लेनालिडोमाइड की कमजोर बिक्री से नैटको फार्मा का पहली तिमाही में मुनाफा 57 प्रतिशत गिरा

लेनालिडोमाइड की कमजोर बिक्री से नैटको फार्मा का पहली तिमाही में मुनाफा 57 प्रतिशत गिरा

लेनालिडोमाइड की कमजोर बिक्री से नैटको फार्मा का पहली तिमाही में मुनाफा 57 प्रतिशत गिरा

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IANS

14 Aug 2026

17:20 IST

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Natco Pharma Q1 net profit slumps 57 pc on weak Lenalidomide sales

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

मुंबई, 14 अगस्त (आईएएनएस)। दवा कंपनी नैटको फार्मा लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजों में मुनाफे और राजस्व में बड़ी गिरावट दर्ज की है। इस तिमाही कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (कंसो नेट प्रॉफिट) सालाना आधार पर 57 प्रतिशत घटकर 206.5 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 480.3 करोड़ रुपए था। कंपनी ने अपने नियामकीय फाइलिंग में बताया कि प्रदर्शन पर मुख्य दबाव उसकी कैंसर उपचार दवा लेनालिडोमाइड के जेनेरिक संस्करण की कमजोर बिक्री के कारण आया।

कंपनी की परिचालन आय (रेवेन्यू) भी पहली तिमाही में 44.7 प्रतिशत घटकर 735.2 करोड़ रुपए रह गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 1,328.9 करोड़ रुपए थी।

नैटको फार्मा ने कहा कि राजस्व में यह बड़ी गिरावट मुख्य रूप से लेनालिडोमाइड से होने वाली कमाई में कमी के कारण आई है। हालांकि कंपनी के अन्य प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में हुई वृद्धि ने इस असर को कुछ हद तक संतुलित किया।

तिमाही के दौरान कंपनी के परिचालन प्रदर्शन पर भी असर पड़ा। ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 67.4 प्रतिशत घटकर 186 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 571 करोड़ रुपए था। वहीं कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन भी घटकर 25.3 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 43 प्रतिशत था। यह संकेत देता है कि बिक्री में कमी का सीधा प्रभाव लाभप्रदता पर पड़ा है।

हालांकि कंपनी ने लागत नियंत्रण के मोर्चे पर कुछ सफलता हासिल की। अप्रैल-जून तिमाही में कुल खर्च 608.8 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 818.7 करोड़ रुपए से कम है। इसके बावजूद राजस्व में आई तेज गिरावट के कारण मुनाफे पर दबाव बना रहा।

कंपनी के विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो घरेलू फार्मूलेशन कारोबार ने मजबूत वृद्धि दर्ज की। इस खंड से प्राप्त राजस्व बढ़कर 136.4 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एक साल पहले यह 107 करोड़ रुपए था।

इसके विपरीत, कंपनी के अंतरराष्ट्रीय फार्मूलेशन कारोबार में भारी गिरावट देखने को मिली। इस खंड का राजस्व घटकर 477.1 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 1,120.9 करोड़ रुपए था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लेनालिडोमाइड बिक्री में आई कमजोरी इस गिरावट का प्रमुख कारण रही।

सकारात्मक पक्ष यह रहा कि कंपनी का एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) कारोबार बढ़ा है। इस खंड से राजस्व बढ़कर 66.7 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यह 52.6 करोड़ रुपए था।

तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए 1.50 रुपए प्रति इक्विटी शेयर अंतरिम डिविडेंड देने की भी घोषणा की है।

इसके अलावा, बोर्ड ने भविष्य की विकास योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के उद्देश्य से 2,000 करोड़ रुपए तक की राशि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) और अन्य अनुमत साधनों के जरिए जुटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। कंपनी का मानना है कि इससे भविष्य के विस्तार और रणनीतिक निवेश के लिए वित्तीय लचीलापन मिलेगा।

–आईएएनएस

डीबीपी

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