जबलपुर: नकली खाद की आशंका, 60 बोरी DAP से भरा मिनी ट्रक पकड़ा; जानें क्या है पूरा मामला| Navbharat Live
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सार
Action Against Fake DAP Fertilizer: जबलपुर में कृषि विभाग का बड़ा एक्शन, मझौली चौराहे पर बिना दस्तावेज 60 बोरी संदिग्ध DAP खाद से भरा मिनी ट्रक जब्त, जांच के लिए भेजे गए सैंपल।

जबलपुर में कृषि विभाग ने पकड़ा डीएपी से भरा वाहन (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Jabalpur Department of Agriculture Seize Truck: मध्य प्रदेश के जबलपुर में किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएपी खाद से भरे एक मिनी ट्रक को जब्त कर लिया है। मामला मझौली चौराहा, कटनी रोड का है, जहां विभाग की टीम ने संदेह के आधार पर वाहन की जांच की। तलाशी के दौरान ट्रक में 60 बोरी डीएपी खाद मिली।
शुरुआती जांच में खाद की गुणवत्ता और उसके स्रोत को लेकर संदेह पैदा होने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल खाद के नमूने प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
दस्तावेज नहीं दिखा सका चालक, बढ़ा संदेह
जांच के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने वाहन चालक से खाद की खरीद, परिवहन और बिक्री से जुड़े आवश्यक दस्तावेज मांगे। हालांकि चालक किसी भी प्रकार का वैध बिल, चालान या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। दस्तावेजों के अभाव में अधिकारियों को खाद की वैधता और गुणवत्ता पर संदेह गहरा गया। इसी आधार पर विभाग ने ट्रक और उसमें मौजूद डीएपी खाद को संदिग्ध मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि बिना दस्तावेज बड़ी मात्रा में उर्वरक का परिवहन नियमों के विरुद्ध है और इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी।
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सैंपल लैब भेजे, ट्रक पनागर थाने में कराया खड़ा
कृषि विभाग की टीम ने मौके पर ही डीएपी खाद के नमूने लिए और उन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिया। साथ ही 60 बोरी खाद से भरे मिनी ट्रक को जब्त कर पनागर थाने में सुरक्षित खड़ा कराया गया है, ताकि जांच पूरी होने तक सामग्री के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। विभाग का कहना है कि वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाद असली है या नकली तथा निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।
रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई, किसानों के हित सर्वोपरि
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यदि प्रयोगशाला जांच में डीएपी खाद नकली या मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों तक गुणवत्तायुक्त उर्वरक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और नकली खाद बेचने या परिवहन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अब सभी की नजर प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
