। 

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Kaagaz ke phool

साल 1959 में गुरु दत्त (Guru Dutt) के निर्देशन में बनी कागज के फूल मूवी को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था। दत्त साहब ने इस मूवी का निर्देशन किया और लीड एक्टर का रोल भी प्ले किया था। इसके अलावा वेटरन अभिनेत्री वहीदा रहमान भी कागज के फूल का हिस्सा रहीं।

Kaagaz ke phool movie

बताया जाता है कि ये फिल्म गुरु दत्त के दिल के काफी करीब थी और उनको उम्मीद थी कागज के फूल एक बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित होगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और रिलीज के बाद कागज के फूल को क्रिटिक्स की तरफ से नेगेटिव रिव्यू मिले और सिनेमाघरों में इसे देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ भी नहीं पहुंची। जिसकी वजह से गुरु दत्त की कागज के फूल फ्लॉप हो गई। 

गुरु दत्त को पहुंचा था सदमा

कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जाता है कि कागज के फूल की असफलता ने गुरु दत्त को व्यक्तिगत तौर पर तोड़कर रख दिया था और उन्हें गहरा सदमा भी पहुंचा था। वह शराब की लत में पड़ गए और अंत में जाकर वह जिंदगी की जंग भी हार गए।