न डिग्री, न रजिस्ट्रेशन फिर भी इलाज... कर्नाटक में 583 फर्जी डॉक्टर मिले, विभाग अलर्ट
Karnataka fake doctors: बेंगलुरु समेत पूरे कर्नाटक में नकली क्लीनिक और बिना वैध डिग्री वाले डॉक्टरों का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है. बिना उचित डिग्री, प्रशिक्षण और पंजीकरण के लोगों का इलाज करने वाले कथित फर्जी डॉक्टर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं. कोविड महामारी के बाद ऐसे क्लीनिकों की संख्या बढ़ने की शिकायतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अब इनके खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है.
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में अब तक 583 से ज्यादा फर्जी डॉक्टरों की पहचान की जा चुकी है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है. हालांकि, विभाग के पास अभी भी ऐसे डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों को लेकर लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं. विभाग ने एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी और नेचुरोपैथी के नाम पर बिना जरूरी योग्यता के इलाज करने वालों की सूची भी तैयार की है.
मोबाइल क्लीनिक बनाकर बदलते हैं ठिकाने
स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह भी सामने आया है कि बेंगलुरु और राज्य के सीमावर्ती जिलों में कुछ लोग कथित तौर पर मोबाइल क्लीनिक चला रहे हैं. ये लोग कार्रवाई से बचने के लिए रोजाना अपना ठिकाना और मोबाइल नंबर तक बदल देते हैं. ऐसे लोग अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर मरीजों का इलाज करते हैं और बाद में वहां से गायब हो जाते हैं.
बिना MBBS डिग्री के खोल रहे क्लीनिक
विभाग के अनुसार, कुछ बेरोजगार लोगों ने लोगों की बीमारी को कमाई का जरिया बना लिया है. आरोप है कि वे बिना MBBS जैसी मान्य मेडिकल डिग्री के ही क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं. ऐसे कथित डॉक्टरों द्वारा मरीजों को दी जाने वाली अवैज्ञानिक दवाओं और गलत उपचार से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने का खतरा बना रहता है.
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को किया अलर्ट
नकली डॉक्टरों से होने वाले खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है. विभाग ने कहा है कि किसी भी क्लीनिक या अस्पताल में इलाज कराने से पहले डॉक्टर की डिग्री, प्रमाणपत्र और अस्पताल या क्लीनिक का पंजीकरण जरूर जांचना चाहिए.
विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि केवल आसपास या आसानी से उपलब्ध होने के आधार पर किसी भी क्लीनिक में इलाज न कराएं. गंभीर या आपात स्थिति में मान्यता प्राप्त अस्पताल और पंजीकृत चिकित्सक से ही संपर्क करें.
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके इलाके में कोई व्यक्ति बिना जरूरी योग्यता या पंजीकरण के डॉक्टर बनकर इलाज कर रहा है, तो इसकी सूचना विभाग को दें. अधिकारियों का कहना है कि नकली डॉक्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को सफल बनाने में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है.
हाल ही में सरकार ने मिलावटी या दूषित भोजन परोसने वाले होटलों के खिलाफ कार्रवाई की थी. अब स्वास्थ्य विभाग का फोकस नकली डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों के नेटवर्क पर है. विभाग का कहना है कि लगातार निगरानी और लोगों की जागरूकता के जरिए ही इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है.
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