बटलर और ब्रुक के तूफान में उड़ा भारत, इंग्लैंड ने 56 रन से हराकर 4-0 से जीती टी20 श्रृंखला

साउथम्पटन, 11 जुलाई (भाषा) जोस बटलर ने अपने पुराने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाते हुए शानदार शतक जड़ा, जबकि कप्तान हैरी ब्रुक ने भविष्य के सितारे की तरह बल्लेबाजी करते हुए तूफानी पारी खेली जिससे इंग्लैंड ने पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 4-0 की ऐतिहासिक क्लीन स्वीप पूरी कर ली।

बटलर के 64 गेंदों में 131 रन और ब्रुक के 45 गेंदों में नाबाद 95 रन की बदौलत इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आया। बटलर और ब्रुक ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल हो गई।

विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने इस दौरे के सभी सात टी20 मुकाबलों में अपनी सबसे अच्छी बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन जीत के लिए यह प्रयास काफी नहीं था। भारत की पारी 20 ओवर में आठ विकेट पर 201 रन तक ही पहुंच सकी।

इशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन और आलोचनाओं का सामना कर रहे तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला, लेकिन उनकी पारियां टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सकीं।

Join Our Whatsapp Group

इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 1601 दिनों से चला आ रहा शीर्ष स्थान का दबदबा भी समाप्त कर दिया। नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारत की यह सात मैचों में छठी हार (एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था) रही,। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस मैच से पहले ही निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा का संकेत दे दिया था।

मैच में बटलर और ब्रुक ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। ब्रुक ने केवल 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि अनुभवी बटलर ने शतक तक पहुंचने के लिए 34 गेंदें लीं और अगले 50 रन केवल 17 गेंदों में पूरे कर दिए। उनकी पारी में 12 चौके और आठ छक्के शामिल रहे। यह 35 वर्षीय बटलर का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा शतक और करियर का सर्वोच्च स्कोर भी रहा।

अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने फिल साल्ट को आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई, लेकिन इसके बाद मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में चला गया।

बटलर और ब्रुक ने भारतीय गेंदबाजों पर ऐसा प्रहार किया कि दोनों ने मिलकर 16 छक्के लगाए—आठ-आठ छक्के। वहीं पूरी भारतीय टीम मिलकर केवल आठ छक्के लगा सकी। यही दोनों टीमों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर साबित हुआ।

बटलर का प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर फाइन लेग के ऊपर से लगाया गया छक्का, जिसमें उन्होंने शॉट के दौरान अपने ऊपरी हाथ को बल्ले से हटा लिया था, पारी का सबसे शानदार शॉट माना गया। इससे पहले उन्होंने इसी गेंदबाज को लॉन्ग ऑन के ऊपर से भी छक्का लगाया।

ब्रुक ने अक्षर पटेल के खिलाफ शानदार फुटवर्क दिखाया। उन्होंने दसवें ओवर में आगे निकलकर दो छक्के लगाए और उस ओवर में 25 रन बटोरे। इसके बाद भारतीय गेंदबाजी की लय पूरी तरह टूट गई। अक्षर ने चार ओवर में 63 रन खर्च किए और कोई विकेट हासिल नहीं किया।

प्रिंस यादव ने चार ओवर में 60 रन दिए। ब्रुक ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपनी तकनीक और नियंत्रण का बेहतरीन प्रदर्शन किया। फुल लेंथ गेंदों पर सीधे शॉट लगाए, जबकि छोटी गेंदों पर जगह बनाकर एक्स्ट्रा कवर और लॉन्ग ऑफ के ऊपर से रन बटोरे।

चोट के कारण हर्षित राणा के दौरे से बाहर होने के बाद टीम प्रबंधन को सूर्यांश शेडगे को मौका देना पड़ा, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए अभी पूरी तरह तैयार नजर नहीं आए। उन्होंने तीन ओवर में 39 रन दिए और अपने तीसरे ओवर में 24 रन लुटा दिए।

इसके बाद प्रिंस यादव के अगले ओवर में भी इंग्लैंड ने 21 रन बटोरे। एक समय भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर बाउंड्री के पास खड़े बेबस नजर आए।

भाषा आनन्द

आनन्द